जीवन में स्पष्ट लक्ष्य और अनुशासन ही सफलता की कुंजी : राजेश धर्माणी
औहर स्कूल में विद्यार्थियों के साथ संवाद, विद्यालय के खेल मैदान एवं शौचालयों के निर्माण और सुधार के लिए 55 लाख रुपए देने की घोषणा
घुमारवीं (बिलासपुर) 09 जुलाई: नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि जीवन में स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासन, ईमानदारी और निरंतर मेहनत ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने का आह्वान किया। मंत्री ने यह बात गुरुवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला औहर में आयोजित विद्यार्थियों के साथ संवाद कार्यक्रम के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि विद्यालय में प्राप्त शिक्षा तभी सार्थक होती है, जब उसे व्यवहारिक जीवन में उतारा जाए। विद्यार्थी विद्यालय में जो भी पढ़ते और सीखते हैं, उसे अपने दैनिक जीवन में अपनाने का प्रयास करें। उन्होंने शिक्षकों से भी आग्रह किया कि वे विद्यार्थियों को प्रत्येक विषय को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखें, बल्कि यह भी समझाएं कि उसका वास्तविक जीवन में क्या महत्व है और उसका व्यवहारिक उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है। इससे विद्यार्थियों की समझ, आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता का विकास होगा।
राजेश धर्माणी ने कहा कि दसवीं कक्षा के बाद विद्यार्थी जिस भी विषय कला, वाणिज्य, चिकित्सा, गैर-चिकित्सा अथवा अन्य किसी क्षेत्र का चयन करें, उसे अपने भविष्य के लक्ष्य से जोड़कर करें। सबसे पहले यह तय करें कि वे जीवन में क्या बनना चाहते हैं और किस क्षेत्र में अपनी पहचान स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी आंतरिक प्रतिभा और क्षमताओं को पहचानने का आह्वान करते हुए कहा कि सही निर्णय वही होता है, जो व्यक्ति की रुचि और योग्यता के अनुरूप हो।
विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए मंत्री ने कहा कि वह आज ही अपनी कॉपी पर लिखें कि 25 और 30 वर्ष की आयु तक वह कौन-कौन से लक्ष्य प्राप्त करना चाहते हैं। साथ ही उन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए स्पष्ट कार्ययोजना भी तैयार करें। उन्होंने कहा कि इस दिशा में विद्यार्थी अपने अध्यापकों, माता-पिता तथा आधुनिक तकनीक और डिजिटल माध्यमों की सहायता लेकर अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चे देश और समाज का भविष्य हैं। आज उन्हें जिस प्रकार की शिक्षा, संस्कार, अनुशासन और नैतिक मूल्य दिए जाएंगे, उसी के अनुरूप भविष्य का समाज निर्मित होगा। यदि विद्यार्थी जीवन अनुशासित, उद्देश्यपूर्ण और संस्कारयुक्त होगा तो राष्ट्र का भविष्य भी उज्जवल होगा।
संवाद कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने मंत्री से उनके विद्यार्थी जीवन, संघर्ष और सफलता से जुड़े कई प्रश्न पूछे। इस अवसर पर उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि निरंतर परिश्रम, ईमानदारी और दृढ़ संकल्प ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। जब विद्यार्थियों ने उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि मैंने कभी अपना ईमान नहीं बेचा।ष् उनके इस उत्तर का विद्यार्थियों ने जोरदार तालियों के साथ स्वागत किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विद्यालय के खेल मैदान तथा शौचालयों की स्थिति में सुधार की मांग मंत्री के समक्ष रखी। इस पर राजेश धर्माणी ने विद्यालय के खेल मैदान तथा शौचालयों के निर्माण एवं सुधार कार्य के लिए 55 लाख रुपए उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि स्वीकृत राशि से दोनों कार्य शीघ्र प्रारंभ किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
मंत्री ने विद्यालय परिसर में हींग का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने घरों तथा आसपास के क्षेत्रों में कम से कम एक-एक पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पौधों, जीव-जंतुओं तथा प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना प्रत्येक विद्यार्थी की जिम्मेदारी है तथा पर्यावरण संरक्षण जनभागीदारी से ही संभव है।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा निदेशक नरेश कुमारी, विद्यालय की प्रधानाचार्य सिमरो भटनागर, मुख्य व्यवसायी नंदलाल बोरा, ग्राम पंचायत औहर के प्रधान देशराज, कोठी पंचायत की पूर्व प्रधान सुनीता धीमान के अतिरिक्त विद्यालय के अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे।
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