प्लास्टिक कचरे का प्रभावी डोर-टू-डोर संग्रहण किया जाए सुनिश्चित —उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल
चंबा, अक्तूबर 7-उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के अंतर्गत ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 के प्रावधानों के तहत एडॉप्टेड ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक कचरे का प्रभावी डोर-टू-डोर संग्रहण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने साथ में यह भी निर्देश दिए कि आगामी ग्राम सभा बैठकों में शेष पंचायतों में भी ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 के प्रावधानों को लागू करने के लिए एडॉप्शन प्रक्रिया पूरी की जाए।
उपायुक्त आज ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ज़िले में कार्यान्वित की जा रही विभिन्न योजनाओं की समीक्षा को लेकर राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में खंड विकास अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे ।
मुकेश रेपस्वाल ने बैठक के दौरान विकासखंड स्तर पर प्लास्टिक कचरे के डोर-टू-डोर संग्रहण की समीक्षा करते हुए खंड विकास अधिकारियों द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी ली। उन्होंने प्रथम चरण के तहत सेमी-अर्बन क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरे के संग्रहण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
उन्होंने इस दौरान प्लास्टिक वेस्ट प्रबंधन स्थलों तथा मासिक शुल्क की व्यवस्था की भी समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
उपायुक्त ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत संबंधित अधिकारियों को विशेष फोकस रखते हुए टारगेटेड अप्रोच अपनाने तथा निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने बैठक के दौरान मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना के अंतर्गत ऑनलाइन डाटा एंट्री प्रक्रिया पूर्ण करने को भी कहा।
उपायुक्त ने विभिन्न विकासखंडों के अंतर्गत लंबित कार्यों एवं विभागीय जांच से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को इनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में खंड विकास अधिकारी भरमौर, पांगी, तीसा, भटियात, सलूणी वर्चुअल रूप से जुड़े।
जिला विकास अधिकारी तेवेंद्र चनोरिया, अर्थशास्त्री विनोद कुमार, खंड विकास अधिकारी चंबा महेश ठाकुर, मैहला डॉ. बशीर खान सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे।
उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने यह भी बताया कि.स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 के प्रावधानों के अनुसार जिले की 159 ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के लिए एडॉप्शन प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है।
उपायुक्त ने बताया कि विकासखंड भरमौर के तहत गत दो माह के दौरान लगभग 102 टन प्लास्टिक कचरा सीमेंट प्लांट को भेजा जा चुका है, जिसमें मणिमहेश यात्रा के दौरान एकत्रित कचरा भी शामिल है।
उन्होंने यह भी बताया कि विकासखंड चंबा में करीब 30 क्विंटल प्लास्टिक कचरा एकत्रित कर सीमेंट प्लांट भेजा गया है।
विकासखंड सलूणी के तहत दो क्विंटल बेल्ड प्लास्टिक कचरा एकत्रित किया गया है।
विकासखंड तीसा के तहत ग्राम पंचायत भंजराडू व तीसा-1 तथा विकासखंड भरमौर की ग्राम पंचायत भरमौर व होली में डोर-टू-डोर एकत्रीकरण शुरू हो चुका है। भटियात विकासखंड के अंतर्गत सिहुन्ता व छलाड़ा पंचायतों में पायलट आधार पर जल्द व्यवस्था शुरू होगी। विकासखंड मैहला में एक नवंबर से एकत्रीकरण कार्य आरंभ किया जाएगा। पांगी में इसके लिए चार जोन चिन्हित किए गए हैं।