चण्डीगढ़, 23.01.26- : इंस्टीट्यूट फॉर द ब्लाइंड, सैक्टर 26 में ब्लेज़र वितरण समारोह के रूप में एक अर्थपूर्ण एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम भारत विकास परिषद (भाविप), शहीद भगत सिंह शाखा, ढकोली-जीरकपुर द्वारा आयोजित किया गया जिसमें स्कूल के सभी 167 बच्चों के लिए ब्लेज़र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में श्रीरामकृष्ण मिशन सैक्टर 15, चण्डीगढ़ के सचिव स्वामी श्री भीतिहरानन्द जी मुख्य अतिथि के रूप में पधारे। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी जी के अभिनंदन से हुआ, जिसमें दिनेश कुमार कपिला, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सह सभापति एवं सुश्री सुपर्णा सचदेव, मानद सचिव, सोसाइटी फॉर द केयर ऑफ द ब्लाइंड तथा भारत विकास परिषद शहीद भगत सिंह शाखा, ढकोली-ज़ीरकपुर की ओर से संरक्षक प्रदीप जैन, अध्यक्ष अतुल कपूर और सचिव श्रीमती उषा गोयल द्वारा उन्हें स्नेह-स्मृति चिह्न भेंट किये गये।
ख्य अतिथि स्वामी श्री भीतिहरानन्द जी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में विद्यार्थियों एवं स्टाफ को आशीर्वाद दिया। उन्होंने सकारात्मक दृष्टिकोण, आंतरिक शक्ति, अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों के महत्व पर बल देते हुए विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों का आत्मविश्वास एवं दृढ़ता से सामना करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद जी के आदर्श पर चलने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सफलता का मंत्र अपना हर काम पूर्ण एकाग्रता और निष्ठा के साथ करने में छिपा है। उन्होंने इंस्टीट्यूट फॉर द ब्लाइंड की समस्त कार्यकारिणी और स्कूल के सभी अध्यापकों तथा स्टाफ की निष्ठापूर्ण सेवा की प्रशंसा की।
समापन संबोधन दिनेश कुमार कपिला, एस.वी.पी सह सभापति, सोसाइटी फॉर द केयर ऑफ द ब्लाइंड द्वारा दिया गया। उन्होंने संस्थान की दूरदृष्टि एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए दानदाताओं एवं सहयोगियों की अमूल्य भूमिका को स्वीकार किया। उन्होंने गर्व से बताया कि संस्थान सीबीएसई से संबद्ध है और दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करता है। वर्तमान में भारत के विभिन्न राज्यों से लगभग 167 विद्यार्थी यहाँ अध्ययनरत हैं। शिक्षा ब्रेल लिपि स्क्रीन-रीडिंग सॉफ्टवेयर, सहायक तकनीकों एवं समावेशी शिक्षण विधियों के माध्यम से दी जाती है जिसमें व्यक्तित्व विकास, जीवन कौशल, नैतिक मूल्य एवं आत्मनिर्भरता पर विशेष बल दिया जाता है। उन्होंने शिक्षण एवं गैर-शिक्षण स्टाफ की निष्ठा एवं समर्पण के लिए भी आभार व्यक्त किया तथा स्वामी जी एवं भारत विकास परिषद के निरंतर सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।