धर्मशाला, 5 फरवरी-बुधवार को हिमाचल प्रदेश के तीन दिवसीय दौरे पर आए जापान अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जायका) के मध्यावधि समीक्षा मिशन ने अपने दौरे के दूसरे दिन कांगड़ा जिले में हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (एचपीसीडीपी) के अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान चैतड़ू में किसान उत्पादक संगठनों के संयुक्त मंच/महासंघ का विधिवत शुभारंभ किया गया।
इस महासंघ का शुभारंभ जायका समीक्षा मिशन के प्रमुख एवं जायका-इंडिया के मुख्य प्रतिनिधि ताकेउची तकुरो द्वारा किया गया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश सरकार के सचिव (कृषि) डॉ. सी. पॉलरासु, जायका-इंडिया की प्रतिनिधि सुश्री इवामोटो तएको, विकास विशेषज्ञ सुश्री निष्ठा वेंगुरलेकर, परियोजना निदेशक डॉ. सुनील चौहान, हार्वेस्टिंग फार्मर्स नेटवर्क (एचएफएन) के सीईओ रुचित गर्ग तथा वरिष्ठ सलाहकार बी.एस. संधू विशेष रूप से उपस्थित रहे।
यह किसान महासंघ परियोजना के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण एग्री-बिजनेस पहल है, जिसका उद्देश्य किसान उत्पादक संगठनों को एक साझा मंच प्रदान कर उन्हें बाजार से जोड़ना, मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देना तथा किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना है। यह महासंघ एचपीसीडीपी और हार्वेस्टिंग फार्मर्स नेटवर्क, मोहाली के सहयोग से गठित किया गया है।
इससे पूर्व, जायका समीक्षा मिशन ने
परियोजना मुख्यालय हमीरपुर में किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप परियोजना परिणामों की प्राप्ति सुनिश्चित करने हेतु पुनर्विनियोजन प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर एचपीसीडीपी कैलेंडर-2026 का भी विमोचन किया गया, जिसमें परियोजना के चरण-II के दौरान प्रस्तावित जायका मिशनों की सात यात्राओं का विवरण सम्मिलित है।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान मिशन जुलाई 2021 में चरण-II की शुरुआत के बाद परियोजना क्षेत्र में आने वाला सातवां जायका मिशन है।
इसके उपरांत मिशन दल जिला परियोजना प्रबंधन इकाई, पालमपुर के लिए रवाना हुआ, जहां दवाड़ कुहल सिंचाई योजना का निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की गई। 126.73 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह योजना 71.78 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचित कर रही है, जिससे 190 किसान परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है।
मिशन ने कृषि विभाग के मॉडल फार्म भट्ठू का भी दौरा किया, जहां परियोजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न नवाचारों, प्रदर्शन इकाइयों एवं गतिविधियों का अवलोकन किया गया।
इस दौरान जिला परियोजना प्रबंधक कांगड़ा वाई.पी. कौशल, रजनीश कुमार, विषय विशेषज्ञ अमित भूषण, विवेक, खंड परियोजना प्रबंधक तथा राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
जायका समीक्षा मिशन ने एचपीसीडीपी के अंतर्गत किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह परियोजना किसानों की आय बढ़ाने, कृषि-आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहित करने तथा टिकाऊ कृषि विकास की दिशा में एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रही है।