मैहतपुर-बसदेहड़ा के नो पार्किंग व नो वेंडिंग ज़ोन में आंशिक संशोधन
अब सोमवार की बजाय हर शुक्रवार को पुराने स्थल पर लगेगी सब्ज़ी मंडी
ऊना, 31 जनवरी। जिला प्रशासन ऊना द्वारा यातायात व्यवस्था को सुचारू, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से मेहतपुर-बसदेहड़ा क्षेत्र में नो पार्किंग एवं नो वेंडिंग ज़ोन घोषित किए थे। इस संबंध में मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 115 एवं 117 के तहत जारी किए गए आदेशों में जिला दंडाधिकारी ऊना जतिन लाल ने आंशिक संशोधन किया है।
जारी आदेशों के अनुसार, मैहतपुर-बसदेहड़ा में लगने वाली किसान सब्ज़ी मंडी अब सोमवार के बजाय प्रत्येक शुक्रवार को आयोजित की जाएगी। यह मंडी दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक बसदेहड़ा के ओवरहेड टैंक के समीप पुराने निर्धारित स्थल पर लगेगी। इस अवधि के दौरान संबंधित क्षेत्र में किसी भी प्रकार के दोपहिया, चारपहिया अथवा अन्य वाहनों की पार्किंग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी।
जिला दंडाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों, अधिकारियों, दुकानदारों तथा आम जनता से आदेशों की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करने का आग्रह किया है, ताकि क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे और आमजन की सुविधा एवं सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
===============================================
सुपरवाइजर और सुरक्षा गार्ड के 70 पदों हेतु साक्षात्कार 5 फरवरी को बंगाणा में
ऊना, 31 जनवरी। सिस इंडिया लिमिटेड, आरटीए हमीरपुर द्वारा पुरुष वर्ग में सिक्योरिटी गार्ड और सुपरवाइज़र के 70 पद भरे जाएंगे। इन पदों के लिए साक्षात्कार 5 फरवरी को सुबह 10.30 बजे उप रोजगार कार्यालय बंगाणा में आयोजित किया जा रहा है।
जिला रोजगार अधिकारी ऊना अक्षय शर्मा ने बताया कि इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता 10वीं उत्तीर्ण व अनुत्तीर्ण, न्यूनतम ऊंचाई 168 सेंटीमीटर, आयु सीमा 19 से 40 वर्ष और वेतन 17,500 से 23 हजार रूपये प्रतिमाह निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि एक महीने की ट्रेनिंग के उपरांत अभ्यर्थियों की नियुक्ति एटीएम, अस्पतालों, औद्योगिक क्षेत्र, मॉल सहित अन्य संस्थानों में की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी अपनी शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, जन्म तिथि, रोजगार कार्यालय पंजीकरण कार्ड, आधार कार्ड, दो पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ के साथ साक्षात्कार में भाग ले सकते हैं। प्रमाण पत्र मूल रूप से प्रस्तुत करना होगा। अधिक जानकारी के लिए 85580-62252 पर सम्पर्क किया जा सकता है। साक्षात्कार में आने जाने का यात्रा भत्ता देय नही होगा।
===================================================नगर एवं ग्राम योजना विभाग ने बहडाला पंचायत घर में लगाया जागरूकता शिविर
नियोजित विकास व अवैध निर्माण रोकने पर दिया बल
ऊना, 31 जनवरी। पंचायतों में सुनियोजित एवं संतुलित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उप-मण्डलीय नगर एवं ग्राम योजना कार्यालय, ऊना ने आज(शनिवार) को पंचायत घर बहडाला के सभागार में एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया। यह शिविर सहायक नगर योजनाकार ऊना निर्मल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुआ, जिसमें विशेष क्षेत्र में शामिल पंचायतों के प्रधानों, उप-प्रधानों, पंचायत सचिवों तथा वार्ड सदस्यों ने भाग लिया।
शिविर के दौरान निर्मल सिंह ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों को हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम, 1977 तथा ऊना योजना/विशेष क्षेत्र में लागू नियमों एवं विनियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने पंचायत वार्डों में आम जनता को इन प्रावधानों के प्रति जागरूक करें, ताकि क्षेत्र का सुनियोजित विकास सुनिश्चित हो सके और वर्तमान के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी सुरक्षित एवं पर्यावरण संतुलित रह सके।
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में विकासात्मक गतिविधियों हेतु अधिनियम के अंतर्गत प्रदान की गई छूट की जानकारी भी साझा की। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि ऊना योजना क्षेत्र में शामिल पंचायतों में यदि कोई व्यक्ति भूमि खरीदकर निर्माण करना चाहता है तो उसे नगर एवं ग्राम योजना विभाग से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है। नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम, 1977 की धारा 16(सी) के प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि भूमि की बिक्री से पूर्व विभाग से प्लॉट स्वीकृत करवाना आवश्यक है तथा खरीददारों को भी केवल विभाग द्वारा स्वीकृत उप-विभाजित प्लॉट ही खरीदने चाहिए, जिससे उन्हें सुव्यवस्थित, वर्गाकार या आयताकार प्लॉट, उचित रास्ते एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
शिविर में भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम (रेरा) के प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि अधिसूचित योजना क्षेत्र में 500 वर्ग मीटर भूमि पर प्लॉट अथवा 8 से अधिक अपार्टमेंट का निर्माण कर विक्रय करने के लिए रेरा के अंतर्गत पंजीकरण अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, जिला में कहीं भी 1000 वर्ग मीटर से अधिक भूमि पर प्लॉट या अपार्टमेंट के निर्माण एवं विक्रय की स्थिति में उस क्षेत्र को डीम्ड योजना क्षेत्र माना जाएगा, जहां विभागीय स्वीकृति तथा रेरा पंजीकरण आवश्यक होगा।
निर्मल सिंह ने अवैध निर्माण से उत्पन्न होने वाली भविष्य की समस्याओं के प्रति भी जनप्रतिनिधियों को सचेत किया और बिना विभागीय स्वीकृति किसी भी प्रकार का निर्माण न करने की अपील की।
जागरूकता शिविर में योजना अधिकारी रमेश चन्द, वरिष्ठ प्रारूपकार रवि किशोर, कनिष्ठ अभियंता राधा देवी तथा कनिष्ठ प्रारूपकार रमेश चन्द सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।