घुमारवीं (बिलासपुर) 03 फरवरी: घुमारवीं स्थित पीएम श्री राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के परिसर में 69वीं राष्ट्रीय स्कूल गेम्स की अंडर-19 छात्रा हैंडबाॅल राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में देश भर से विभिन्न राज्यों, केन्द्र शासित प्रदेशों तथा शैक्षणिक संगठनों की 30 टीमें भाग ले रही हैं।
इस बीच विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए स्थानीय विधायक एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी समय-समय पर खेल मैदान पंहुच कर खिलाडियों से निरंतर संवाद स्थापित कर रहे हैं। इस दौरान जहां खिलाडियों को दी जा रही विभिन्न सुविधाओं की जानकारी हासिल कर रहे है तो वहीं मैस में पंहुचकर खिलाडियों के साथ बैठकर भोजन भी कर रहे है।
इस मौके पर बोलते हुए राजेश धर्माणी ने कहा कि बिलासपुर जिला के घुमारवीं में पहली बार किसी राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाना महज एक शुरुआत है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करने पर भी ध्यान केन्द्रित किया जाएगा। घुमारवीं में खेल अधोसंरचना को मज़बूती प्रदान करने के लिए कार्य किया जा रहा है तथा यहां जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर का हैंडबाॅल इंडोर स्टेडियम बनकर तैयार हो जाएगा।
राजेश धर्माणी ने कहा कि ऐसे आयोजनों के दौरान आवास की समस्या के सथाई समाधान के लिए औहर में 200 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटन परिसर स्थापित किया जा रहा है जिसमें एक साथ 200 कमरों की सुविधा उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस परिसर के विकसित हो जाने से बडे़ खेल आयोजनों एवं अन्य कार्यक्रमों के लिए हमारी क्षमता में भी वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि हमारे क्षेत्र में ऐसे बडे़ खेल आयोजनों के भविष्य में बहुआयामी परिणाम देखने को मिलेंगे। इससे न केवल खेल गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा बल्कि खेल पर्यटन को भी बल मिलेगा। ऐसे बडे़ आयोजनों से बाहरी राज्यों से आने वाले लोग एवं खिलाडी प्रदेश की लोक कला एवं संस्कृति, वातावरण, स्थानीय व्यंजनों का आनन्द लेने के साथ-साथ लोगों से भी संवाद स्थापित करते है। साथ ही देश एक सूत्र में बंधता है, आपसी मेल-जोल को बढावा मिलने के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता और अखंडता की भावना भी मज़बूत होती है।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि हमारी पीढ़ी को सशक्त बनाने तथा उनका चंहुमुखी विकास सुनिश्चित बनाना जहां सरकार और समाज का दायित्व है तो वहीं बच्चे भी खेलों के प्रति रुचि दिखाते हुए स्वयं को नशे जैसी सामाजिक कुरितियों से दूर रखें। उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से न केवल व्यक्ति का शारीरिक व मानसिक विकास होता है बल्कि जीवन में सकारात्मकता का भाव भी जागृत होता है।