सोलन-दिनांक 03.02.2026-अर्की के विधायक संजय अवस्थी ने कहा कि बागवानी हिमाचल की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है और प्रदेश सरकार इस क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर इसके माध्यम से आर्थिकी को अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। संजय अवस्थी आज अर्की विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत दावटी के गांव दाती ब्राह्मणा में एच.पी.शिवा परियोजना के तहत आलुबुखारा पौधारोपण अभियान का शुभारम्भ करने के उपरांत जनसमूह को सम्बोधित कर रहे थे।
विधायक ने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक पहाड़ी क्षेत्र है और राज्य की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने में बागवानी का अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 2.37 लाख हेक्टेयर भूमि पर बागवानी की जा रही है। राज्य में फलों का वार्षिक उत्पादन लगभग 6.48 लाख मीट्रिक टन है। उन्होंने कहा कि बागवानी क्षेत्र का राज्य की वार्षिक आय में लगभग 05 हजार करोड़ रुपए का योगदान है। प्रदेश सरकार सेब के साथ-साथ अन्य फलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए गम्भीर प्रयास कर रही है।
संजय अवस्थी ने कहा कि कुनिहार विकास खण्ड में शिवा परियोजना के तहत प्रथम चरण में 07 कलस्टर बनाए गए हैं। इनमें दाती, चुनाड, सेर देलग, गियाना, पजीना, जैलंग व दसेरन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन 07 कलस्टरों में प्लम की सांता रोजा, ब्लैक एम्बर, रेड ब्यूट प्रजाति के 5991 पौधे रोपित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दाती कलस्टर में 10 हैक्टेयर भूमि पर ब्लैक एम्बर व रेड ब्यूट प्रजाति के लगभग 06 हजार पौधे रोपित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शिवा परियोजना के तहत नालागढ़ विकास खण्ड में बेलीखोल, बतीयाख, डोली, सौर और पल्ली में 05 कलस्टर विकसित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि परियोजना के तहत सिंचाई व्यवस्था की जा रही है, सोलर फेसिंग का प्रावधान है तथा अन्य सुविधाएं भी सृजित की जा रही हैं।
विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश को कृषि और बागवानी के क्षेत्र में आर्थिकी रूप से और मज़बूत बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है और आरम्भिक चरण में प्राकृतिक खेती से तैयार गेहूं, मक्की और हल्दी का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। इससे जहां प्राकृतिक खेती प्रोत्साहित हो रही है वहीं किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही पशुपालकों की आय में बढ़ौतरी के लिए गाय व भैंस के दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य को भी बढ़ाया गया है।
विधायक ने कहा कि शिक्षित बेरोज़गार युवाओं को कृषि क्षेत्र से जोड़ा जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कृषि बेहतर स्वरोज़गार का माध्यम है और प्राकृतिक कृषि तथा शिवा परियोजना जैसी योजनाएं युवाओं को आर्थिकी रूप से सशक्त बना सकती हैं। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि नई योजनाओं, आधुनिक तकनीक व प्रबंधन तथा प्रशिक्षण को व्यवहारिक रूप से युवाओं तक पहुंचाएं।
संजय अवस्थी ने कहा कि ब्रायली से बुडमोस्टोटी से दाती शिवनगर सम्पर्क मार्ग के निर्माण कार्य के लिए 09 लाख रुपए की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। शीघ्र ही इसका निर्माण कार्य आरम्भ हो जाएगा।
विधायक ने दाती गांव की कुल देवी मंदिर के समीप सुरक्षा दीवार के लिए 02 लाख रुपए तथा दाती में सामुदायिक भवन की मुरम्मत व रखरखाव के लिए 1.50 लाख रुपए देने की घोषणा की।
उन्होंने इस अवसर पर प्लम का पौधा रोपकर अभियान का शुभारम्भ किया।
संजय अवस्थी ने तदोपरांत ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत जन समस्याएं सुनी और सम्बन्धित अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत दावटी की पूर्व प्रधान इन्द्रा शर्मा, ग्राम पंचायत दावटी के पूर्व उप प्रधान हीरा सिंह कौंडल, उपमण्डलाधिकारी अर्की निशांत तोमर, खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुक्ता रस्तोगी, शिवा परियोजना के निदेशक डॉ. रमल अंगारिया, बागवानी विभाग की उप निदेशक शिवाली ठाकुर, ज़िला समन्वयक देवेन्द्र अत्री सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कृषक, बागवान व स्थानीय निवासी उपस्थित थे।