परिवहन विभाग ने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर किए जागरुकता कार्यक्रम
बिलासपुर 2 जनवरी: परिवहन विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा 38वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के अंतर्गत जिला बिलासपुर में 1 जनवरी से 31 जनवरी तक सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज आरटीओ बिलासपुर राजेश कुमार कौशल द्वारा जिला के विभिन्न स्थानों जिनमें जिला युवा सेवाएं एवम् खेल विभाग, बिलासपुर द्वारा आयोजित किया जा रहे राज्य युवा उत्सव-2026’ कार्यक्रम में, प्रदेश भर से युवा कलाकारों, प्रवासी मजदूर समूह, चेतना चौक, आई टी आई चौक, बस स्टैंड, गुरुद्वारा चौक, कॉलेज चौक शामिल है। इन स्थानों पर जन जागरूकता अभियान के दौरान सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं पैदल यात्रियों (राहगीरों) की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आम जनता से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने बारे लोगों को जागरुक किया गया।
उन्होंने बताया कि पैदल चलने वालों को चाहिए कि जहां भी फुटपाथ उपलब्ध हो, उसका अनिवार्य रूप से उपयोग करें। यदि फुटपाथ न हो, तो सड़क के किनारे यातायात की विपरीत दिशा में चलें, जिससे आने वाले वाहनों पर नजर रखी जा सके।
उन्होंने उपस्थित जनसमूह को जागरुक करते हुए बताया कि सड़क पार करते समय हमेशा दाएं-बाएं देखकर ही आगे बढ़ें तथा चौराहों, जेब्रा क्रॉसिंग, फुटओवर ब्रिज अथवा अंडरपास का ही उपयोग करें। ट्रैफिक लाइट और संकेतों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन, हेडफोन या अन्य गैजेट्स का प्रयोग न करें, ध्यान भटकने से दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। रात के समय या कम रोशनी में चमकीले अथवा रिफ्लेक्टिव कपड़े पहनें, ताकि वाहन चालक आपको आसानी से देख सकें। आवश्यकता होने पर टॉर्च का प्रयोग भी करें।
आरटीओ ने बताया कि बच्चों के साथ सड़क पार करते समय उनका हाथ पकड़कर चलें और उन्हें सुरक्षित पैदल चलने की आदतें सिखाएं। खड़ी गाड़ियों के बीच से या आगे-पीछे से सड़क पार न करें, क्योंकि इससे दृश्यता कम हो जाती है और दुर्घटना का खतरा रहता है। साथ ही, सड़क पर अचानक दौड़ने या रुकने से बचें, धैर्य रखें और सुरक्षित अवसर का इंतजार करें। शराब या किसी भी नशीले पदार्थ के प्रभाव में पैदल चलना भी खतरनाक है। सड़क विभाजकों या रैलिंग के ऊपर से अथवा बीच से पार करना नियमों के विरुद्ध है।
इन सरल लेकिन महत्वपूर्ण नियमों का पालन कर पैदल यात्री न केवल अपनी, बल्कि अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित कर सकते हैं।