बिलासपुर, 22 जनवरी 2026-जिला मुख्यालय में वीरवार को जिला परिषद की त्रैमासिक बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिला परिषद अध्यक्षा बिमला देवी ने की। बैठक में जिले में चल रहे विकास कार्यों, जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों तथा विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक के दौरान जिला परिषद उपाध्यक्ष मानसिंह ने स्वाहण से कटीरड पंगवाना तथा पंजपौड़ा से कोठी हरयाला मियोठ कल्लरी संपर्क सड़कों के निर्माण का मुद्दा उठाया। इस पर लोक निर्माण विभाग से जानकारी ली गई, जिसमें अधिशासी अभियंता ने बताया कि दोनों सड़कों के लिए डीपीआर तैयार की जा चुकी है, लेकिन फॉरेस्ट क्लीयरेंस रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे ही फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिलती है, निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा किया जाएगा।
बैठक में स्वारघाट में प्रस्तावित नशा मुक्ति केंद्र की नवीनतम प्रगति रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि नशा मुक्ति केंद्र का कार्य शीघ्र आरंभ किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में नशे की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत मकानों की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिला विकास अधिकारी ने बताया कि अब तक कुल 1255 मकान स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार दूसरी किस्त 967 मकानों को जारी की जा चुकी है तथा 537 मकान पूरी तरह तैयार हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त आपदा के दौरान 432 नए मकान स्वीकृत किए गए हैं, जिनके पंजीकरण एवं स्वीकृति का कार्य प्रगति पर है, जिसे 31 दिसंबर 2026 तक पूर्ण कर लिया जाएगा।
बैठक में जिला परिषद सदस्यों ने श्री नैना देवी मंदिर तक श्रद्धालुओं के लिए रास्ते में खराब हो चुकी सीढ़ियों का मुद्दा उठाया, जिसमें लिफ्ट से मंदिर तथा बस स्टैंड से मंदिर तक के मार्ग शामिल हैं। विभाग ने जानकारी दी कि इन रास्तों की मरम्मत का 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है तथा शेष कार्य भी एक माह के भीतर पूर्ण कर लिया जाएगा, ताकि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जिला परिषद सदस्य प्रेम सिंह ठाकुर ने श्री नैना देवी अस्पताल के शेष निर्माण कार्य तथा स्टाफ की कमी का विषय उठाया। इसके अतिरिक्त उन्होंने आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी रानी कोटला एवं सोलधा में डॉक्टर और स्टाफ के अभाव के कारण बंद पड़ी डिस्पेंसरियों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नमोल में डॉक्टर का पद रिक्त होने का मुद्दा भी बैठक में रखा। इस पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि डॉक्टर और स्टाफ की कमी के संबंध में निदेशक स्वास्थ्य हिमाचल प्रदेश को अवगत करवा दिया गया है।
उपाध्यक्ष मानसिंह ने ग्राम पंचायत बैहल में किकर वाली संपर्क सड़क की खराब स्थिति का मुद्दा भी उठाया, जो पिछले 8 से 10 वर्षों से पैच वर्क के बावजूद संतोषजनक नहीं है। इस पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आगामी 20 फरवरी तक सड़क का सुधारीकरण कर दिया जाएगा।
बैठक में कीरतपुर साहिब से नैरचौक फोरलेन पर गारा बघेरी बैरियर पर लगे कैमरों द्वारा गलत चालान किए जाने का मामला भी उठाया गया। इस पर क्षेत्रीय अधिकारी परिवहन विभाग द्वारा लिखित जानकारी दी गई कि बैरियर पर लगे कैमरों का संचालन निदेशालय परिवहन शिमला द्वारा किया जाता है तथा सोशल मीडिया पर मामला सामने आने पर निदेशालय को सूचित किया गया था। निदेशालय ने अवगत करवाया है कि तकनीकी खराबी के कारण चालान हुए थे, जिन्हें अब ठीक कर दिया गया है।
जिला परिषद सदस्य ईश्वर दास शर्मा ने 15वें वित्तायोग के अंतर्गत स्वीकृत सोलर लाइटों की स्थापना को लेकर सवाल उठाया। इस पर हिम ऊर्जा के अधिकारी ने बताया कि इस कार्य के लिए 27 लाख रूपए की राशि जारी की जा चुकी है तथा 9 वॉट की 181 एवं 12 वॉट की 57, कुल 238 सोलर लाइटों की जियोटैगिंग पूर्ण कर ली गई है और सप्लाई ऑर्डर भी जारी कर दिया गया है। यह कार्य आगामी दो माह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
बैठक के अंत में अध्यक्षा बिमला देवी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।