घेरा वन क्षेत्र में भूस्खलन से मुख्य पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त
धर्मशाला, 21 जुलाई: घेरा वन क्षेत्र में हुए भूस्खलन के कारण घेरा पेयजल स्रोत से आने वाली मुख्य पेयजल ट्रांसमिशन लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके चलते प्रभावित क्षेत्रों में नियमित जलापूर्ति प्रभावित हुई है।
यह जानकारी देते हुए उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने बताया कि वर्तमान में जलापूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए नड्डी जल शोधन संयंत्र के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। हालांकि उपलब्ध जल की सीमित मात्रा को देखते हुए अस्थायी रूप से जल वितरण में राशनिंग की जा सकती हैै।
उपायुक्त ने बताया कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत एवं बहाली का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। लेकिन क्षेत्र में लगातार हो रही वर्षा के कारण मरम्मत कार्य में विलंब हो रहा है।
उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इस अवधि के दौरान पानी का अत्यंत विवेकपूर्ण एवं आवश्यकतानुसार ही उपयोग करें। उन्होंने कहा कि शीघ ही जलापूर्ति को सामान्य कर दिया जायेगा।
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कांगड़ा में शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे, लेकिन एचपीयू और इग्नू की परीक्षाएं होंगी आयोजित
धर्मशाला, 20 जुलाई: जिला दंडाधिकारी एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कांगड़ा हेमराज बैरवा ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा-30 के तहत जारी पूर्व आदेश में आंशिक संशोधन किया है।
उन्होंने बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा 20 एवं 21 जुलाई के लिए जारी रेड अलर्ट तथा भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी के मद्देनजर जिले के सभी सरकारी एवं निजी शैक्षणिक संस्थानों को एहतियातन बंद रखने के आदेश जारी किए गए थे।
हालांकि, इस दौरान हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) की निर्धारित परीक्षाएं आयोजित होनी हैं। परीक्षार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इन परीक्षाओं के आयोजन की अनुमति प्रदान की गई है।
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे, लेकिन एचपीयू और इग्नू की निर्धारित परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि 19 जुलाई 2026 को जारी आदेश की अन्य सभी शर्तें एवं प्रतिबंध पूर्ववत लागू रहेंगे।