(फीचर)भवन एवं अन्य निर्माण कामगारों के लिए संबल बना कल्याण बोर्ड
विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से हजारों श्रमिक परिवारों को मिल रही आर्थिक सुरक्षा
जिला बिलासपुर में 49,156 श्रमिक पंजीकृत, 2324 लाभार्थियों को मिले 9.62 करोड़ रूपये के लाभ

बिलासपुर, 17 अगस्त: हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। श्रमिक वर्ग को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से हजारों पंजीकृत कामगारों को लाभान्वित किया जा रहा है। जिला बिलासपुर में बोर्ड के अंतर्गत अब तक 49 हजार 156 निर्माण श्रमिक पंजीकृत किए जा चुके हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि सरकार द्वारा श्रमिक हितों के लिए संचालित योजनाओं के प्रति लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है।
भवन एवं अन्य सन्निर्माण कल्याण बोर्ड की योजनाएं केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह श्रमिक परिवारों के सामाजिक उत्थान और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने का भी माध्यम बन रही हैं। बोर्ड के माध्यम से विवाह सहायता, शिक्षा सहायता, वृद्धावस्था पेंशन, मातृत्व लाभ, चिकित्सा सहायता, आवास योजनाएं तथा मृत्यु एवं अंतिम संस्कार सहायता जैसी अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों और उनके आश्रितों को जीवन के कठिन समय में सहारा प्रदान करना है। जिला कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 2324 लाभार्थियों को अब तक लगभग 9.62 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।
बोर्ड द्वारा संचालित विवाह सहायता योजना के अंतर्गत 968 लाभार्थियों को लगभग 5 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित की गई है। जिससे श्रमिक परिवारों को बेटियों और बच्चों के विवाह जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक दायित्वों को पूरा करने में बड़ी राहत मिली है। इसी तरह शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत 503 लाभार्थियों को लगभग 1.48 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। शिक्षा के क्षेत्र में दी जा रही यह सहायता श्रमिकों के बच्चों को बेहतर भविष्य निर्माण में न केवल सहायक सिद्ध हो रही है बल्कि आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई बीच में छोड़ने की स्थिति को रोकने में भी यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इसके अतिरिक्त वृद्धावस्था पेंशन योजना के माध्यम से 560 श्रमिकों को लगभग 41.22 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई है। वृद्ध श्रमिकों के लिए यह योजना सम्मान पूर्वक जीवनयापन का आधार बन रही है। जबकि दिव्यांग पेंशन योजना के अंतर्गत 25 पात्र लाभार्थियों को सहायता प्रदान कर उन्हें 2.69 लाख रुपये का आर्थिक संबल दिया जा रहा है।
यही नहीं निर्माण कार्यों में जुटे श्रमिकों के जीवन में आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए मृत्यु एवं अंतिम संस्कार सहायता योजना भी चलाई जा रही है। इस योजना के तहत 116 लाभार्थियों को 2.41 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इसके अलावा मातृत्व एवं पितृत्व लाभ योजना के माध्यम से 52 श्रमिक परिवारों को 5.45 लाख रुपये का आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया है। बेटी जन्म उपहार योजना भी समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। इसी योजना के अंतर्गत पात्र 18 बेटियों को 9.18 लाख रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
आवास से जुड़ी योजनाओं के तहत मुख्य मंत्री आवास योजना एवं विधवा आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को सहायता दी जा रही है। इन योजनाओं के तहत 8 पात्र परिवारों को 8 लाख 50 हजार रूपये की सहायता उपलब्ध करवाई गई है। चिकित्सा सहायता योजना के अंतर्गत भी अनेक श्रमिकों को उपचार के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध करवाया गया है, जिससे गंभीर बीमारियों के दौरान परिवारों पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ कम हुआ है। इस योजना के अंतर्गत 63 पात्र लाभार्थियों को लगभग 6.15 लाख रूपये की आर्थिक मदद प्रदान की गई है।
हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की ये योजनाएं श्रमिकों के जीवन में आशा और सुरक्षा का आधार बनकर उभर रही हैं। सरकार की यह पहल न केवल श्रमिक वर्ग के सामाजिक और आर्थिक उत्थान में सहायक है, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार का कहना है कि जिला में हिमाचल प्रदेश सरकार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की योजनाओं को पूरी गंभीरता के साथ क्रियान्वित किया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा पात्रों को लाभान्वित किया जा सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 2,569 नए श्रमिकों का पंजीकरण किया गया है तथा 2,324 श्रमिकों एवं परिवारों को लगभग 9.62 करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।