जिला चंबा में पर्यटन की अपार संभावनाएं, ग्रामीण पर्यटन को आजीविका से जोड़ना महत्वपूर्ण : उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल
विश्व पर्यटन दिवस पर दवाट महादेव में विशेष कार्यक्रम आयोजित
उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल
चंबा, 27 सितंबर-उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने कहा कि जिला चंबा में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं तथा ग्रामीण पर्यटन को स्थानीय आजीविका से जोड़ना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उपायुक्त आज विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर ‘चलो चंबा’ के अंतर्गत दवाट महादेव में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
उपायुक्त ने समस्त जिलावासियों को विश्व पर्यटन दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पर्यटन केवल प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने का माध्यम ही नहीं, बल्कि स्थानीय समुदायों की आजीविका को सशक्त बनाने का भी महत्वपूर्ण साधन है।
उपायुक्त ने कहा कि चंबा जिला प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक स्थलों तथा ग्रामीण जीवन की विशिष्ट परंपराओं के कारण पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण संभावनाएं रखता है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को स्थानीय समुदायों की आजीविका से जोड़कर युवाओं, महिलाओं तथा स्वयं सहायता समूहों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक भोजन, कृषि, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद तथा होमस्टे ग्रामीण पर्यटन की महत्वपूर्ण ताकत हैं। इनके संरक्षण एवं संवर्धन के साथ पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर उपलब्ध होंगे। इस दौरान उपायुक्त ने विभिन्न स्वयं सहायता समूह के द्वारा लगाई गई सदस्यों का अवलोकन भी किया।
उपायुक्त ने कहा कि डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रभावी उपयोग कर चंबा के पर्यटन स्थलों, स्थानीय उत्पादों तथा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जा सकता है। इससे पर्यटकों को बेहतर जानकारी एवं सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ स्थानीय पर्यटन व्यवसायों को नए बाजारों से जोड़ने में भी सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन को स्थानीय आजीविका, सामुदायिक सहभागिता, संस्कृति, पारंपरिक ज्ञान तथा स्थानीय उत्पादों से जोड़ना रहा। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न स्वयं सहायता समूहों द्वारा स्थानीय उत्पादों एवं पारंपरिक खाद्य पदार्थों की प्रदर्शनी एवं प्रस्तुति दी गई।
हिम सखी, हिम स्वाद, गाबदिका तथा द्वाट महादेव स्वयं सहायता समूहों द्वारा स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक खाद्य पदार्थों को प्रदर्शित किया गया। स्थानीय पारंपरिक व्यंजनों के माध्यम से क्षेत्र की समृद्ध पाक विरासत को पर्यटन अनुभव के रूप में प्रस्तुत किया गया।
पाहाड़ ट्रस्ट द्वारा पारंपरिक बीजों एवं स्थानीय कृषि ज्ञान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। वहीं एडवेंचर गतिविधियों से संबंधित उपकरणों एवं आवश्यक जानकारी को लेकर ज्ञानवर्धक सत्र भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान लोक नृत्य, गांव भ्रमण, अनुभव साझा करना तथा पौधारोपण सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं।
इस दौरान उपायुक्त एवं अन्य अधिकारियों ने स्थानीय होमस्टे का दौरा कर संचालकों तथा ग्रामीण समुदाय के साथ संवाद किया। उन्होंने ग्रामीण पर्यटन, स्थानीय आतिथ्य, पारंपरिक भोजन तथा पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध करवाने से जुड़ी संभावनाओं की जानकारी भी ली।
इस अवसर पर मिस्टिक विलेज खज्जियार एवं मिस्टिक विलेज दवाट महादेव के समुदायों ने भी सक्रिय सहभागिता दर्ज की। सामुदायिक प्रतिनिधियों ने स्थानीय संस्कृति, परंपराओं तथा ग्रामीण पर्यटन से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम के आयोजन एवं सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने में नॉटऑनमैप की टीम ने भी महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। स्थानीय समुदायों, पर्यटन हितधारकों एवं संबंधित संस्थाओं के समन्वय से कार्यक्रम को सफल एवं सार्थक रूप प्रदान किया गया।
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर सुराल, डलहौजी तथा खज्जियार में भी विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों में स्थानीय समुदायों, पर्यटन हितधारकों तथा संबंधित संस्थाओं ने सहभागिता की।
इस अवसर पर जिला पर्यटन विकास अधिकारी राजीव मिश्रा, जिला राजस्व अधिकारी विक्रमजीत सिंह, अर्थशास्त्री ग्रामीण विकास विभाग विनोद कुमार सहित पर्यटन गतिविधियों से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूह एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।