चण्डीगढ़, 21.10.26- : त्योहारों के महत्वपूर्ण सीजन में शहर के व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए चंडीगढ़ व्यापार मंडल ने आज बाजारों की पार्किंग एवं दुकानों के सामने वेंडरों को अस्थायी स्टॉल लगाने की अनुमति देने के निर्णय का कड़ा विरोध किया।
चंडीगढ़ व्यापार मंडल के प्रधान संजीव चड्ढा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने अमित कुमार, आईएएस, नगर निगम आयुक्त, चंडीगढ़ से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में बलविंदर सिंह, महासचिव; राधेलाल बजाज, वित्त सचिव; भूपिंदर नराड़, मुख्य सलाहकार; तथा नवदीप शर्मा, उपाध्यक्ष शामिल थे।
*व्यापार मंडल की प्रमुख आपत्तियाँ
*सभी के लिए ऑनलाइन बुकिंग की खुली व्यवस्था अनुचित
प्रतिनिधिमंडल ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से किसी भी स्थानीय या बाहरी, पंजीकृत अथवा अपंजीकृत वेंडर को बाजारों में स्टॉल बुक करने की सुविधा देने पर कड़ी आपत्ति जताई। व्यापार मंडल ने कहा कि इस तरह की खुली व्यवस्था से बाजारों में अव्यवस्था, भीड़ और पार्किंग की गंभीर समस्या उत्पन्न होगी।
*पंजीकृत वेंडर भी इस निर्णय के विरोध में
गौरतलब है कि अधिसूचित वेंडिंग जोन में कार्यरत पंजीकृत वेंडर एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों ने भी इस निर्णय का कड़ा विरोध किया है। उनका कहना है कि जब पंजीकृत वेंडरों को कानून के अनुसार निर्धारित वेंडिंग जोन में स्थान आवंटित किए गए हैं, तो बाजारों में बाहरी एवं अपंजीकृत वेंडरों को स्टॉल लगाने की अनुमति देना उनके साथ अन्याय होगा।
*त्योहारों का सीजन व्यापारियों की आजीविका का महत्वपूर्ण सहारा
प्रधान संजीव चड्ढा ने नगर निगम आयुक्त को बताया कि ई-कॉमर्स कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच त्योहारों का सीजन सामान्य दुकानदारों के लिए बेहतर कारोबार का महत्वपूर्ण अवसर होता है। यदि इसी समय पार्किंग स्थलों पर अस्थायी स्टॉल लगा दिए जाएँ और दुकानों के सामने अतिक्रमण हो, तो नियमित व्यापारियों के कारोबार पर गंभीर असर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि पार्किंग बाधित होने से ग्राहकों को बाजारों में आने-जाने और वाहन खड़े करने में परेशानी होगी, जिससे वे बाजारों में आने से बच सकते हैं। इससे दुकानदारों की आजीविका प्रभावित होगी।
*त्योहारों के स्टॉल के लिए अलग स्थान निर्धारित करने का सुझाव
चंडीगढ़ व्यापार मंडल ने सुझाव दिया कि पटाखा बाजारों की तर्ज पर नगर निगम शहर में त्योहारों के दौरान अस्थायी स्टॉल लगाने के लिए विशिष्ट एवं अलग-अलग स्थान निर्धारित करे, ताकि नियमित दुकानदारों और वास्तविक वेंडरों—दोनों को बिना एक-दूसरे के कारोबार एवं आजीविका को नुकसान पहुँचाए—व्यापार करने का अवसर मिल सके।
नगर निगम आयुक्त श्री अमित कुमार ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर संतुलित समाधान निकाला जाएगा।
चंडीगढ़ व्यापार मंडल द्वारा तत्काल राहत की मांग पर आयुक्त ने तुरंत निर्देश दिए कि दुकानदारों को छोड़कर अन्य वेंडरों को जारी सभी 20 दिन की स्टॉल लगाने संबंधी अनुमतियाँ तत्काल प्रभाव से रद्द की जाएँ।
व्यापार मंडल ने इस त्वरित हस्तक्षेप को त्योहारों के सीजन में शहर के दुकानदारों के हितों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।