शाहबाद मारकंडा 11 मार्च 2026 : सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की कृपा से गांव गोलपुरा में श्री अनैब सिंह जी ने मकान बनाने की खुशी में और सतगुरु माता जी का शुक्रिया करने के लिए एक निरंकारी सत्संग करवाया गया जिसमें सैकड़ो श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया । इस ब्रह्मज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए इस प्रकार के प्रयास किए जाते हैं ताकि मैं सुखी हुआ हूं औरों को भी यह सुख मिले।
इस अवसर पर श्री जसमीत खुराना जी प्रचारक शाहबाद मारकंडा ने कहा कि परमात्मा कण-कण में विराजमान है और कोई भी इन्सान इसे अपनी ताकत या लियाकत आदि द्वारा इसकी जानकारी नहीं कर सकता क्योंकि यह केवल वर्तमान सत्गुरू की शरण में आकर ब्रहमज्ञान की प्राप्ति से ही प्राप्त किया जा सकता है । इससे इन्सान भक्ति के मार्ग पर चलना आरम्भ कर देता है और भ्रम-भुलेखों से दूर रहता है ।
श्री खुराना ने बताया कि मन की स्थिरता के लिए वर्तमान सत्गुरू का मार्गदर्शन बहुत जरूरी होता है अन्यथा इस चंचल मन को स्थिर कर पाना हर इन्सान के लिए बहुत ही मुश्किल होता है । इन्सान के विचार ही उसके कर्मों को आकार देते हैं इसलिए यदि ब्रहमज्ञान की प्राप्ति के बाद इन्सान सत्संग सेवा सिमरन से जुड़ा रहता है तो उसके अन्दर साकारात्मक और भक्तिपूर्ण विचार उत्पन्न होते हैं जिससे उसके द्वारा किए जा रहे कर्म भी उस अनुसार हो जाते हैं और वह बुरे कर्मों से बचा रहता है ।
सत्गुरू की शरण में आने से इन्सान में एकत्व का भाव उत्पन्न होता है क्योंकि सत्गुरू यही समझाते हैं कि सभी में आत्मा के रूप में एक ही परमपिता परमात्मा की अंश मौजूद है इसलिए हमें किसी ने वैर नफरत नहीं करनी चाहिए सभी को एक पिता की सन्तान मानते हुए सभी के साथ प्यार और मिलवर्तन से रहना चाहिए ।
उन द्वारा अपने कर्मों और विचारों का लगातार मूल्यांकन करने और अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए आत्म-मंथन करने की सलाह दी गई।