महाशिवरात्रि पर्व भगवान शिव जी और माता पार्वती जी के मिलन का प्रतीक है- बजरंग गर्ग

महाशिवरात्रि मेला हमारी संस्कृतिक एकता, उल्लास और लोक परंपराओं का जीवंत तस्वीर पेश करते है- बजरंग गर्ग

भगवान शिव भोले ने समुद्र मंथन में निकला विष स्वयं अपने कंठ में धारण कर लिया था और नीलकंठ कहलाए- बजरंग गर्ग

सच्ची भक्ति केवल मंदिर में सिर झुकाने से नहीं बल्कि अच्छे कर्म और मानवता की सेवा करने से होती है- बजरंग गर्ग

हिसार, 11.08.26-- श्री प्रयागगीरी शिवालय मंदिर ट्रस्ट में महाशिवरात्रि पर विशाल वार्षिक मेला शिवालय ट्रस्ट के प्रधान बजरंग गर्ग के नेतृत्व में लगा। जिसमें सुबह 4:00 बजे से ही भक्तों की भारी भीड़ उमर पड़ी। महाशिवरात्रि पर हरियाणा, पंजाब व राजस्थान के कलाकारों द्वारा भव्य धार्मिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। मेले में खान-पान, दूध, जलेबी, चाट, पकोड़े व ठंडे की विभिन्न प्रकार की स्टालें लगाई हुई थी। पूरा शिवालय मंदिर हर-हर महादेव से गूंज रहा था। सैकड़ों शिव भक्तों ने परिवार सहित ढोल-नगाडों के साथ भगवान शिव भोले जी को कावड़ चढ़ाई। शिवालय मंदिर के प्रधान बजरंग गर्ग ने जल चढ़ाने के बाद संबोधित करते हुए कहा कि महाशिवरात्रि पर्व भगवान शिव जी और माता पार्वती जी के मिलन का प्रतीक है। महाशिवरात्रि मेला हमारी संस्कृतिक एकता, उल्लास और लोक परंपराओं का जीवंत तस्वीर पेश करते है जबकि भगवान शिव भोले ने समुद्र मंथन में निकला विष स्वयं अपने कंठ में धारण कर लिया था और नीलकंठ कहलाए। हमें यह संदेश देता हैं कि समाज की भलाई के लिए हमें अपने हिस्से की कठिनाईयों की कड़वाहट को सहने की शक्ति रखनी चाहिए। महाशिवरात्रि पर हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने जीवन में अहंकार, क्रोध, ईर्ष्या और नफरत को दूर करेंगे। जरूरतमंद की सहायता करेंगे और सभी बुजुर्गों का सम्मान करेंगे। बजरंग गर्ग ने कहा कि भगवान शिव हमें सिखाते हैं कि सच्ची भक्ति केवल मंदिर में सिर झुकाने से नहीं बल्कि अच्छे कर्म और मानवता की सेवा करने से होती है।

बजरंग गर्ग में शिव भक्त कलाकारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।इस अवसर पर प्रमुख समाजसेवी नारायण दास बंसल, राधाकृष्ण खटाना,कैलाश चौधरी,रमेश लोहिया, सुरेंद्र सिंगला, प्रवीण जैन, ओम प्रकाश असीजा, जगत नारायण, रमेश पटवारी, सत्येंद्र गोयल, किशन लाल बागड़ी, विनोद गोयल, मंगत राय अग्रवाल, दीपक कुमार, मनीष चावला, जसराम वर्मा, डॉ सुनील शर्मा, मुकेश मेहरिया, पंडित मांगेराम शर्मा, डॉ अनुभव शर्मा, अंगूरी देवी,अनीता गर्ग, रेनू पहुजा, सुनीता पूनिया, पूजा बब्बर आदि भक्त भारी संख्या में मौजूद रहे।