ऊना, 23 जनवरी। लिंग आधारित हिंसा के विरुद्ध चलाए जा रहे ‘नई चेतना’ अभियान के अंतर्गत गुरुवार को डीआरडीए सभागार, ऊना में ऊना ब्लॉक की महिलाओं के अधिकारों को लेकर एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ऊना के पूर्व विधायक सतपाल रायजादा ने की। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा समानता और सम्मान पर आधारित समाज की दिशा में सकारात्मक संदेश देना रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सतपाल रायजादा ने कहा कि लैंगिक समानता के बिना किसी भी समाज का सशक्त, समावेशी और विकसित होना संभव नहीं है। उन्होंने महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों, कानूनी प्रावधानों तथा सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने पर बल दिया।
उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग से महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि ‘नई चेतना’ अभियान एनआरएलएम के सहयोग से न केवल ऊना जिला बल्कि पूरे प्रदेश में संचालित किया जा रहा है।
महिला आजीविका को बढ़ावा देने की पहल, फूड वैन को दिखाई हरी झंडी
इस अवसर पर सतपाल रायजादा ने महिलाओं की आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक फूड वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
उन्होंने बताया कि इस फूड वैन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए पारंपरिक खाद्य उत्पाद आमजन तक पहुंचाए जाएंगे, जिससे महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती मिलेगी। ऊना में यह फूड वैन ओम स्वयं सहायता समूह को प्रदान की गई है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास
हिमाचल प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की राज्य कार्यक्रम प्रबंधक निर्मला चौहान ने बताया कि ‘नई चेतना’ अभियान लगभग डेढ़ माह तक चलने वाला अभियान है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आवागमन की स्वतंत्रता, फील्ड कार्य में भागीदारी और निर्णय लेने के अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।
उन्होंने कहा कि अभियान के तहत महिलाओं को पुलिस सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया, महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं तथा लीगल एड सर्विसेज की जानकारी भी दी जा रही है, ताकि वे अपने अधिकारों को समझते हुए समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
कार्यक्रम में डीएसपी ऊना अजय ठाकुर, जिला विकास कार्यक्रम अधिकारी रमनबीर चौहान, जिला समन्वयक सुखदेव राणा, क्षेत्र समन्वयक मनोज कुमार, सभी सीएलएफ सदस्य, ग्राम संगठनों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित रहीं।
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