ऊना, 24 अगस्त। जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं जिला स्तरीय बैंक सलाहकार समिति की बैठक अतिरिक्त उपायुक्त ऊना ईशांत जसवाल की अध्यक्षता में आज डीआरडीए हॉल में आयोजित की गई। बैठक में जून तिमाही 2026 तक जिले के बैंकों की उपलब्धियों की समीक्षा की गई।
एडीसी ने बताया कि जिले के बैंकों ने 690.40 करोड़ के पहली तिमाही ऋण लक्ष्य के मुकाबले 1,203.64 करोड़ के ऋण वितरित कर निर्धारित लक्ष्य से अधिक उपलब्धि हासिल की है।
उन्होंने बताया कि जिले में बैंकों की कुल जमा राशि बढ़कर 17,120.97 करोड़ हो गई है, जिसमें 10.70 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, कुल ऋण राशि 16.19 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 5,535.56 करोड़ हो गई है। जिले का ऋण-जमा अनुपात 32.33 प्रतिशत रहा, जो राष्ट्रीय लक्ष्य से कम है। इसके लिए उन्होंने सभी बैंकों एवं संबंधित सरकारी विभागों को ऋण-जमा अनुपात में सुधार के लिए समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए।
ईशांत जसवाल ने कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए कहा कि जिले में कृषि ऋण 1,032.36 करोड़ है, जो कुल ऋण का 18.65 प्रतिशत है। उन्होंने बैंकों को किसानों की आय बढ़ाने, कृषि यंत्रीकरण, कृषि अवसंरचना तथा किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऋण वितरण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। खेती बचाओ अभियान के तहत सभी बैंकों को कृषिका ऐप के माध्यम से नए किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध करवाने के लिए विशेष अभियान चलाने तथा पात्र किसानों को अधिक से अधिक लाभान्वित करने के निर्देश दिए। साथ ही, डिजिटल माध्यम से ऋण सुविधाएं उपलब्ध करवाने एवं कृषि निवेश को बढ़ावा देने पर भी विशेष बल दिया गया। उन्होंने सभी बचत एवं जमा खातों में नामांकन दर्ज करवाने के महत्व पर चर्चा करते हुए बैंक अधिकारियों को इस दिशा में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही मृतक खाताधारकों के दावों का प्राथमिकता के आधार पर सरल एवं त्वरित निपटारा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि पात्र परिजनों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
अतिरिक्त उपायुक्त ईशांत जसवाल ने सभी बैंकों को निर्देश दिए कि जिले में अधिक से अधिक लोगों को बैंक ऋण योजनाओं, स्वरोजगार एवं सरकार प्रायोजित योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सक्रिय प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि इससे आम नागरिकों एवं उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ जिले के ऋण-जमा अनुपात में भी सुधार होगा।
उन्होंने सरकार प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त ऋण आवेदनों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर भी चिंता व्यक्त करते हुए बैंकों को ग्राहकों को डिजिटल सुरक्षा एवं साइबर अपराधों से बचाव के प्रति निरंतर जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
इसके उपरांत एडीसी ने पीएनबी आरसेटी की समीक्षा बैठक भी ली।
बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष पवन कुमार, मुख्य जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक विजय सिंह, भारतीय रिजर्व बैंक के जिला अग्रणी अधिकारी राहुल जोशी, नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधक सबरीना राजवंशी, एफएलसीसी ऊना के राज कुमार सहित विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक तथा सरकारी एवं गैर-सरकारी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।