HISAR, 22.05.22-बहुत चुनौतीपूर्ण था मेरा मिसेज इण्डिया केन्या बन जाना ।
मूल रूप से बिहार में जन्मी और वही पली बढ़ी एवं सारी शिक्षा भी वहीं अर्जित की। प्रतियोगिता के संदर्भ में वे कहती हैं की विश्वास ही नहीं हुआ जब मेरा नाम घोषित किया गया । थोड़ी देर के लिए तो खो सी गयी कहीं । फिर आगे चल कर आई और मेरे सिर पर ताज पहना दिया गया । यह कहना है मिसेज इंडिया केन्या से नवाजी गयी रूही सिंह का । फेसबुक पर जब देखा रूही सिंह को ताज पहने, तो मैसेज कर पूछा यह क्या है ? तब जवाब आया कि प्रतियोगिता पिछले वर्ष यानी सन् 2021 में हुई थी और मैं अभी मिसेज इंडिया केन्या हूं और यह पहली बार ही आयोजित की गयी थी । यह प्रतियोगिता एशियाई मूल की महिलाओं के लिए ही थी इसीलिए इसे मिसेज इंडिया केन्या कहा गया ।
जैसे कि बता चुका हूं कि रूही सिंह मूल रूप से बिहार के चम्पारण क्षेत्र से हैं और इनकी ससुराल बक्सर में है । इसके बाद इनका रहन सहन पटना में हुआ और प्रारंभिक पढ़ाई लिखाई भी । मुजफ्फरपुर के एम डी डी एम काॅलेज से ग्रेजुएशन की और पटना से बी एड । हालांकि जब वे बी एड द्वितीय वर्ष में थीं तब इनकी शादी हो गयी ।
इनका निजी जीवन उतार चढाव से भरा रहा । जब मात्र दो वर्ष की थीं तब माता पिता की एक दुर्घटना में मृत्यु हो गयी । नाना नानी के संग रह कर दसवीं तक की पढ़ाई पूरी की । उनके निधन के बाद फिर दादा के संग रही । दादा ने आगे की पढ़ाई के लिए मुजफ्फरनगर भेजा जहां छात्रावास में भी रहना हुआ । शादी जल्दी हो गयी और पति के केन्या में जाॅब लग जाने से केन्या पहुंच गयीं ।
-कब से हैं केन्या में ?
-पति अंकुर सिंह सन् 2013 में आए और मैं अपनी बी एड पूरी कर सन् 2014 में आई ।
-काॅलेज में क्या शौक रहा ?
-लोकनृत्य । यहां तक कि इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में कोलकाता तक गयी । अनेक पुरस्कार भी जीते नृत्य में ।
-इसके अतिरिक्त और कोई शौक ?
-काव्य लेखन । बचपन से ही कविता लिखती हूं । अभी कोई काव्य संग्रह नहीं आया लेकिन अनेक काव्य संकलनों में मेरी रचनाओं को स्थान मिला है ।
-यह मिसेज इण्डिया केन्या बनने का कैसे ख्याल आया ?
-नहीं । अचानक नहीं । मैं मिसेज इंडिया प्रतियोगिता के लिए सन् 2020 और सन् 2021 को दो बार भारत आई लेकिन कोरोना की वजह है यह प्रतियोगिता रद्द कर दी गयी । फिर मैंने पहली बार हो रही मिसेज इंडिया केन्या में भाग लिया और बन गयी ताज सुंदरी ।
-यह विचार मन में कैसे आया ?
-मेरे माता पिता का निधन हो जाने से मन में उनकी बेटी के रूप में कुछ ऐसा काम करूं कि लोग उनका नाम याद रख सकें । हालांकि पूरे बारह साल मैं आम भारतीय नारी बनी रही और अपनी जिम्मेदारियां निभाती रही । मेरा एक चौदह साल का बेटा है आरूष और पति अंकुर सिंह का बहुत स्पोर्ट मिलता रहा है मुझे । फलस्वरूप इस प्रतियोगिता में विजयी रही ।
-कविता में आपको कौन से कवि पसंद हैं ?
-अमृता प्रीतम , महादेवी वर्मा , लेखिका शिवानी और दुष्यंत कुमार ।
-कोई और शौक भी है आपका ?
-समाजसेवा में भी समय देती हूं और एक संस्था से जुड़ी हुई है जिसके माध्यम से हर बीरवार बच्चों के बीच जाती हूं और उन्हें जरूरत की चीजें हम उपलब्ध करवाते हैं । इससे मन को बहुत सुकून मिलता है ।
-कौन है आपकी आईकाॅन ?
-कोई एक नहीं । मैं काफी सशक्त महिलाओं को देखती हूं और सीखती हूं पर खुद की अलग पहचान बनाना चाहती हूं ।
-कैसा महसूस हुआ था यह प्रतियोगिता जीत कर ?
-बहुत चुनौतीपूर्ण थी । जब नाम घोषित किया गया तो एक पल को विश्वास करना मुश्किल था, बस आगे चल कर आई और ताजपोशी के बाद साथ खड़ी मेरी मित्र थी उससे खुशी से गले लगा लिया । मिसेज इंडिया केन्या बनना एक ख्वाब पूरे होने जैसा है।
हमारी शुभकामनाएं रूही सिंह को ।