एचआरटीसी सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार: राहुल कुमार
बिलासपुर, 24 जून। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के चालक-परिचालक यूनियन द्वारा प्रस्तावित हड़ताल के मद्देनजर जिला प्रशासन बिलासपुर ने आम जनता को निर्बाध परिवहन सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कदम उठाए गए हैं।उपायुक्त ने बताया कि जिला बिलासपुर में वर्तमान में BLASPU25.06.26-Rएचआरटीसी की 113 बसें विभिन्न रूटों पर अपनी सेवाएं प्रदान कर रही हैं। इसके अतिरिक्त लगभग 200 निजी बसें भी जिले में संचालित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी की सेवाओं में किसी भी प्रकार का व्यवधान आने की स्थिति में आम लोगों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
राहुल कुमार ने बताया कि जिले में एचआरटीसी के 118 चालक तथा 120 परिचालक कार्यरत हैं। राज्य सरकार के निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा अस्थायी चालकों एवं परिचालकों की भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। उन्होंने बताया कि चयनित अस्थायी चालक एवं परिचालकों को 1500 रूपए प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने जानकारी दी कि भर्ती प्रक्रिया के पहले ही दिन लगभग 200 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिससे पर्याप्त संख्या में वैकल्पिक मानव संसाधन उपलब्ध होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त परिवहन सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए होमगार्ड विभाग से भी सहयोग लिया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा लगभग 15 से 20 होमगार्ड जवानों को परिचालक तथा लगभग 10 जवानों को चालक के रूप में उपलब्ध करवाने हेतु अनुरोध किया गया है।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा से बचाना है तथा आवश्यकतानुसार सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर परिवहन सेवाओं को सुचारू बनाए रखा जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन स्थिति पर निरंतर नजर बनाए हुए है और आवश्यकतानुसार आगे भी उचित कदम उठाए जाएंगे ताकि आम जनता को परिवहन संबंधी कोई परेशानी न हो।
]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]]
मुख्यमंत्री सहारा योजना के लाभार्थी सात दिनों के भीतर करवाएं ई-केवाईसी : डीसी
बिलासपुर, 25 जून: उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने मुख्यमंत्री सहारा योजना के सभी वर्तमान लाभार्थियों से अपील की है कि वे आगामी सात दिनों के भीतर अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लें। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता का लाभ भविष्य में भी बिना किसी बाधा के मिलता रहे, इसके लिए समयबद्ध ई-केवाईसी कराना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार के निर्णयानुसार मुख्यमंत्री सहारा योजना का प्रशासनिक नियंत्रण स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से स्थानांतरित होकर अब सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग तथा अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के सशक्तिकरण निदेशालय हिमाचल प्रदेश के अधीन कर दिया गया है। विभाग द्वारा वर्तमान लाभार्थियों का रिकॉर्ड अद्यतन करने तथा सहायता राशि का नियमित भुगतान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ई-केवाईसी अभियान प्रारंभ किया गया है। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त लाभार्थियों की सूची के आधार पर संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी दूरभाष के माध्यम से लाभार्थियों से संपर्क कर रहे हैं।
उन्होंने ने बताया कि ई-केवाईसी के लिए लाभार्थियों को आधार कार्ड, आधार से लिंक बैंक खाते की पासबुक अथवा बैंक खाते की प्रति, सहारा योजना स्वीकृति के आधार पर जारी चिकित्सीय अभिलेख, स्वास्थ्य विभाग के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी दीर्घकालिक उपचार अथवा बीमारी संबंधी प्रमाण-पत्र तथा आवश्यकता होने पर स्थायी अक्षमता अथवा असमर्थता संबंधी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने होंगे। योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार अन्य आवश्यक दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लाभार्थी गंभीर रूप से बीमार हैं अथवा बिस्तर पर हैं, उन्हें स्वयं कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे मामलों में उनके अभिभावक, परिवार के सदस्य अथवा निकट संबंधी आवश्यक दस्तावेज संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय में जमा कर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सहारा योजना के अंतर्गत अब नए आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ई-कल्याण पोर्टल के जरिए स्वीकार किए जाएंगे। पात्र व्यक्ति किसी भी लोकमित्र केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ आधार कार्ड, बोनाफाइड हिमाचली प्रमाण-पत्र, बीपीएल प्रमाण-पत्र अथवा सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी चार लाख रुपये वार्षिक से कम आय का प्रमाण-पत्र, चिकित्सा अभिलेख, स्वास्थ्य विभाग के सक्षम चिकित्सा प्राधिकारी द्वारा जारी बीमारी संबंधी प्रमाण-पत्र, आवश्यकता अनुसार अक्षमता अथवा असमर्थता संबंधी प्रमाण-पत्र तथा बैंक खाते का विवरण अपलोड करना अनिवार्य होगा।
-000-
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सहारा योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के ऐसे गंभीर रोगियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है, जो पार्किंसन रोग, कैंसर, लकवा, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया, तीव्र अथवा दीर्घकालिक गुर्दा विफलता सहित अन्य गंभीर एवं दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित हैं और जिनकी कार्य करने की क्षमता स्थायी रूप से प्रभावित हो चुकी है। योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को प्रतिमाह 3,000 रुपए की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जाती है।
जिला कल्याण अधिकारी रमेश बंसल ने सभी पात्र लाभार्थियों एवं आमजन से आग्रह किया कि वे योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए अपने निकटतम तहसील कल्याण अधिकारी अथवा जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय से संपर्क करें तथा निर्धारित समयावधि में सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर मुख्यमंत्री सहारा योजना का लाभ निर्बाध रूप से प्राप्त करें।
Bilaspur, District Bilaspur (H.P.)