प्रदेश का आधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र बनेगा किसानों की आय बढ़ाने का आधार: प्रो0 चंद्र कुमार
ढगवार मिल्क प्लांट की प्रगति की समीक्षा, आधारभूत सुविधाएं समय पर पूरी करने के निर्देश
मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित
धर्मशाला, 9 जुलाई: कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने आज उपायुक्त कार्यालय में ढगवार में निर्माणाधीन अत्याधुनिक मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट के निर्माण कार्य एवं आधारभूत सुविधाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में मिल्क फेडरेशन के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर, उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा, मिल्क फेडरेशन के प्रबंध निदेशक अभिषेक वर्मा सहित राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के अधिकारियों, विभिन्न विभागों एवं संबंधित एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान परियोजना की वर्तमान प्रगति, निर्धारित समय-सीमा तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।
कृषि एवं पशुपालन मंत्री ने कहा कि परियोजना की नियमित अंतराल पर समीक्षा की जा रही है, ताकि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जा सकें। उन्होंने पानी, बिजली तथा सिविल कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को प्लांट की वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप बिजली एवं पानी की मांग का विस्तृत आकलन तैयार करने को कहा।
जल उपलब्धता के संबंध में चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि क्षेत्र में सतही जल स्रोत सीमित हैं तथा निकटवर्ती खड्डों एवं नालों में वर्षभर पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं रहता। ऐसे में केंद्रीय भूजल बोर्ड के विशेषज्ञों की सहायता से भूजल उपलब्धता का वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराया जाएगा तथा आवश्यकता के अनुसार एक से अधिक ट्यूबवेल स्थापित किए जाएंगे, ताकि संयंत्र की जल आवश्यकता निरंतर पूरी की जा सके।
प्रो. चंद्र कुमार ने बताया कि जिला कांगड़ा के ढगवार में स्थापित किया जा रहा अत्याधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र प्रारंभिक चरण में प्रतिदिन 1.50 लाख लीटर (एलएलपीडी) दूध प्रसंस्करण क्षमता का होगा, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 3 लाख लीटर प्रतिदिन किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि संयंत्र के शुरू होने से कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर, मंडी और ऊना जिलों के 35 हजार से अधिक दुग्ध उत्पादकों को सीधा लाभ मिलेगा तथा उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण और वितरण व्यवस्था सुदृढ़ होगी। साथ ही परिवहन, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन तथा रखरखाव जैसी गतिविधियों में भी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
कृषि मंत्री ने कहा कि इस संयंत्र के निर्माण के लिए राज्य सरकार द्वारा पूरी धनराशि उपलब्ध करवाई जा रही है तथा इसका निर्माण कार्य नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह परियोजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। इस अत्याधुनिक संयंत्र में प्रतिदिन 1.50 लाख लीटर दूध का प्रसंस्करण कर दही, लस्सी, मक्खन, घी, पनीर, फ्लेवर्ड मिल्क, खोया तथा मोजरेला चीज सहित विभिन्न डेयरी उत्पाद तैयार किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने तथा किसानों और दुग्ध उत्पादकों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य से प्रदेश में आधुनिक डेयरी अवसंरचना विकसित की जा रही है।
इस अवसर पर मिल्क फेडरेशन के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर ने कहा कि दत्तनगर दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र के निर्माण एवं संचालन से प्राप्त अनुभवों के आधार पर प्रदेश सरकार ने नालागढ़, नाहन, झलेड़ा (ऊना) सहित अन्य नए दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्रों का निर्माण भी राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के माध्यम से करवाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि ढगवार का यह संयंत्र प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, ऊना और हमीरपुर जैसे प्रमुख जिलों के दुग्ध उत्पादकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा। बड़ी संख्या में दुग्ध सहकारी समितियां पंजीकृत हो चुकी हैं और संयंत्र शुरू होने के बाद किसानों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि संयंत्र के संचालन से पूर्व सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए तथा आवश्यक स्वीकृतियां समय रहते प्राप्त कर ली जाएं। मिल्क फेडरेशन के प्रबंध निदेशक अभिषेक वर्मा ने मंत्री को परियोजना की प्रगति से अवगत कराया तथा निर्माण कार्य की विस्तृत प्रस्तुति दी।
बैठक में परियोजना के डिजाइन एवं अन्य तकनीकी पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने सभी विभागों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक के उपरांत कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने ढगवार पहुंचकर अधिकारियों एवं अन्य एजेंसिंयों सहित निर्माणाधीन मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का निरीक्षण किया तथा निर्माण कार्य में लगी एजेंसियों और अधिकारियों को गुणवत्ता बनाए रखते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।