एसआईआर और गेहूं की एमएसपी में नामात्र बढ़ोतरी के खिलाफ सड़कों पर उतरी जेजेपी
जेजेपी ने पीएम मोदी को 25-25 रु के बैंक ड्राफ्ट भेजकर गेहूं की एमएसपी बढ़ाने की मांग उठाई - बृज शर्मा
एसआईआर के जरिए जनता के वोट के अधिकार पर चोट पहुंचाने वाले दोषियों पर ठोस कार्रवाई हो - बृज शर्मा
चंडीगढ़, 21 अक्टूबर। जननायक जनता पार्टी ने एसआईआर और गेहूं की एमएसपी में मात्र 25 रुपए की वृद्धि का मुद्दा जोर-शोर से उठाते हुए भाजपा सरकार को घेरा है। बुधवार को प्रदेशभर में भारी संख्या में जेजेपी पदाधिकारी और कार्यकर्ता भाजपा सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे। जेजेपी ने सरकार के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन करते हुए सभी जिला उपायुक्तों को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम के ज्ञापन सौंपे। जेजेपी प्रदेश अध्यक्ष बृज शर्मा ने कहा कि बढ़ती महंगाई में गेहूं की एमएसपी में 25 पैसे प्रति किलो की बढ़ोतरी कतई जायज नहीं है और यह भाजपा सरकार की किसान विरोधी सोच को दर्शाती है। बृज शर्मा ने कहा कि जेजेपी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए 25-25 रुपए के बैंक ड्राफ्ट अपमानजनक वृद्धि का जवाब है। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा गेहूं उत्पादन करने वाले हरियाणा और पंजाब राज्य के किसानों को सबसे ज्यादा इसका नुकसान पहुंचेगा। शर्मा ने कहा कि पिछले दस वर्षों में गेहूं के एमएसपी में हर वर्ष औसतन 100 से 160 प्रति क्विंटल की वृद्धि होती हुई आ रही है जबकि इस वर्ष मात्र 25 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि ही की गई है। ऐसे में गेहूं में लगभग एक प्रतिशत की एमएसपी बढ़ोतरी किसानों को घाटे में धकेलने के सिवा कुछ नहीं है। किसानों को स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार फसलों के दाम मिलने चाहिए। उन्होंने कहा कि जेजेपी भारत सरकार से मांग करती है कि गेहूं की एमएसपी वृद्धि पर पुनर्विचार किया जाए और कम से कम 150 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि होनी चाहिए।
जेजेपी प्रदेशाध्यक्ष बृज शर्मा ने यह भी कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिए देश में 13 करोड़ और हरियाणा में 37 लाख वोट काट दिए गए है, जिससे प्रभावित मतदाता दुखी एवं परेशान है। एसआईआर प्रक्रिया वोटों की डकैती है। एसआईआर के दौरान फार्म-6 और 7 के नियमों की घोर अनदेखी की गई। आयोग ने झूठ बोलकर देश को गुमराह किया है और इन लोगों को सत्ता में बैठे लोगों का संरक्षण प्राप्त है। वैध मतदाताओं के गलत तरीके से वोट काटे जाने के चलते चुनाव परिणाम पर विपरीत प्रभाव पड़े है, बिहार और पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव इसके प्रमाण है। बृज शर्मा ने कहा कि जेजेपी भारत सरकार से मांग करती है कि एसआईआर के जरिए जनता के वोट के अधिकार पर चोट मारने वाले दोषियों पर कानून अनुसार ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।