नशा-मुक्त संकल्प यात्रा ने नशा-मुक्त चंडीगढ़ के लिए सामूहिक संकल्प को रेखांकित किया

चंडीगढ़, 8 अक्टूबर:पंजाब के राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक, श्री गुलाब चंद कटारिया ने आज 'नशा-मुक्त संकल्प यात्रा' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और खुद भी इसमें शामिल हुए। यह यात्रा सेक्टर 10 स्थित लेजर वैली से शुरू होकर तिरंगा पार्क, सेक्टर 17, चंडीगढ़ में संपन्न हुई।

इस अवसर पर प्रशासक के साथ राज्यसभा सांसद श्री सतनाम सिंह संधू; चंडीगढ़ नगर निगम के महापौर श्री सौरभ जोशी; चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य सचिव श्री एच. राजेश प्रसाद; पंजाब के राज्यपाल के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विवेक प्रताप सिंह; गृह सचिव श्री मनदीप सिंह बराड़; चंडीगढ़ पुलिस के डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा; वित्त सचिव श्री दीप्रवा लाकड़ा; शिक्षा सचिव सुश्री प्रेरणा पुरी; उपायुक्त श्री निशांत कुमार यादव सहित चंडीगढ़ प्रशासन, नगर निगम और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

नशा-मुक्त संकल्प यात्रा में स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के शिक्षकों व विद्यार्थियों, एनसीसी (NCC) और एनएसएस (NSS) के स्वयंसेवकों और चंडीगढ़ के नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जो शहर को नशा-मुक्त बनाने के साझा संकल्प को दर्शाता है।

तिरंगा पार्क में प्रशासक ने सभी प्रतिभागियों को 'नशा-मुक्त' रहने की शपथ दिलाई। यात्रा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को सिर्फ पुलिस के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता; इसके लिए नागरिकों, परिवारों, समाज, सरकारी विभागों, स्वास्थ्य व शैक्षणिक संस्थानों, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और युवाओं के एकजुट प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने नशा-मुक्त समाज के निर्माण और 'विकसित भारत' के लक्ष्य में योगदान देने के लिए लगातार जन-भागीदारी का आह्वान किया।

चंडीगढ़ में इस अभियान को मजबूत करने के लिए पुलिस द्वारा एक समर्पित 'एंटी-ड्रग हेल्पलाइन' शुरू की गई है। नागरिक इस हेल्पलाइन पर नशे के इस्तेमाल या उसकी तस्करी से जुड़ी जानकारी दे सकते हैं। सूचना देने वाले की पहचान और संपर्क विवरण पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा और किसी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, जन-जागरूकता बढ़ाने और लोगों को जोड़ने के लिए 5 सितंबर को सुखना लेक पर 'ड्रग-फ्री चंडीगढ़ वॉक' और 20 सितंबर को युवाओं पर केंद्रित एक विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था।

कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ पुनर्वास के महत्व पर जोर देते हुए प्रशासक ने कहा कि ऐसे लोगों और परिवारों की पहचान के लिए घर-घर सर्वेक्षण (डोर-टू-डोर सर्वे) किया जा रहा है, जिन्हें काउंसलिंग, इलाज और पुनर्वास की जरूरत है। नशे की चपेट में आए युवाओं को इलाज, हुनर सिखाने (स्किल ट्रेनिंग) और मुख्यधारा में वापस लाने के लिए हर जरूरी मदद दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मकसद केवल गिरफ्तारियां बढ़ाना नहीं, बल्कि नशे की उपलब्धता को खत्म करना, नए लोगों को इसकी गिरफ्त में आने से रोकना और समय पर इलाज उपलब्ध कराना है।

युवाओं और शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका पर बात करते हुए श्री कटारिया ने बताया कि 'माय भारत युवा कनेक्ट: नशा मुक्त अभियान' में विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पंजाब और चंडीगढ़ के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों (वाइस-चांसलर्स) के साथ मिलकर कई कदम उठाए गए हैं। 2 अगस्त को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 100 हफ्तों के ‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा अभियान’ की शुरुआत से इस मुहिम को और ताकत मिली है।

श्री कटारिया ने युवाओं से अपील की कि वे शिक्षा, खेल, कौशल विकास और रोजगार को अपने भविष्य की नींव बनाएं। साथ ही, उन्होंने परिवारों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों के साथ समय बिताएं, उनकी बातें सुनें और उन्हें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि नशा हमारी युवा पीढ़ी और आने वाले कल को कमजोर करता है तथा देश की ताकत और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है; इसलिए एक मजबूत और विकसित देश के निर्माण के लिए नशा-मुक्त भारत बेहद जरूरी है।

यात्रा का समापन सभी नागरिकों, शिक्षण संस्थानों, सरकारी एजेंसियों और सामाजिक संगठनों से मिलकर काम करने की अपील के साथ हुआ, ताकि नशे का पूरी तरह खात्मा कर एक स्वस्थ, सुरक्षित और नशा-मुक्त चंडीगढ़ बनाया जा सके।==============================

NETRA Digital Library to Empower Persons with Visual Disabilities

CHANDIGARH, 08.10.26-The Chandigarh Child and Women Development Corporation, functioning under the Department of Social Welfare, Women & Child Development (CCWDC), Chandigarh Administration, is operating a digital library named ‘Nurturing Empowerment Through Reading Access’ (NETRA) for persons with visual disabilities at the Rehabilitation Centre for Special Children – Prayas, Sector 38-B, Chandigarh.

The facility provides persons with visual disabilities free access to modern assistive technologies. Specialised equipment available at the centre includes Lex Instant Reader and Scanner (English) for reading books and other printed material through auto-capture; a 3.5-inch handheld video magnifier; Orbit Reader, which converts digital text into tactile Braille characters and has an in-built keyboard for reading and writing; Brailler, an over-the-air Perkins keyboard with six-dot entry and a bell that alerts the user before the end of a line; SuperNova software, an assistive technology that enables persons who are blind or have low vision to independently use Windows computers through HD-quality screen magnification and customisable speech/text-to-speech output; and a Talking Calculator, which provides spoken feedback for every number, key or operation pressed and also announces the final calculated result.

These assistive devices enable persons with visual disabilities to access printed materials and digital library resources quickly and independently, thereby supporting their education, learning and overall development.

This is the first and only digital library for persons with visual disabilities in Chandigarh. The facility is open from 9:00 AM to 4:00 PM, Monday to Friday, and from 9:00 AM to 2:00 PM on Saturdays. Persons with visual disabilities can visit the digital library during these hours and make use of the specialised facilities. The initiative is expected to significantly enhance their learning experience and support their greater participation in and contribution to the development of the nation.