मानसून पूर्व तैयारियों की अतिरिक्त उपायुक्त ने दी जानकारी, मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की समीक्षा
ऊना, 9 जून. दक्षिण-पश्चिम मानसून-2026 के दृष्टिगत संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन ऊना द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। विभागीय समन्वय को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स के प्रशिक्षण के माध्यम से आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक मजबूत किया जा रहा है।
अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर ने मंगलवार को यह जानकारी दी। वे आगामी मानसून के दृष्टिगत तैयारियों की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव केके पंत की अध्यक्षता में शिमला से आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हुए।
बैठक के उपरांत अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन संबंधी तैयारियों के लिए सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, पूर्व चेतावनी प्रणाली को सक्रिय बनाए रखने तथा सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विभागों को मानसून के दौरान जन-धन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूर्ण सतर्कता एवं तत्परता बनाए रखने को कहा गया है।
उन्होंने बताया कि संबंधित विभागों को नदियों एवं नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने, जलभराव संभावित स्थलों से अवरोध हटाने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने तथा पुलों और पुलियों के आसपास सफाई व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि मानसून सीजन-2026 के मद्देनज़र तैयारियों एवं संभावित आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए 10 जून बुधवार को बचत भवन ऊना में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए गए पूर्व प्रबंधों, संसाधनों की उपलब्धता तथा आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया संबंधी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी अतिरिक्त उपायुक्त के साथ एनआईसी कक्ष में उपस्थित रहे।
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हमीरपुर में लघु रोजगार मेला 11 को
कुल 445 पदों के लिए होंगे साक्षात्कार
हमीरपुर 09 जून। जिला रोजगार कार्यालय हमीरपुर में 11 जून को सुबह 10 बजे लघु रोजगार मेला आयोजित किया जा रहा है, जिसमें कुल 445 पदों के लिए पात्र उम्मीदवारों के साक्षात्कार लिए जाएंगे।
जिला रोजगार अधिकारी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि इस लघु रोजगार मेले में बद्दी की प्रसिद्ध कंपनी माइलस्टोन गियर्स लिमिटेड मशीन ऑपरेटर, प्रोडक्शन एवं क्वालिटी ट्रेनी के 300 पदों को भरेगी। इन पदों के लिए अभ्यर्थी बारहवीं पास या फिटर, टर्नर, मशीनिस्ट और एमएमवी ट्रेड में आईटीआई डिप्लोमाधारक, मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या बीटेक डिग्रीधारक 18 से 25 वर्ष तक के अविवाहित पुरुष उम्मीदवार पात्र होंगे। चयनित युवाओं को 14 हजार से 16 हजार रुपये तक मासिक वेतन दिया जाएगा।
जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि एचएमसी-ई वैली प्राइवेट लिमिटेड भी टेक्निकल एसोसिएट, ऑपरेटिंग इंजीनियर, असेंबली और वैल्डिंग के 45 पदों के लिए साक्षात्कार लेगी। इन पदों के लिए बारहवीं पास आईटीआई डिप्लोमाधारक तथा मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और ऑटोमोबाइल ट्रेड में डिप्लोमाधारक महिला एवं पुरुष उम्मीदवार पात्र होंगे। उनकी आयु 18 से 32 वर्ष के बीच होनी चाहिए। चयनित उम्मीदवारों को 18,500 रुपये से 22,500 रुपये तक मासिक वेतन मिलेगा।
सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि इस लघु रोजगार मेले में एसआईएस इंडिया लिमिटेड आरटीए हमीरपुर भी सिक्योरिटी गार्ड और सुपरवाइजर के 100 पदों के लिए साक्षात्कार लेगी। इन पदों के लिए 19 वर्ष से 40 वर्ष तक के पुरुष उम्मीदवार भर्ती किए जाएंगे। दसवीं फेल या दसवीं पास अथवा इससे अधिक शैक्षणिक योग्यता वाले उम्मीदवार, जिनकी लंबाई कम से कम 168 सेंटीमीटर और वजन 52 से 95 किलोग्राम के बीच हो, इन पदों के लिए पात्र हैं। चयनित उम्मीदवारों को 18,000 रुपये से लेकर 24 हजार रुपये तक मासिक वेतन, ईपीएफ, ईएसआई, बीमा एवं पेंशन जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।
जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि अगर कोई युवा इन पदों के लिए योग्यता रखता है और उसका नाम किसी भी रोजगार कार्यालय में पंजीकृत है तो वह अपने मूल प्रमाण पत्रों तथा हिमाचली प्रमाण पत्र के साथ साक्षात्कार में भाग ले सकता है।
भर्ती के संबंध में अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय के दूरभाष नंबर 01972-222318 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
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राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के तहत बेरोजगार युवाओं के लिए सुनहरा अवसर
अब ई-टैक्सी खरीदने पर मिलेगी 50 प्रतिशत सब्सिडी, 16 जून तक ऑनलाइन करें आवेदन
बिलासपुर 09 जून: क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी बिलासपुर विपिन गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के अंतर्गत प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने पर रोजगार हासिल करने का एक सुनहरा अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने बताया कि जिला के ऐसे स्थायी बेरोजगार युवा जिनकी आयु 25 से 45 वर्ष के मध्य है ऐसे युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने पर सरकार 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान कर रही है। इच्छुक आवदेनकर्ता आॅनलाईन माध्यम से आगामी 16 जून से पहले आवेदन कर सकते है।
उन्होंने बताया कि इच्छुक आवेदनकर्ता के पास हिमाचल का स्थायी निवासी प्रमाण पत्र, 10वीं पास तथा वैध कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस के साथ सात वर्ष का अनुभव होना अनिवार्य है। यदि आवेदनकर्ता 10वीं पास नहीं है तो वैध कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस का अनुभव दस वर्ष होना अनिवार्य है। साथ ही उम्मीदवार का नाम रोजगार कार्यालय में कम से कम एक वर्ष से पंजीकृत होना चाहिए। उन्होंने बताया कि आवेदनकर्ता की वार्षिक पारिवारिक आय 3 लाख रुपये से कम होनी चाहिए तथा आय प्रमाण पत्र सम्बन्धित राजस्व विभाग से प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
उन्होंने बताया कि इच्छुक पात्र आवेदनकर्ता परिवहन विभाग के पोर्टल https://etaxihpdt.org/home पर पूर्ण दस्तावेजों सहित आॅनलाईन आवेदन आगामी 16 जून से पहले कर सकते है।
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देवयानी इंटरनेशनल लिमिटेड ने विभिन्न श्रेणियों में अधिसूचित किए 15 पद
18 जून को जिला रोजगार कार्यालय में होगा साक्षात्कार
बिलासपुर, 09 जून: जिला रोजगार अधिकारी राजेश मेहता ने जानकारी देते हुए बताया कि देवयानी इंटरनेशनल लिमिटेड, गांव कोठी, ऋषिकेश नज़दीक बेहनाजट्टा, तहसील झंडूता, जिला बिलासपुर ने विभिन्न श्रेणियों के कुल 15 पद अधिसूचित किए है। जिनमें टीम मेम्बर, हाउसकीपर, सिक्योरिटी गार्ड, साउथ इंडियन शेफ, शेफ इंडियन कोमी-1, कोमी-2, कोमी-3 तथा किचन हेल्पर के पद शामिल है। इन पदों के लिए 18 जून को जिला रोजगार कार्यालय बिलासपुर में प्रातः 10ः30 बजे से कैंपस इंटरव्यू का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इन पदों के लिए इच्छुक योग्य उम्मीदवार जो ग्राहकों को बेहतरीन सेवा प्रदान कर सके वो आवेदन कर सकते है। इच्छुक उम्मीदवार की आयु 25 वर्ष से कम तथा शैक्षणिक योग्यता 10वीं और 12वीं पास होना चाहिए। चयनित अभ्यर्थियों को 11 हजार 700 रुपये तक मासिक वेतन प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त पीएफ तथा इएसआई की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
उन्होंने बताया कि चयनित अभ्यार्थियों को गांव कोठी, ऋषिकेश नज़दीक बेहनाजट्टा, तहसील झंडूता में नियुक्त किया जाएगा। साथ ही बताया कि जिनका नाम रोजगार कार्यालय में पंजीकृत नहीं है वो आॅनलाइन वेबसाइट ममउपेण्ीचण्हवअण्पद पर अपना नाम दर्ज करवा सकते है।
उन्होंने बताया कि इच्छुक उम्मीदवार अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों सहित निर्धारित स्थान, तिथि व समय पर उपस्थित होकर कैंपस इंटरव्यू में भाग ले सकते हैं। इस सम्बन्ध में अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय के दूरभाष नम्बर 01978-222450 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
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समाधान समारोह के अंतर्गत मामलों के प्रस्तुतिकरण की अंतिम तिथि 31 जुलाई तक बढ़ी
मण्डी, 09 जून। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मण्डी, विवेक कायस्थ ने आज यहां बताया कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा "समाधान समारोह" के अंतर्गत मामलों को संदर्भित करने के लिए निर्धारित गूगल फॉर्म के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 जुलाई, 2026 कर दी गई है।
उन्होंने सेवाग्रहणकर्ताओं, वादकारियों तथा एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड (एआरओ) को सूचित करते हुए बताया कि इच्छुक वादकारी एवं एआरओ अपने मामलों को समाधान समारोह के अंतर्गत विचारार्थ प्रस्तुत करने के लिए भारत के सर्वोच्च न्यायालय की वेबसाइट पर उपलब्ध "SAMADHAN SAMAROH" टैब के अंतर्गत दिए गए गूगल फॉर्म के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए गूगल फॉर्म का लिंक https://forms.gle/woYFFEph7pgiTQ7u7 है।
उन्होंने बताया कि यह समय-विस्तार अधिकाधिक वादकारियों एवं एआरओ को अपने मामले प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करने तथा उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दिया गया है। उन्होंने सभी संबंधित व्यक्तियों से अनुरोध किया है कि वे इस विस्तारित अवधि का लाभ अवश्य उठाएं।
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सोलन दिनांक 09.06.2025
विभिन्न अधिनियमों के अंतर्गत गठित समितियों की बैठकें आयोजित
अतिरिक्त उपायुक्त सोलन राहुल जैन की अध्यक्षता में गत दिवस अनुसूचित जाति, जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के अंतर्गत गठित ज़िला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति, प्रधानमंत्री का नया 15 सूत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत बैठक, दिव्यांगजन अधिकार संरक्षण अधिनियम, 2016 के अंतर्गत गठित ज़िला स्तरीय समिति तथा राष्ट्रीय न्यास अधिनियम, 1999 के अंतर्गत गठित स्थानीय स्तरीय समिति की बैठकों का आयोजन किया गया।
राहुल जैन ने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम का उद्देश्य अनुसूचित जाति समुदाय को योजनाओं का लाभ पहुंचाना है ताकि उनका आर्थिक, सामाजिक तथा शैक्षणिक उत्थान सुनिश्चित बनाना है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत ज़िला में गत वर्षों में 105 मामले प्राप्त हुए है जिनमें से 47 मामले विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन हैं। उन्होंने कहा कि गत वर्षों में 76 मामलों में 105 पीड़ितों को 72.16 लाख रुपए की सहायता राशि उपलब्ध करवाई गई है। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को शेष मामलों को शीघ्र निपटारा करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने सम्बन्धित विभागों को अनुसूचित जाति, जनजाति अधिनियम, 1989 के विषय पर समय-समय पर जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।
राहुल जैन ने प्रधानमंत्री का नया 15 सूत्रीय कार्यक्रम बैठक की समीक्षा करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए कि समय-समय पर स्कूलों का निरीक्षण करें। उन्होंने अधिकारियों को अल्पसंख्यक समुदायों के पात्र मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति से जोड़ने तथा कौशल विकास भत्ता योजना का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए ताकि पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि आर्थिक क्रियाकलापों के लिए अधिवृद्धित सहायता योजना के अंतर्गत ज़िला एवं तहसील कल्याण कार्यालयों के माध्यम से पात्र एवं इच्छुक लाभार्थियों को ऋण सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में अभी तक ज़िला में 15 लाभार्थियों को 87 लाख रुपए की राशि ऋण के रूप में प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को पात्र लाभार्थियों को विश्वकर्मा योजना के बारे में जागरूक करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की बैठक की समीक्षा करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र दिव्यांगजनों को आवश्यतानुसार सहायक उपकरण उपलब्ध करवाने के लिए औपचारिकताएं पूर्ण करना सुनिश्चित बनाएं।
राहुल जैन ने राष्ट्रीय न्यास अधिनियम, 1999 के अंतर्गत गठित स्थानीय स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को अधिनियम की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता शिविरों का आयोजन करने के निर्देश दिए।
ज़िला कल्याण अधिकारी विवेक अरोड़ा ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बद्दी अशोक वर्मा, उप पुलिस अधीक्षक सोलन अशोक चौहान, ज़िला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास डॉ. पदम देव शर्मा, ज़िला कार्यक्रम अधिकारी स्वास्थ्य डॉ. गगन दीप, उप निदेशक उच्च शिक्षा गोपाल चंद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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बैरटी में भारत-जापान ज्ञान केन्द्र एवं मॉडल कृषि फार्म का शुभारम्भ
किसान क्लस्टर मेला भी आयोजित
जायका-इंडिया के प्रमुख ताकेउची ताकुरो ने किया उद्घाटन
जायका-इंडिया के प्रमुख ताकेउची ताकुरो ने आज सोलन के बैरटी स्थित सब्जी विकास केंद्र में भारत-जापान ज्ञान केंद्र एवं मॉडल कृषि फार्म का शुभारम्भ किया।
इस अवसर पर किसान क्लस्टर मेला भी आयोजित किया गया। इस मेले में बड़ी संख्या में किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) तथा स्वयं सहायता समूहों ने भाग लिया।
परियोजना के अंतर्गत निर्मित तीन सिंचाई उप-परियोजनाओं की अवसंरचनाओं को भी संबंधित कृषक विकास संघों को औपचारिक रूप से हस्तांतरित किया गया।
जायका-इंडिया का यह मिशन हिमाचल प्रदेश फल विविधिकरण परियोजना-प्प् के अंतर्गत सोलन, पालमपुर एवं धर्मशाला में संचालित नवाचारी गतिविधियों के अवलोकन के लिए तीन दिवसीय दौरे पर है।
ताकेउची ताकुरो ने इस अवसर पर कृषि क्षेत्र में भारत-जापान सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर बल दिया। उन्होंने किसानों की आय वृद्धि, आधुनिक तकनीकों के प्रसार तथा जलवायु-अनुकूल कृषि प्रणालियों को बढ़ावा देने में परियोजना की भूमिका की सराहना की।
परियोजना निदेशक डॉ. सुनील चौहान ने कहा कि जायका के सहयोग से संचालित हिमाचल प्रदेश फसल विविधिकरण प्रोत्साहन परियोजना-2 के अंतर्गत एक अभिनव कार्यक्रम की परिकल्पना की गई है। इसके माध्यम से हिमाचल प्रदेश के युवा किसानों को जापान में रोज़गारोन्मुख प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि चयनित किसानों को जापान भेजने से पूर्व जापानी भाषा, संस्कृति, कार्य पद्धतियों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। आरम्भ में 150 युवाओं को चरणबद्ध रूप से प्रशिक्षित करने का प्रस्ताव है।
बैरटी स्थित फार्म में हिमाचल स्मार्ट फार्मिंग परियोजना के अंतर्गत स्थापित हाई-टेक पॉलीहाउस खेती प्रणाली का भी लोकार्पण किया गया। यह हाई-टेक पॉलीहाउस प्रदेश में संरक्षित खेती एवं आधुनिक बागवानी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण है। जापानी तकनीक और भारतीय नवाचार के समन्वय से विकसित यह पॉलीहाउस प्रदेश की भौगोलिक एवं जलवायुगत परिस्थितियों के अनुरूप किसानों को उच्च गुणवत्ता फसल उत्पादन के लिए विश्व स्तरीय तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध करवाता है।
इस अवसर पर भारत में माचा उद्योग के निर्माण की अवधारणा की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस प्रस्तावित माचा पहल का उद्देश्य प्रदेश की अनुकूल परिस्थितियों तथा विशेष रूप से कांगड़ा जैसे चाय उत्पादक क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाली ग्रीन टी एवं माचा के उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ावा देना है। दीर्घकालिक स्तर पर देश में एक स्वदेशी माचा पारिस्थितिकीय तंत्र विकसित करना है।
जायका मिशन ने इस अवसर पर हाई-टेक पॉलीहाउस खेती प्रणाली स्थापित करने वाली संस्था एम-टू-लैबो के साथ विस्तृत विचार-विमर्श भी किया।
उपस्थित कृषि वैज्ञानिकों एवं अन्य ने कृषि प्रदर्शनी एवं मॉडल कृषि फार्म का अवलोकन भी किया। उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती, मूल्य संवर्धित उत्पादों, एफपीओ तथा स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी में गहन रुचि ली।
किसान समूह मेले में सोलन, सिरमौर एवं शिमला जिलों के 300 से अधिक किसानों, स्वयं सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों सहित कृषि विभाग ने भाग लिया। इस किसान समूह मेले का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, बाज़ारोन्मुख उत्पादन, सामूहिक विपणन तथा सफल कृषि मॉडलों से परिचित कराना था।
कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों एवं एफपीओ प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम में कृषि, बागवानी एवं सामुदायिक विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों, एफपीओ तथा स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया गया।
सोलन के ज़िला परियोजना प्रबंधक डॉ. राजेंद्र सिंह ठाकुर ने सभी विशिष्ट अतिथियों, किसानों, किसान उत्पादक संगठनों, स्वयं सहायता समूहों तथा उपस्थित जनसमूह के प्रति धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया।
इस अवसर पर उप परियोजना निदेशक डॉ. राजेश कुमार, राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई (एसपीएमयू) के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. आशीष आनंद एवं डॉ. राकेश शर्मा, परियोजना प्रबंधन परामर्शी सेवा के विशेषज्ञ सुशील कुमार शर्मा एवं सुदर्शन सूर्यवंशी, उप निदेशक कृषि डॉ. देव राज कश्यप सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
जायका-इंडिया के मिशन दल में वरिष्ठ प्रतिनिधि सोता कोइडे, प्रतिनिधि ताइको इवामोटो तथा विकास विशेषज्ञ निष्ठा वेंगुरलेकर सम्मिलित हैं।