घुमारवीं, 20 सितंबर: नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास एवं तकनीकी शिक्षा व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, खेल और आधारभूत ढांचे के विस्तार को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। क्षेत्र में बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं के साथ-साथ युवाओं के लिए आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं तथा विभिन्न विकास परियोजनाओं के माध्यम से आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने के साथ क्षेत्र के समग्र विकास को गति देना है। वह आज पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घुमारवीं में आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। प्रतियोगिता में जिले के 47 विद्यालयों के लगभग 521 विद्यार्थियों ने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में भाग लिया।
इस अवसर पर राजेश धर्माणी ने कहा कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों का शारीरिक और मानसिक विकास होता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में पढ़ाई के साथ-साथ खेलों एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने से बच्चों का चहुंमुखी विकास होता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष जोर दे रही है। राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के अनुसार वर्ष 2021 में हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय रैंकिंग में 21वें स्थान पर था, जबकि वर्ष 2024 के राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण में विभिन्न कक्षाओं में प्रदेश ने तीसरा स्थान हासिल किया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल शिक्षा की पहुंच बढ़ाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना है।
राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश में सरकारी विद्यालयों को सीबीएसई से जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। जनवरी 2026 में सरकार ने 30 अतिरिक्त राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को सीबीएसई से संबद्ध करने की स्वीकृति प्रदान की थी। उन्होंने कहा कि सरकार की शिक्षा संबंधी नीतियों के केंद्र में विद्यार्थी हैं और इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घुमारवीं के भवन निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग के माध्यम से लगभग साढ़े तीन करोड़ रूपए की राशि उपलब्ध करवाई गई है, जिससे विद्यालय का रुका हुआ निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होगा।
उन्होंने कहा कि युवा खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मोर सिंघी में बालिकाओं के लिए हैंडबॉल हॉस्टल अधिसूचित कर दिया गया है तथा इसके संचालन के लिए आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति भी कर दी गई है। घुमारवीं में 100 सीटों की क्षमता वाले स्पोर्ट्स हॉस्टल की अधिसूचना भी जारी की गई है, जिसमें पांच से छह प्रमुख खेलों के लिए सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि घुमारवीं में न्यायालय के समीप लगभग 35 करोड़ रूपए की लागत से राष्ट्रीय स्तर के स्विमिंग पूल सहित इंडोर स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए लगभग 15 करोड़ रूपए की राशि प्राप्त हो चुकी है। यह परियोजना क्षेत्र में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ युवाओं को आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।
राजेश धर्माणी ने कहा कि बिलासपुर में फुटबॉल खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए बद्दाघाट में साढ़े तीन करोड़ रूपए की स्वीकृत राशि से फुल साइज फुटबॉल मैदान का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त करलोटी और भराड़ी में उपलब्ध भूमि के अनुसार लगभग तीन-तीन करोड़ रूपए की लागत से दो नए स्टेडियमों का निर्माण किया जा रहा है। इन परियोजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा निखारने के बेहतर अवसर मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में शिक्षक एवं खेल प्रशिक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक अच्छा शिक्षक विद्यार्थी के जीवन को नई दिशा देने के साथ-साथ समाज और प्रदेश के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने शिक्षकों एवं खेल प्रशिक्षकों से आह्वान किया कि वे बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर उसे निखारने के लिए पूरी लगन और समर्पण के साथ कार्य करें।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे पढ़ाई के साथ-साथ खेलों एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लें तथा अपने विद्यालय, जिला और प्रदेश का नाम रोशन करें।
समापन समारोह में विद्यालय के प्रधानाचार्य दिनेश डोगरा, एपीएमसी अध्यक्ष सतपाल, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष दयाराम, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य रेखा शर्मा, उप निदेशक उच्च शिक्षा नरेश चंदेल, उप निदेशक गुणवत्ता शिक्षा निशा गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।