धर्मशाला, 31 जनवरी : जिला कांगड़ा में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एक व्यापक और समन्वित अभियान चलाने की आवश्यकता है। नशे की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, अन्य संबंधित सरकारी विभागों के साथ-साथ क्षेत्र में कार्यरत गैर सरकारी संस्थाओं और आम समाज को संगठित रूप से कार्य करना होगा। यह बात एडीएम शिल्पी बेक्टा ने राष्ट्रीय नार्को समन्वय पोर्टल (एनसीओआरडी) की जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
शनिवार को उपायुक्त कार्यालय परिसर स्थित एनआईसी सभागार में आयोजित बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएनटीएफ) राजेन्द्र जसवाल भी उपस्थित रहे।
एडीएम शिल्पी बेक्टा ने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए जिले में एक पूर्णतः समर्पित जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग तथा गैर सरकारी संस्थाएं आपसी समन्वय से जागरूकता सामग्री तैयार करें। उन्होंने नशे के आदी व्यक्तियों तथा संभावित आसक्त युवाओं के लिए अलग-अलग जागरूकता सामग्री विकसित करने पर बल दिया, ताकि प्रत्येक वर्ग को उसकी स्थिति के अनुरूप प्रभावी ढंग से जागरूक किया जा सके।
शिल्पी बेक्टा ने निर्देश दिए कि जिले में चल रहे निजी नशा निवारण एवं पुनर्वास केंद्रों का नियमित और निरंतर निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि स्कूल स्तर पर नशे के दुष्प्रभावों को लेकर गंभीर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि स्कूलों में गठित प्रहरी क्लबों को सक्रिय किया जाए। साथ ही ‘संवाद’ (एस.ए.एम.वी.ए.ए.डी. – सिस्टेमैटिक अडोलसेंट मैनेजमेंट एंड वैल्यू एडीशन डायलॉग) कार्यक्रम के माध्यम से स्कूली बच्चों के बीच शिक्षा एवं जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों को प्रभावी रूप से संचालित किया जाए।
उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार को नियंत्रित करने और युवाओं को इससे बाहर निकालने के लिए समाज के हर वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने आमजन से अपील की कि नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं अथवा इससे जुड़े मामलों की जानकारी बिना किसी भय या झिझक के पुलिस प्रशासन को दें। उन्होंने आश्वस्त किया कि पुलिस प्रशासन ऐसे मामलों में पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि नशे से संबंधित शिकायतों के लिए 1933 टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर प्रभावी रूप से कार्यरत है, जिस पर कोई भी व्यक्ति गोपनीय रूप से सूचना दे सकता है। इसके अतिरिक्त नशे की रोकथाम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एनसीओआरडी की बैठकें एवं कार्रवाई उप-मंडल (सब-डिवीजन) स्तर पर भी सुनिश्चित की जाएंगी, ताकि जमीनी स्तर पर समन्वय और निगरानी को मजबूत किया जा सके।
बैठक में एसडीएम मोहित रत्न, जिला कल्याण अधिकारी साहिल मांडला, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश सूद, डॉक्टर महिमा, जिला रेडक्रॉस के सचिव ओपी शर्मा, असिस्टेंट कमिश्नर एक्साइज विनोद कुमार, डिप्टी डायरेक्टर प्रारंभिक शिक्षा अजय संब्याल, प्राचार्य गवर्नमेंट कॉलेज धर्मशाला राकेश पठानिया, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिले के सभी एसडीएम, डीएसपी तथा बीएमओ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।