16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर डिग्री कॉलेज ऊना में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित
ऊना, 25 जनवरी। राजकीय महाविद्यालय ऊना में 16वां जिला स्तरीय राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। समारोह की अध्यक्षता जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने की। इस वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर “माई इंडिया, माई वोट” आधारित थीम के माध्यम से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की आत्मा प्रत्येक नागरिक के वोट में निहित है, का संदेश दिया।
इस अवसर पर उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस का मूल उद्देश्य लोकतंत्र की जड़ों को और मजबूत करना है, जिसके लिए प्रत्येक नागरिक का जागरूक एवं सक्रिय मतदाता होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है और उनकी सहभागिता से ही लोकतांत्रिक व्यवस्था को नई ऊर्जा मिलती है।
नये पंजीकृत वोटर्स को वितरित किए पहचान पत्र
इस मौके पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके 11 नये पंजीकृत मतदाताओं को वोटर पहचान पत्र वितरित किए। उन्होंने नये मतदाताओं को बधाई देते हुए कहा कि लोकतंत्र तभी सशक्त बन सकता है जब प्रत्येक मतदाता निडर होकर, बिना किसी भय, दबाव या प्रलोभन के अपने मताधिकार का प्रयोग करे।
इस अवसर पर उपायुक्त ने उपस्थित सभी लोगों को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा बनाए रखने तथा देश की लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करने की शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि मतदान करते समय किसी भी व्यक्ति को धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, भाषा अथवा किसी अन्य प्रकार के प्रभाव में आए बिना केवल राष्ट्र और समाज के हित को ध्यान में रखकर मतदान करना चाहिए, तभी एक विकसित और सशक्त भारत का निर्माण संभव है।
इसके अलावा उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति बल्कि पूरे समाज को कमजोर करता है। उन्होंने छात्रों से पढ़ाई के साथ-साथ खेलों और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने की अपील की ताकि एक सुंदर, स्वस्थ एवं सशक्त समाज का निर्माण हो सके।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले पांच बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) को उनके सराहनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
वहीं, स्कूली बच्चों द्वारा नुक्कड़ नाटक, गीत, संगीत एवं प्रेरणादायक भाषणों के माध्यम से “माई इंडिया, माई वोट” थीम पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिनके जरिए मतदान के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश दिया गया।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी बच्चों को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में नायब तहसीलदार (इलेक्शन) अजय शर्मा ने आए हुए सभी अतिथियों एवं गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। साथ ही उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित हुए लोगों को लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और निर्भीक होकर मतदान करने की अपील की ताकि शत-प्रतिशत मतदान के माध्यम से लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
इस अवसर पर उपमंडल अधिकारी अभिषेक मित्तल, कानूनगो (इलेक्शन) हरजीत सिंह, आनंदा, आकाश भारद्वाज, विशेष अतिथि के रूप में विकास सैनी, सहित निर्वाचन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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**रामपुर में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित, नागरिकों को निःशुल्क कानूनी अधिकारों बारे किया जागरूक **
ऊना, 25 जनवरी। राजकीय माध्यमिक पाठशाला, रामपुर में उप मंडलीय विधिक सेवा समिति ऊना की अध्यक्ष एवं वरिष्ठ सिविल जज-सह-मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ऊना नेहा शर्मा की अध्यक्षता में एक विधिक साक्षरता शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर में लगभग 60 प्रतिभागियों ने भाग लेकर विधिक अधिकारों एवं योजनाओं की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
शिविर के दौरान प्रतिभागियों को निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, महिला एवं बाल अधिकार, श्रमिकों के अधिकार, आपदा पीड़ितों के लिए कानूनी प्रावधान तथा विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से अवगत करवाया गया।
इस दौरान नेहा शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि कानून की अज्ञानता कोई बहाना नहीं है। प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि वह अपने कानूनी अधिकारों एवं कर्तव्यों की जानकारी रखे। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अपने आप में एक जज होता है, क्योंकि सही और गलत का निर्णय सबसे पहले व्यक्ति स्वयं करता है। यदि व्यक्ति अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझ ले, तो वह न केवल अपने लिए बल्कि समाज के लिए भी न्यायपूर्ण निर्णय ले सकता है।
उन्होंने लोगों से विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध निःशुल्क कानूनी सहायता का लाभ उठाने का आह्वान किया, ताकि किसी भी प्रकार के शोषण या अन्याय से स्वयं को सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के अंतर्गत समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों को निःशुल्क अधिवक्ता सेवा, न्यायालय शुल्क में छूट तथा न्यायिक प्रक्रिया में मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।
लोक अदालत की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए नेहा शर्मा ने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से लंबित एवं पूर्व-विवादित मामलों का त्वरित, सरल और आपसी सहमति से निपटारा किया जाता है। लोक अदालत के निर्णय अंतिम होते हैं, जिनके विरुद्ध अपील का प्रावधान नहीं होता, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है।
शिविर में महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित कानूनों पर विशेष चर्चा की गई, जिसमें घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, दहेज निषेध अधिनियम, बाल संरक्षण कानून तथा महिलाओं को प्राप्त संवैधानिक अधिकारों की जानकारी दी गई। नेहा शर्मा ने कहा कि ‘स्त्री’ सहनशीलता, त्याग और शक्ति का प्रतीक है। जब महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होती हैं, तो पूरा परिवार और समाज सशक्त बनता है।
इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों को श्रमिकों के अधिकारों जैसे न्यूनतम मजदूरी, सुरक्षित कार्य वातावरण, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं तथा कार्यस्थल पर शोषण से संरक्षण के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिक भी कानून के तहत पूर्ण संरक्षण के अधिकारी हैं।
इसके अलावा नेहा शर्मा ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय एवं कानून की जानकारी पहुंचाई जा सके।
इस अवसर पर अधिवक्ता दिनेश वशिष्ठ ने आपदा पीड़ितों के लिए उपलब्ध कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाढ़, सूखा, भूकंप, आगजनी एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित व्यक्तियों के लिए सरकार द्वारा विशेष सहायता एवं कानूनी प्रावधान किए गए हैं, जिनका लाभ विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से लिया जा सकता है।
कार्यक्रम में स्थानीय प्रधान सुमन कुमारी, उप प्रधान रविन्द्र सिंह, स्कूल प्रभारी वरिंद्र सिंह, महिला मंडल प्रधान सुफल देवी, ग्राम संगठन की प्रधान अनिता राणा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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