दूध में मिलावट: आर्थिक अपराध नहीं नैतिक पतन की पराकाष्ठा
एक मां जब अपने बच्चे को दूध पिलाती है, तो इस विश्वास के साथ कि वह उसे स्वस्थ पोषण दे रही है। लेकिन क्या उस मुनाफेखोर को जरा भी आत्मग्लानि होती है जो चंद रुपयों के लिए वो एक मां की ममता से विश्वासघात कर रहा है? यह केवल एक आर्थिक अपराध नहीं है, यह नैतिक पतन की पराकाष्ठा है।
Nutritionist, Food Writer & Cookery Expert #181711 - 28-Feb-2026 02:15 PM