हिसार10.02.26-- श्री प्रयागगीरी शिवालय ट्रस्ट में श्रीमद् भागवत महापुराण की कथा ट्रस्ट के प्रधान बजरंग गर्ग नेतृत्व में भव्य आयोजन हुआ। जिसमें महामंडलेश्वर साध्वी करुणागिरी ने श्रीमद् भागवत महापुराण के दूसरे दिन भागवत महापुराण को आगे बढ़ाते हुए कहा कि आज के समय व्यक्ति के जीवन के व्यवहारिक, व्यापारिक और दैनिक जीवन की अति आवश्यकता है। व्यक्ति को जितना अधिक आवश्यकता हो अध्यात्म की ओर मुडने की उतना अधिक आवश्यकता व्यवहार में लाने की। कथा जीवन की व्यथा को समाप्त करती है। इंसान को अपने जीवन में भागवत महापुराण के महात्म को भी अपने व्यवहार में लाना चाहिए। करुणा गिरी जी ने उसका विस्तार से वर्णन किया। श्रीमद् भागवत महापुराण जीवन के हर पहलू को छूती है।
श्रीमद् भागवत महापुराण में श्री कृष्ण जी ने अपनी अनेक लीलाओं को करके जीवन के उस सूत्र को दिया और कहा जो मैं करू वो आप मत करना और जो मैं कहूं वो आप करना। श्रीमद् भागवत महापुराण जीना सिखाती है और मरना सिखाती है। श्रीमद् भागवत महापुराण में यह भी बताया गया कि तीर्थ यात्रा कैसे करनी चाहिए, उस पर विस्तार से चर्चा की। शिवालय
मंदिर ट्रस्ट के प्रधान बजरंग गर्ग ने आए अतिथि मेयर प्रवीण पोपली, अग्रवाल समिति के प्रधान शिव कुमार गोयल, प्रमुख समाजसेवी प्रवीण जैन, रवि भुटानी, सुरेंद्र गर्ग, राधा कृष्ण खटाना, शेर सिंह गुज्जर, हेमन्त खटाना, मांगेराम रालवासिया, वीर सिंह खालिया, पार्षद संजय डालमिया को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। बजरंग गर्ग ने धर्म प्रेमियों को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत श्री कृष्ण का वांग्मय स्वरूप 7 दिवसीय महायज्ञ और आत्मा-परमात्मा का मिलन है। जिसमें भगवान श्री कृष्ण जी की लीलाओं का सार है। कथा के उपरांत 16 फरवरी को विशाल भण्डारा व हवन होगा। इस अवसर पर सज्जन गुप्ता, नारायण दास बंसल, सुरेंद्र सिंगला, जगत नारायण, रमेश पटवारी, विनोद ठकराल, विनय अग्रवाल, डॉ अशोक कुमार, रितेश कुमार, सत्येंद्र गोयल, श्रीमती अंगूरी देवी आदि भक्त भारी संख्या में मौजूद रहे।