चण्डीगढ़, 06.02.26- : राज्यसभा सांसद डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी ने सांसद संदीप पाठक और सांसद हारिस बीरन के साथ मिलकर संसद में राष्ट्रीय राजधानी में लापता व्यक्तियों की संख्या में हो रही चिंताजनक वृद्धि का गंभीर मुद्दा उठाया। डॉ. साहनी ने कहा कि इस वर्ष के पहले 15 दिनों में ही दिल्ली से 807 लोग लापता हो चुके हैं, यानी औसतन प्रतिदिन 54 लोग। उन्होंने कहा कि इससे भी अधिक चिंताजनक तथ्य यह है कि इनमें से 509 महिलाएं और 191 बच्चे हैं। उन्होंने एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि यह कोई हाल की प्रवृत्ति नहीं है। वर्ष 2025 में दिल्ली में 23,000 से अधिक लापता व्यक्तियों के मामले दर्ज किए गए, जिनमें 60 प्रतिशत से अधिक महिलाएं और लड़कियां थीं। वहीं 2024 में लगभग 25,000 मामले दर्ज हुए, जिनमें भी महिलाओं की संख्या सबसे अधिक थी।
डॉ. साहनी ने विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन, मानव तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और एक व्यापक महिला सुरक्षा रणनीति की मांग की। उन्होंने कहा कि मौजूदा निगरानी और पुलिसिंग तंत्र प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पा रहे हैं। दिल्ली में लगभग 2.8 लाख सरकारी सीसीटीवी कैमरे लगे है जो न्यूयॉर्क या लंदन जैसे शहरों से भी अधिक हैं, हजारों लापता व्यक्तियों का पता न लग पाना गंभीर प्रणालीगत खामियों की ओर इशारा करता है। डॉ. साहनी ने यह भी कहा कि विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों से जुड़े गायब होने के मामलों का पैटर्न संगठित मानव तस्करी की आशंका को और मजबूत करता है।