चंडीगढ़, 18 अक्टूबर। हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने प्रदेश की मंडियों में धान खरीद में देरी, भुगतान अटकने और फसल की कीमत में कटौती को लेकर भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ प्रयोग कर रही है। मंडियों में धान की खरीद और उठान की समुचित व्यवस्था नहीं है। रविवार को दुष्यंत चौटाला ने उचाना में मंडियों का दौरा कर फसल खरीद व्यवस्था का जायजा लिया और किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।
पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पहले किसानों को पोर्टल संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा और अब बेमौसमी बारिश ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि धान में नमी 16 प्रतिशत होने के बावजूद खरीद नहीं की जा रही, जबकि किसानों का भुगतान भी अटका हुआ है। दुष्यंत ने कहा कि कई मंडियों में आढ़तियों को दरकिनार कर सीधे मिलर्स द्वारा खरीद किए जाने की शिकायतें मिल रही हैं। किसानों को प्रति क्विंटल 400 रुपये तक की कटौती झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि नियमों के नाम पर किसानों को परेशान किया जा रहा है। सरकार के नए बदलाव एक मंडी में एक खरीद एजेंसी को अनुमति देना फसल खरीद व्यवस्था में बाधा बना है। आज मंडियों में धान की बड़ी-बड़ी ढेरियां पड़ी है जो कि दर्शाता है कि भाजपा सरकार की मंशा किसानों की फसल खरीदने की नहीं है। बरसात के चलते मंडियों में बड़ी संख्या में धान की बर्बादी हुई है। भाजपा सरकार की विफलता के चलते मंडियों में न फसल का उठान हो रहा और न मिलर्स मिल रहे।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि किसानों के विषय को लेकर जेजेपी 21अक्टूबर को प्रदेशभर में जिला स्तर पर प्रदर्शन कर उपायुक्तों के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपेगी। दुष्यंत चौटाला ने गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को नाकाफी बताते हुए कहा कि यह ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। उन्होंने ये भी कहा कि हरियाणा में भाजपा सरकार के पास विकास के नाम पर गिनवाने के लिए कोई बड़ी उपलब्धि नहीं है। पिछले दो वर्षों में सरकार ऐसी पांच बड़ी उपलब्धियां भी नहीं बता सकती, जिनका सीधा लाभ प्रदेश की जनता को मिला हो।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संदर्भ में दुष्यंत चौटाला ने कहा कि यह वोट चोरी नहीं, बल्कि डकैती है। उन्होंने 13 करोड़ लोगों के वोटों का जिक्र करते हुए एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाए। साथ ही हरियाणा में 34 लाख मतदाताओं से संबंधित आपत्तियों को गंभीर विषय बताया। उन्होंने कहा कि एसआईआर के फॉर्म नंबर 6 और 7 में कई गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। दुष्यंत चौटाला ने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से अपील की कि वे वोट डकैती के खिलाफ खुलकर सामने आएं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से प्रभावित न हो।