शिमला:01.07.26 कुलदीप पठानियां की अध्यक्षता में आयोजित याचिका समिति की बैठक हुई सम्पन्न, अभी तक कुल 118 याचिकाओं में से 55 का हुआ निपटारा। इस बैठक में समिति सदस्य एवं विधायक चन्द्रशेखर भी मौजूद थे। बैठक के संचालन के दौरान विधान सभा सचिव यशपाल शर्मा ने आज के लिए प्रस्तावित याचिकाओं को विषय एवं मद वार समिति के समक्ष रखा जिस पर समिति ने अलग – अलग विषय पर सुनवाई आरम्भ की तथा दिशा- निर्देश दिए।
आज की बैठक में समिति ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की 3 तथा कार्मिक विभाग की एक याचिका पर सचिव स्वास्थ्य विभाग का मौखिक साक्ष्य लिया तथा सभी याचिकाओं के शीघ्र निपटारे के दिशा – निर्देश दिए गए, जबकि शिक्षा विभाग की कुल 8 याचिकाओं पर समिति द्वारा सुनवाई की गई जिस पर मौखिक साक्ष्य के दौरान सचिव शिक्षा विभाग द्वारा समिति को याचिकाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत करवाया गया बैठक के दौरान समिति ने शिक्षा विभाग की 8 में से 6 याचिकाओं के पुन: परीक्षण करने के आदेश दिए तथा एक मामला उच्च न्यायलय के अधीन विचाराधीन होने के कारण व एक अन्य मामले में विभाग से उत्तर अपेक्षित होने के एवज में उन्हें लम्बित रखा गया है।
करूणा मूलक आधार पर नियुक्तियों मामले पर मौखिक साक्ष्य के दौरान समिति को अवगत करवाते हुए शिक्षा सचिव ने कहा कि अधिक आय की वजह से जिन करूणामूलक अभ्यर्थियों के आवेदन विभागों रद्द किए गए हैं उनके लिए सरकार द्वारा हाल ही में एक नई नीति अनुमोदित की गई है जिसे एक या दो दिनों के भीतर अधिसूचित किया जाएगा। इन अभ्यर्थियों को पुन: एक महीने के भीतर अपने – अपने विभागों में आवेदन करने के लिए समिति अधिकारी को उन्हें शीघ्र सूचित करने के दिशा – निर्देश दिए ताकि ऐसे सभी अभ्यर्थी जिनका आय सीमा के कारण आवेदन रद्द हुआ है समय रहते नई नीति का लाभ उठा सकें।
इसके अतिरिक्त समिति ने विद्युत विभाग से सम्बन्धित 6 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सचिव विद्युत का मौखिक साक्ष्य लिया। जिनमें से 2 याचिकाओं का बैठक में निपटारा किया गया जबकि 2 याचिकाओं का पुन: परीक्षण तथा 2 अन्य याचिकाओं को विभाग से उत्तर अपेक्षित होने की वजह से लम्बित रखा गया है।
विधान सभा अध्यक्ष एवं समिति सभापति कुलदीप सिंह पठानियां ने कहा कि अभी तक समिति को कुल 118 याचिकाएं प्राप्त हुई हैं जिनमें से 55 याचिकाओं का निपटारा किया जा चुका है। 4 याचिकाओं में ठोस आधार न होने के कारण उन्हें अभ्यर्थियों को वापिस लौटाया गया है। 32 याचिकाओं में अभी विभाग से उत्तर अपेक्षित हैं जबकि 24 याचिकाओं के उत्तर विभागों से प्राप्त हो चुके हैं जिस पर अगली बैठक में सुनवाई की जाएगी। 3 याचिका मामलों में विभागाध्यक्ष को अगली बैठक में मौखिक साक्ष्य के लिए बुलाया जाएगा।
पठानियां ने कहा कि कुल 118 याचिकाओं में शिक्षा विभाग की 24, राजस्व विभाग की 20, महिला एंव विकास विभाग की 1, परिवहन की 2, प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड की 3, ग्रामीण बैंक की 6, जल शक्ति विभाग की 4, वन विभाग की 8, विविध 26, लोक निर्माण विभाग की 16, तकनिकी शिक्षा की 1, वित्त विभाग की 1, भाषा कला एवं संस्कृति विभाग की 1, कार्मिक विभाग की 1, पंचायती राज विभाग की 1, बहुद्देशीय परियोजनाएं एवं पॉवर की 3, भारत संचार निगम लिमिटेड की 1, बागवानी विभाग की 1, राष्ट्रीय बीमा निगम की 1 याचिका तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की 1 याचिका शामिल है।
पठानियां ने कहा कि याचिका समिति का गठन 28 वर्षों उपरान्त गरीबों, असहायों तथा शोषित लोगों को त्वरित, शीघ्र तथा मुफ्त न्याय दिलाने के उद्देश्य से किया गया है। कोई भी प्रताड़ित, शोषित तथा निर्धन व्यक्ति मुफ्त न्याय पाने के लिए याचिका समिति के समक्ष अपना आवेदन दे सकता है।
आज आन्तरिक बैठक के दौरान समिति ने विभिन्न विभागों से सम्बन्घित 17 याचिकाओं का पुर्नवलोकन किया तथा जिसमें से 13 याचिकाओं पर पुन: परीक्षण, 2 याचिकाओं का बैठक में ही निपटारा किया गया जबकि 2 अन्य याचिकाओं को अगली बैठक तक लम्बित रखने के दिशा-निर्देश जारी किए गए।