घुमारवीं (बिलासपुर), 13 अक्तूबर: नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं में विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को तनावमुक्त रहकर प्रत्येक परिस्थिति में बेहतर प्रदर्शन करने, अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखने तथा सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनने के साथ-साथ व्यवहार और जीवन कौशल को भी अपने व्यक्तित्व का हिस्सा बनाना चाहिए, ताकि वे जीवन की विभिन्न चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक सहित आधुनिक तकनीकी विकास से जुड़े विषयों पर सवाल-जवाब किए। उन्होंने कहा कि आज के बदलते दौर में विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की तथा विद्यार्थियों को देश और दुनिया की जरूरतों को समझते हुए अपनी सोच को व्यापक बनाने के लिए प्रेरित किया।
राजेश धर्माणी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब वे पहली बार विधायक बने थे, तब उन्होंने तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी के समक्ष बिलासपुर जिले में केंद्रीय विद्यालय न होने का विषय उठाया था। उनके प्रयासों के बाद केंद्रीय विद्यालय खोलने की दिशा में पहल हुई। उन्होंने बताया कि जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया में समय लगने के कारण विद्यालय का अपना भवन अभी तक निर्मित नहीं हो पाया है। अब जमीन शिक्षा विभाग के नाम हो चुकी है और सरकार इसे केंद्रीय विद्यालय संगठन को लीज पर उपलब्ध करवा रही है, ताकि विद्यालय के स्थायी परिसर के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।
उन्होंने कहा कि विद्यालय अस्थायी रूप से गल्र्स स्कूल के भवन में संचालित हो रहा है। विद्यालय में सुरक्षा और पर्याप्त स्थान से जुड़ी कुछ कमियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिल सके।
संवाद के दौरान विद्यार्थियों की प्लस वन की पढ़ाई, विज्ञान प्रयोगशाला और कंप्यूटर लैब के उपयोग से संबंधित विषयों पर भी चर्चा हुई। विद्यार्थियों ने प्रयोगशालाओं तथा खेल मैदान की सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग रखी। मंत्री ने इन आवश्यकताओं पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को विद्यालय के खेल मैदान में विद्यार्थियों के लिए अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय को खेल सामग्री भी प्रदान की, जिससे विद्यार्थी खेल गतिविधियों में अधिक सक्रियता से भाग ले सकें।
श्री धर्माणी ने कहा कि ऐसे संवाद का उद्देश्य केवल जानकारी साझा करना नहीं, बल्कि बच्चों की सोच विकसित करना और उन्हें समाज, देश तथा दुनिया की बदलती जरूरतों से परिचित करवाना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने, नई चीजें सीखने तथा समाज के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी रुचि के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के साथ-साथ सर्वांगीण विकास पर भी ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने मोरसिंघी स्थित खेल छात्रावास का भ्रमण करवाने की विद्यार्थियों की मांग पर भी सकारात्मक आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के आने-जाने और खानपान की व्यवस्था की जाएगी, ताकि वे छात्रावास में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे खिलाड़ियों से बातचीत कर सकें, उनकी उपलब्धियों से प्रेरणा ले सकें तथा उनकी दिनचर्या, अनुशासन, समय प्रबंधन और कठिन परिश्रम को नजदीक से समझ सकें।
उन्होंने कहा कि बच्चों को उनकी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने के लिए बेहतरीन वातावरण और अनुकूल व्यवस्था उपलब्ध करवाना सरकार, शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों को उचित अवसर, संसाधन और मार्गदर्शन मिले तो वे अपनी क्षमता से भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं और जीवन में नए मुकाम हासिल कर सकते हैं।
इस अवसर पर केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं की प्रिंसिपल रिंकू कुमारी सहित विद्यालय के अन्य अध्यापक भी उपस्थित रहे।