हिसार, 12.02.26-- श्री प्रयागगीरी शिवालय ट्रस्ट में श्रीमद् भागवत महापुराण की कथा ट्रस्ट के प्रधान बजरंग गर्ग नेतृत्व में भव्य आयोजन हुआ। जिसमें महामंडलेश्वर साध्वी करुणा गिरी ने श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के चौथे दिन माता साध्वी करुणा गिरि ने बताया कि अगर कोई संतान संकल्प करके कोई काम करता है तो उसका काम निश्चय ही सफल होता है। अगर कोई तप करता है तो उसका सुफल अवश्य मिलता है। श्रीमद् भागवत के प्रभाव से असंभव व कठिन प्रतीत होने वाले लक्ष्य भी साधक सरलता से प्राप्त कर लेता है। यह एक ऐसा उपनिषद है जो मानव मात्र को सफल जीवन जीना हो नहीं सिखाता बल्कि उसे मोक्ष भी दिलाता है। कलयुग की हर समस्या का समाधान भागवत के माध्यम से संभव है। राजा सागर के 60 हजार पुत्रों व अन्य पितरों को सद्गगति राजा भागीरथ ने कठोर तप से गंगा जी को लाकर दिलाई व मोक्ष प्रदान करवा कर संसार की भी भलाई की। विदुर के कठोर तप से प्रसन्न होकर भगवान श्री कृष्ण जी ने उन्हें बिना मांगे सब कुछ दिया। उसी प्रकार मानव को सदैव ईश्वर के प्रति लगन व श्रद्धा भाव रखते हुए अपना जीवन व्यतीत करना चाहिए अगर हम ऐसा करते हैं तो ठीक वैसे ही जैसे देवकी वासुदेव के घर स्वयं भगवान अवतरित हुए थी। वैसे ही नारायण स्वयं हम घर आ सकते है। अटूट आस्था व प्रेम के बल पर ही शिवालय मंदिर ट्रस्ट के प्रधान बजरंग गर्ग ने प्रमुख समाजसेवी संजय गुप्ता, राकेश क्रांति, ऋषि गर्ग, जयप्रकाश डालमिया, रणवीर शर्मा, डॉ बालकिशन गुप्ता, गुलशन महाजन, भीम महाजन, नरेंद्र गांधी, जगदीश राजपाल, नितिन खटाना को विशेष सामान देकर सम्मानित किया।

बजरंग गर्ग ने संबोधित करते हुए कहा कि भगवान श्री कृष्ण जी के जन्म उत्सव पर धर्म प्रेमी काफी देर तक नाचते रहे। कथा पंडाल को दुल्हन की तरह सजाया गया। भागवत कथा भगवान श्री कृष्ण जी के जन्म बाल लीला, गीता ज्ञान, कंस वध और उनके द्वारा दी गई कर्म की शिक्षा केद्रित है। बजरंग गर्ग ने कहा कि कल की कथा में श्री गोवर्धन पूजा व छप्पन भोग का आयोजन होगा।राजा बलि ने स्वयं नारायण को अपने घर पर रख वाली के लिए रख लिया था। तब साक्षात मां लक्ष्मी को भी बलि के घर दासी बन कर रहना पड़ा था।इस अवसर पर ओमप्रकाश असीजा, सुरेंद्र सिंगला, जगत नारायण, नारायण दास बंसल, रमेश पटवारी, सुभाष बंसल, रामावतार सिंगला, किशन लाल बागडी, ज्योति महाजन, आदि भक्त भारी संख्या में मौजूद रहे।