खट्टर सरकार में अयोग्य होने के बावजूद चहेतों को बड़े पदों पर नियुक्ति का चल रहा है खेल: अभय सिंह चौटाला

भाजपा गठबंधन सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर, नौकरियों में भाई भतीजावाद है हावी

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के मीडिया एडवाईजर की पत्नी गायत्री रैना आर्य, को गुरुग्राम विश्वविद्यालय, गुरूग्राम, के साइकोलॉजी विभाग में प्रोफेसर के पद पर नियुक्त करने की चल रही है तैयारी

चंडीगढ़, 14 जनवरी: भाजपा गठबंधन सरकार मे भ्रष्टाचार चरम पर है और पिछले सात सालों में जहां भ्रष्टाचार में लिप्त पैसों के लेन-देन के कई घोटाले उजागर हो चुके हैं वहीं भाई भतीजावाद भी पूरी तरह से हावी है और अपने चहेतों को भ्रष्टाचार कर उच्च पद पर बैठाने का खेल चल रहा है। ऐसे ही भ्रष्टाचार का एक ताजा उदाहरण सामने आया है जिसमें दिल्ली में नियुक्त हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के मीडिया एडवाईजर की पत्नी गायत्री रैना आर्य को गुरुग्राम विश्वविद्यालय, गुरूग्राम, के साइकोलॉजी विभाग में प्रोफेसर के पद पर नियुक्त करने की तैयारी चल रही है जिसके लिए सारे नियमों को ताक पर रख कर व्यवस्था प्रणालियों की धज्जियां उड़ाई गई हैं।
इनेलो प्रधान महासचिव एवं ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला ने भाजपा गठबंधन सरकार पर भाई-भतीजावाद के तहत भ्रष्टाचार का बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि हरियाणा प्रदेश के विश्वविद्यालयों में अयोग्य आरएसएस के लोगों और सरकार के चहेतों को उच्च पदों पर बैठा कर शिक्षा का भ_ा बैठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मीडिया एडवाईजर की पत्नी गायत्री रैना आर्य, जो हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में साइकोलॉजी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नियुक्त थी, उन्हें 1 जनवरी 2020 को प्रतिनियुक्ति पर गुरुग्राम विश्वविद्यालय में नियमों के विरुद्ध एसोसिएट प्रोफेसर का कार्यभार दिया गया। गायत्री आर्य जिसको असिस्टेंट प्रोफेसर का पे-स्केल दिया जाना था उसकी जगह इन्हें नियमों के विरुद्ध एसोसिएट प्रोफेसर के पे-स्केल पर तनख्वाह दी गई और डीन ऑफ सोशल साइंस का पद दिया गया। साथ ही अयोग्य होते हुए भी नियमों के विरुद्ध एक साल बाद 5 जनवरी 2021 को पीएचडी के छात्रों को गाइड करने की जिम्मेवारी दे दी गई। 1 साल 9 महीने बाद गुरुग्राम विश्वविद्यालय के साइकोलॉजी विभाग में गायत्री रैना आर्य के लिए प्रोफेसर का पद सृजित किया गया जिसका साक्षात्कार 20 जनवरी 2022 को होना है। ज्ञात रहे हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर आज भी गायत्री रैना आर्य असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हैं।
अभय सिंह चौटाला ने दावा किया कि गुरुग्राम विश्वविद्यालय, गुरूग्राम, के साइकोलॉजी विभाग में प्रोफेसर का पद गायत्री रैना के लिए विशेष रूप से सृजित किया गया है। यहां एक बात बड़ी हैरान करने वाली है कि भाजपा गठबंधन सरकार ने शीतकालीन सत्र में एक विधेयक पास किया था जिसमें विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए एचपीएससी को अधिकृत किया गया था, उसे भी दरकिनार किया जा रहा है।