बिलासपुर 18 सितंबर: गोबिंद सागर जलाशय में आयोजित 12 दिवसीय ‘संकल्प सेलिंग एक्सपेडिशन-2026’ का आज लुहणू घाट, बिलासपुर में सफलतापूर्वक समापन हुआ। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने लुहणू घाट पर इस अभियान के समापन की घोषणा की। अभियान में हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से करीब 70 एनसीसी कैडेट्स ने भाग लिया। कैडेट्स ने गोबिंद सागर जलाशय में लगभग 330 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए साहस, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का परिचय दिया।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सभी एनसीसी कैडेट्स को सफल अभियान के लिए बधाई देते हुए कहा कि एनसीसी युवाओं में अनुशासन, सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कैडेट्स का आह्वान किया कि एनसीसी के दौरान अर्जित अनुभवों और जीवन मूल्यों को वे अपने जीवन का हिस्सा बनाएं तथा समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि एनसीसी में सीखा अनुशासन, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना युवाओं के व्यक्तित्व विकास में लंबे समय तक उपयोगी सिद्ध होती है।
शिक्षा मंत्री ने ‘संकल्प’ सेलिंग एक्सपेडिशन के दौरान कैडेट्स द्वारा स्वच्छता, नशामुक्ति, टीबी मुक्त भारत, नारी शक्ति के सशक्तिकरण और स्वस्थ समाज का संदेश देने के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान युवाओं को साहसिक गतिविधियों से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि के रूप में भी पहचान मिली है। प्रदेश के वीरों ने देश की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मेजर सोमनाथ शर्मा, सूबेदार मेजर धन सिंह थापा, कैप्टन विक्रम बत्रा और बिलासपुर की वीरभूमि से जुड़े मेजर जोरावर सिंह जैसे वीरों की गौरवगाथाएं युवा पीढ़ी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगी। उन्होंने कैडेट्स से इन महान वीरों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की साक्षरता दर 99.50 प्रतिशत तक पहुंचने के साथ हिमाचल प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। प्रदेश सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दे रही है, ताकि युवा बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षा और कौशल विकास पर समान रूप से ध्यान केंद्रित करते हुए प्रदेश के मानव संसाधन को और अधिक सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की आवश्यकताओं और भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है। उनके सर्वांगीण विकास, व्यावहारिक ज्ञान, आत्मविश्वास और कौशल निर्माण पर भी विशेष ध्यान देना आवश्यक है। एनसीसी जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों में नेतृत्व, अनुशासन, निर्णय लेने की क्षमता और टीम भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
समापन अवसर पर बहुउद्देशीय सांस्कृतिक परिसर, बिलासपुर में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। विभिन्न राज्यों से आए एनसीसी कैडेट्स ने हिमाचली नाटी, हरियाणवी नृत्य और गिद्दा सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर देश की सांस्कृतिक विविधता की सुंदर झलक प्रस्तुत की। शिक्षा मंत्री ने कैडेट्स की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को विभिन्न राज्यों की संस्कृति और परंपराओं को समझने तथा राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने का अवसर प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान ‘संकल्प’ सेलिंग एक्सपेडिशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एनसीसी कैडेट्स को सम्मानित किया गया। शिक्षा मंत्री ने कैडेट्स को सम्मानित करते हुए उनके साहस, अनुशासन, समर्पण और टीम भावना की सराहना की तथा उन्हें भविष्य में भी इसी उत्साह और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर पूर्व विधायक तिलक राज शर्मा, बम्बर ठाकुर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजना धीमान, ब्रिगेडियर हरप्रीत सिंह, कर्नल जी.पी. सिंह, कर्नल आदित्य वर्मा, 1 एचपी नवल यूनिट एनसीसी बिलासपुर के कमांडिंग ऑफिसर सज्जन कुमार, एनसीसी के वरिष्ठ अधिकारी, एएनओ, कैडेट्स, एसडीएम तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।