CHANDIGARH, 23.01.26-प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा की उपस्थिति में भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ प्रदेश द्वारा कमलम पार्टी कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर चंडीगढ़ की मेयर हरप्रीत कौर बबला ने अपने एक वर्ष के कार्यकाल के दौरान नगर निगम में किए गए कार्यों, सुधारों और उपलब्धियों को विस्तार से पत्रकारों के समक्ष रखा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा के साथ मेयर हरप्रीत कौर बबला, प्रदेश महामंत्री रामवीर भट्टी, संजीव राणा तथा प्रदेश मीडिया प्रभारी रवि रावत विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मेयर हरप्रीत कौर बबला ने अपने संबोधन में कहा कि 30 जनवरी 2025 को कार्यभार संभालते समय नगर निगम की वित्तीय स्थिति अत्यंत दयनीय थी और कर्मचारियों के वेतन भुगतान तक में कठिनाइयां आ रही थीं। उन्होंने इस चुनौती को अवसर में बदलते हुए प्रशासन, नगर निगम अधिकारियों और भाजपा संगठन के साथ समन्वय स्थापित कर ठोस एवं निर्णायक कदम उठाए।
नगर निगम में पारदर्शिता और कार्यकुशलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वित्त एवं अनुबंध समिति (F&CC) का गठन सर्वसम्मति से किया गया। फरवरी 2025 में तीन वैधानिक समितियों—सड़क समिति, जल आपूर्ति एवं सीवरेज समिति तथा हाउस टैक्स समिति—का पुनर्गठन किया गया। इसके अतिरिक्त पहली बार नौ उप-समितियों का गठन किया गया, जिनमें स्वच्छता, प्रवर्तन, अग्नि एवं आपात सेवाएं, पर्यावरण एवं सौंदर्यीकरण, महिला सशक्तिकरण, बिजली, गांव–कॉलोनी–झुग्गी विकास, डे-मार्केट एवं अपनी मंडी तथा कला–संस्कृति–खेल समितियां शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022, 2023 और 2024 में इन महत्वपूर्ण समितियों का गठन नहीं किया गया था।
राजस्व सृजन के क्षेत्र में नगर निगम के इतिहास में पहली बार 53वां रोज़ फेस्टिवल 2025 शून्य व्यय पर आयोजित किया गया, जिससे ₹11,57,220 की आय अर्जित हुई। इसी प्रकार 38वां फ्लावर थीम शो 2025 भी बिना किसी खर्च और शून्य अपशिष्ट के सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
विज्ञापन नीति के तहत 16 यूनिपोल एवं 59 होर्डिंग्स से लगभग ₹20 करोड़, शौचालय ब्लॉकों में विज्ञापन से ₹32 करोड़ तथा 36 राउंडअबाउट्स से लगभग ₹2 करोड़ की आय अपेक्षित है।
व्यापारियों को राहत देते हुए 1,041 वार्डों को बकाया लाइसेंस फीस तीन किश्तों में जमा करने की अनुमति दी गई, जिससे अब तक ₹2.50 करोड़ की प्राप्ति हो चुकी है और मार्च 2026 तक ₹6 करोड़ की अतिरिक्त आय संभावित है।
मेयर ने बताया कि नगर निगम की वित्तीय स्थिति को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अनुरोध किया गया, जिस पर गृह मंत्रालय द्वारा ₹125 करोड़ की अनुदान राशि स्वीकृत की गई। पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया के मार्गदर्शन से प्राप्त इस सहायता से शहर की आवश्यक सेवाओं और आधारभूत ढांचे को मजबूती मिली।
शहर के अधिकांश क्षेत्रों में जंग लगी जल आपूर्ति एवं सीवरेज पाइपलाइनों को बदला जा चुका है, जबकि शेष कार्य ₹25 करोड़ की लागत से शीघ्र पूरा किया जाएगा। V-4, V-5 और V-6 सड़कों के ₹40 करोड़ के प्रोजेक्ट में से ₹20 करोड़ का कार्य पूर्ण हो चुका है, वहीं V-3 सड़कों का कार्य चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा किया जा रहा है, जिससे नगर निगम को लगभग ₹45 करोड़ की बचत होगी।
स्वच्छता और पर्यावरण के क्षेत्र में डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड से 95 प्रतिशत कचरा हटाया जा चुका है। जैविक कचरे के निस्तारण हेतु कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) संयंत्र के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं और 19 जनवरी 2026 को भूमि चिन्हांकन समारोह संपन्न हुआ। इसके साथ ही छह वर्षों से लंबित घर-घर कचरा संग्रहण से जुड़े एमओयू को अंतिम रूप दिया गया। पिछले 32 महीनों से लंबित सफाई कर्मियों की सामग्री के लिए ₹3 करोड़ का भुगतान भी सुनिश्चित किया गया।
नागरिक सुविधाओं के तहत मासिक पार्किंग पास योजना से ₹50 करोड़ वार्षिक आय की उम्मीद है। ट्रीटेड वॉटर परियोजना का 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जिसे जनवरी 2026 तक पूर्ण किया जाएगा। वर्ष 2026 में छह सामुदायिक केंद्र जनता को समर्पित किए जाएंगे। इसके अलावा 500 से अधिक रक्तदान शिविर, कैंसर स्क्रीनिंग एवं मेगा हेल्थ कैंप आयोजित किए गए तथा बाढ़ राहत कोष में ₹20 लाख की राशि जमा कराई गई।
नशा-मुक्त और स्वच्छ चंडीगढ़ के लिए स्वच्छता महोत्सव, स्वच्छता ही सेवा अभियान, साइकलोथॉन, स्वच्छ सांस्कृतिक महोत्सव, गली क्रिकेट टूर्नामेंट 2025 “बल्ला घुमाओ, नशा भगाओ” और “वॉक फॉर ड्रग-फ्री चंडीगढ़” जैसे अभियानों के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता फैलाई गई।
मेयर हरप्रीत कौर बबला ने विश्वास व्यक्त किया कि पारदर्शी प्रशासन, वित्तीय अनुशासन और भाजपा नेतृत्व व जनता के सहयोग से चंडीगढ़ को स्वच्छ, सशक्त और आत्मनिर्भर शहर बनाने की दिशा में यह यात्रा निरंतर आगे बढ़ती रहेगी।