उपायुक्त अपूर्व देवगन ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभार्थी चयन में तेजी लाने के दिए निर्देश
जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा
मंडी, 24 जनवरी। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय के वीसी रूम में सार्वजनिक वितरण प्रणाली तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभार्थियों के चयन की प्रगति की समीक्षा करते हुए इस प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने जिला पंचायत अधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर शेष पात्र लाभार्थियों का चयन शीघ्र पूरा करने पर बल दिया। उपायुक्त ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत जिला मंडी को कुल 5,36,750 लाभार्थियों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसके तहत अब तक 4,31,720 लाभार्थियों का चयन किया जा चुका है।
*855 उचित मूल्य दुकानों से हो रहा राशन वितरण
उपायुक्त ने बताया कि जिला मंडी में निगम के 19 गोदामों के माध्यम से 855 उचित मूल्य दुकानों द्वारा 3,23,950 राशन कार्ड धारकों को आटा, चावल, दालें, चीनी, तेल एवं नमक का वितरण किया जा रहा है। यह वितरण एपीएल, बीपीएल, अंत्योदय अन्न योजना तथा प्राथमिक गृहस्थियां योजना के तहत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नवम्बर 2025 तथा दिसम्बर 2025 के दौरान विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कुल 84,990 क्विंटल आटा, 54,493 क्विंटल चावल, 10,915 क्विंटल दालें, 8,162 क्विंटल चीनी, 9,81,639 लीटर खाद्य तेल तथा 4,018.41 क्विंटल नमक वितरित किया गया।
*सभी कार्ड धारकों को फोर्टिफाइड खाद्य सामग्री उपलब्ध
उपायुक्त ने बताया कि वर्तमान में जिले की सभी उचित मूल्य दुकानों पर सभी राशन कार्ड धारकों को फोर्टिफाइड आटा (आयरन, फॉलिक एसिड, विटामिन बी-12), फोर्टिफाइड चावल (आयरन, फॉलिक एसिड, विटामिन बी-2, बी-6, बी-12 एवं विटामिन सी), डबल फोर्टिफाइड नमक (आयोडीन एवं आयरन) तथा फोर्टिफाइड खाद्य तेल (विटामिन ए एवं डी) उपलब्ध करवाया जा रहा है।
*निरीक्षणों के दौरान अनियमितताओं पर जुर्माना
उपायुक्त ने बताया कि खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा नवम्बर 2025 से दिसम्बर 2025 के दौरान विभिन्न नियंत्रण आदेशों के तहत कुल 1,039 निरीक्षण किए गए। निरीक्षणों के दौरान पाई गई अनियमितताओं पर इस अवधि में कुल 10,400 रुपये का जुर्माना वसूला गया। उन्होंने खाद्यान्नों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियमित निरीक्षण एवं नमूने लेने के निर्देश भी दिए।
*नई उचित मूल्य दुकानों व विस्तार शाखाओं का निर्णय
उपायुक्त ने बताया कि इस अवसर पर जिला मंडी के विभिन्न क्षेत्रों में उचित मूल्य की नई दुकानों तथा विस्तार शाखाएं खोलने का निर्णय भी लिया गया, ताकि लाभार्थियों को समय पर और सुचारू रूप से आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाई जा सकें।
*बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में जिला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंडी पवन कुमार, खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी लेख राज, क्षेत्रीय प्रबंधक हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम मंडी संजीव शर्मा, भारतीय खाद्य निगम मंडी के प्रबंधक छेरिंग वंग्युल, जिला ऑडिट अधिकारी ओम चंद शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
===================================
*बागवानों को उच्च मूल्य की फसलें उगाने के लिए करें प्रेरित:अपूर्व देवगन*
*मंडी, 24 जनवरी।* उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने बागवानी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि फील्ड में जाकर बागवानों को हाइड्रोपोनिक खेती,मधुमक्खी पालन,केसर की खेती तथा सोलर क्रॉप ड्रायर बारे जागरूक करें ताकि बागवान पारम्परिक फसलों के साथ साथ उच्च मूल्य की फसलों को उगाने के लिए प्रेरित हो सकें। ड्रैगन फ्रूट, एवोकाडो , केसर ,स्ट्रॉबेरी,कीवी, चेरी,ब्लूबेरी,अंजीर जैसी नई फसलों की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को आवश्यक तकनीकी सहायता एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।
उपायुक्त शनिवार को बागवानी विभाग की एमआईडीएच (मिशन फॉर इंटिग्रेटेड डवल्पमैंट ऑफ हॉर्टिकल्चर) के लिए गठित जिला अनुश्रवण समिति की बैठक में जिले में बागवानी क्षेत्र को सुदृढ़ करने हेतु आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
बैठक में उपस्थित संबंधित विभागों के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि बागवानों को इन फसलों की व्यावसायिक संभावनाओं के बारे में जागरूक किया जाए, प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए ताकि बागवान अधिक से अधिक लाभान्वित हो सकें।
बैठक में वार्षिक एक्शन प्लान 2026-27 पर विस्तृत चर्चा की गई तथा 2025-26 के लिए अनुमोदित कार्यों पर हुए व्यय का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया गया।
बैठक में उपनिदेशक बागवानी डॉ. संजय गुप्ता ने जिला में एमआईडीएच (मिशन फॉर इंटिग्रेटेड डवल्पमैंट ऑफ हॉर्टिकल्चर) के तहत किए जा रहे कार्यों का ब्यौरा दिया तथा 2026-27 का वार्षिक एक्शन प्लान प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर जिला कृषि अधिकारी गोपाल चंद,लीड मैनेजर पीएनबी नवांंग छेरिंग, केवीके के वैज्ञानिक, डॉ एल.के. शर्मा, डिस्ट्रिक्ट मिशन कमेटी के गैर सरकारी सदस्य केसर सिंह तथा ख़ेम चंद उपस्थित रहे।
===========================================
बेटियां मानवता की अमूल्य धरोहर : सीडीपीओ
उटपुर और बनाल में मनाया बालिका दिवस
सुजानपुर 24 जनवरी। बेटियां मानव सभ्यता की जननी, संस्कृति की वाहक और समाज की अमूल्य धरोहर हैं। वे न केवल घर को अपार खुशियों से भर देती हैं अपितु समाज की प्रगति में भी समान रूप से भागीदार बनती हैं। वे शक्ति, समन्वय और श्रेष्ठता की प्रतीक हैं जिनका सम्मान और सुरक्षा करना एक सभ्य समाज का प्रथम कर्तव्य है। उक्त विचार सीडीपीओ सुजानपुर कुलदीप सिंह चौहान ने ग्राम पंचायत उटपुर और ग्राम पंचायत बनाल में राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में बेटियों एवं स्थानीय समुदाय से संवाद करते हुए व्यक्त किये।
उन्होंने कहा कि बेटियां समाज में सकारात्मक परिवर्तन का महत्वपूर्ण साधन हैं। शिक्षा, खेल, विज्ञान हो अथवा राजनीति; बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा कर समाज को और अधिक समावेशी एवं समतामूलक बनाने के नये द्वार खोल रही हैं। बेटियों की सक्रियता समाज एवं विश्व को न्यायसंगत, सामंजस्यपूर्ण एवं भेदभाव रहित बनाने की गारंटी है। अतः यह आवश्यक हो जाता है कि बेटियों को समान अवसर, समुचित शिक्षा एवं आवश्यक सुरक्षा प्रदान कर हम समाज गढ़ने में सहभागी बनें। उन्होंने लैंगिक भेदभाव, बाल विवाह और बालश्रम जैसी कुरीतियों के प्रति शून्य सहनशीलता (जीरो टॉलरेंस) की अपील करते हुए इन कुरीतियों को जड़ से मिटाने पर जोर दिया। इस अवसर पर बेटियों को अपनी प्रतिभा दिखाने हेतु अनेक खेल एवं मनोरंजक गतिविधियों तथा स्थानीय समुदाय की ओर से प्रीति भोज का भी आयोजन किया गया।
=======================================
*बालिका दिवस पर आंगनबाड़ी स्तर पर दिलाई गई शपथ*
*मंडी, 24 जनवरी।* राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में आज बाल विकास परियोजना मण्डी-सदर के अन्तर्गत संचालित सभी 479 आंगनबाड़ी केन्द्रों में विभिन्न गतिविधियां आयोजित कर उपस्थित जनों को बालिका दिवस की शपथ दिलाई गई।
इस मौके पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बाल विवाह रोकथाम अधिनियम, 2006 के बारे में भी लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही 27.11.2025 से 08.03.2026 तक पूरे भारतवर्ष में चलाए जा रहे बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह रोकथाम अधिनियम, 2006 के बारे में लोगों को शपथ भी दिलाई गई। जिला के ऊपरी क्षेत्रों में बर्फबारी के बावजूद लोगों ने इन गतिविधियों में पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और बेटियों की शिक्षा से लेकर उनकी सुरक्षा का संकल्प लिया।
बाल विकास परियोजना अधिकारी जितेंद्र सैणी ने बताया कि मण्डी-सदर में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ तथा जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे 'देई' कार्यक्रम के अन्तर्गत खण्ड व वृत तथा आंगनबाड़ी स्तर पर समय-समय पर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं जिनका उदेश्य बेटियों का सर्वांगीण विकास करना है।