मुख्यमंत्री ने श्री राधाकृष्ण मंदिर कोटला कलां के धार्मिक उत्सव में लिया भाग
गीता के कर्मयोग की भावना से जनसेवा में जुटी है प्रदेश सरकारः मुख्यमंत्री
‘जनता और भगवान के आशीर्वाद से जारी रहेगी हिमाचल के हक़-हक़ूक़ की लड़ाई’
ऊना, 5 फरवरी! मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने ऊना के कोटला कलां स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर समिति द्वारा आयोजित वार्षिक धार्मिक महासम्मेलन में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर माथा टेका तथा राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता में कर्म करने और फल की चिंता न करने का जो संदेश दिया गया है, उसी कर्मयोग की भावना से प्रदेश सरकार जनकल्याण के कार्यों में निरंतर जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं, आमजन और गरीब वर्ग के कल्याण के लिए संवेदनशील, समावेशी और मानवीय दृष्टिकोण के साथ योजनाओं को लागू कर रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत प्रदेश सरकार निराश्रित बच्चों के लिए माता-पिता की भूमिका निभा रही है। हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने प्रदेश के 6,000 निराश्रित बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का कानूनी दर्जा प्रदान किया है। निराश्रित बच्चों की 27 वर्ष की आयु तक शिक्षा, स्वास्थ्य और समग्र देखभाल की जिम्मेदारी राज्य सरकार उठा रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत प्रत्येक बच्चे को 4,000 रुपये मासिक पॉकेट मनी दी जा रही है, जबकि शिक्षा, आवास और स्वास्थ्य सहित सभी आवश्यकताओं का प्रबंध सरकार द्वारा किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी विद्यार्थी केवल आर्थिक अभाव के कारण उच्च शिक्षा से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना शुरू की गई है, जिसके तहत 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण मात्र एक प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध करवाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वे दूसरी बार श्री राधाकृष्ण मंदिर आए हैं और यहां से उन्हें सदैव आध्यात्मिक ऊर्जा और आशीर्वाद प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के हक़-हक़ूक़ की लड़ाई वे जनता के सहयोग और भगवान के आशीर्वाद से निरंतर लड़ते रहेंगे।
इस अवसर पर बाबा बाल जी महाराज ने मुख्यमंत्री को शुभाशीर्वाद देते हुए कहा कि भगवान की कृपा से मुख्यमंत्री पूरे हिमाचल का भला कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का परिवार धार्मिक संस्कारों से युक्त है और वे प्रदेश की जनता के लिए निष्ठा और समर्पण भाव से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आई आपदा के समय मंदिर समिति की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष में 5 लाख रुपये का योगदान भी दिया गया था।
इस अवसर पर विधायक राकेश कालिया, विवेक शर्मा, सुदर्शन सिंह बबलू, राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार, महाधिवक्ता अनूप रत्न, जिला कांग्रेस अध्यक्ष देशराज गौतम, एससी आयोग के सदस्य अधिवक्ता विजय डोगरा, उपायुक्त जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक अमित यादव सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।