चंडीगढ़, 30 सितम्बर। हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने केंद्र सरकार द्वारा रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में की गई बढ़ोतरी को किसानों के साथ सरासर अन्याय बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने गेहूं के दाम में मात्र 25 रुपये, चना में 83 रुपये की बढ़ोतरी की है और सरसों के दाम में भी केवल करीब 400 रुपये बढ़ाए हैं, जो कि किसानों के हित में नहीं है।

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि आज खेती की लागत आसमान को छू रही है। डीजल, खाद, बीज, कीटनाशक और मजदूरी के दाम दोगुने होने की वजह से किसानों के लिए खेती करना काफी महंगा साबित हो रहा है तो वहीं दूसरी ओर सरकार किसान की फसल का दाम बढ़ाने में कंजूसी कर रही है। दुष्यंत ने सवाल किया कि क्या गेहूं के दाम में 25 रुपये की बढ़ोतरी से किसान अपनी लागत भी पूरी कर पाएगा ?

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि भाजपा सरकार एक तरफ तो वोट लेने के लिए किसान की आय दोगुनी करने का वादा करती है, वहीं दूसरी तरफ किसानों की फसल को कौड़ियों के भाव खरीदना चाहती है। दुष्यंत ने कहा कि एमएसपी में बेहद कम बढ़ोत्तरी करने का फैसला पूरी तरह किसान विरोधी है और खेत-खलिहान को बर्बाद करने वाला है। पूर्व डिप्टी सीएम ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार C2+50% के फॉर्मूले के आधार से ही किसानों के लिए एमएसपी तय किया जाना चाहिए।