इनेलो पार्टी की युवा विंग, छात्र विंग आईएसओ और कानून प्रकोष्ठ ने पूरे हरियाणा के सभी जिलों में नीट पेपर लीक मामले पर जोरदार प्रदर्शन किए और सभी जिलों के उपायुक्तों को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपे
देश अघोषित आपातकाल की ओर बढ़ रहा है, जो सरकार अपने युवाओं से डरती है वह देश का भविष्य नहीं बना सकती: प्रो. सम्पत सिंह
जो सरकार अपने ही युवाओं से डरती है, वह देश का भविष्य नहीं बना सकती, लाठीचार्ज करवाने पर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री देश के छात्रों और उनके अभिभावकों से सार्वजनिक रूप से मांगे माफी
चंडीगढ़, 24 जुलाई। इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय संरक्षक एवं हरियाणा के पूर्व गृह मंत्री प्रो. सम्पत सिंह ने शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित इनेलो पार्टी मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर बताया कि आज इनेलो पार्टी की युवा विंग, छात्र विंग आईएसओ और कानून प्रकोष्ठ ने पूरे हरियाणा के सभी जिलों में नीट पेपर लीक मामले पर जोरदार धरना प्रदर्शन किए और सभी जिलों के उपायुक्तों को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपे। उन्होंने जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा पेपर लीक विवाद को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और छात्राओं पर पुलिस द्वारा नुकीली कील लगी लाठियों से किए गए बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज, आंसू गैस और पैलेट गन का इस्तेमाल करने की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह केवल छात्रों पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र, संविधान और देश के भविष्य पर हमला है। नीट पेपर लीक की न्यायिक जांच करवाए सरकार।
प्रो. सम्पत सिंह ने कहा कि सरकार छात्रों के सवालों का जवाब देने की बजाय डराने और बल प्रयोग का रास्ता अपना रही है। उन्होंने कहा कि देश धीरे-धीरे अघोषित आपातकाल की ओर बढ़ रहा है। लोकतंत्र में जनता की आवाज़ सुनी जाती है, उसे लाठियों से नहीं दबाया जाता। उन्होंने कहा कि आज के युवा और छात्र देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। यदि सरकार उनकी आवाज़ को कुचलने का प्रयास करेगी तो इसका नुकसान पूरे देश को होगा। इतिहास गवाह है कि जनता की आवाज़ को ताकत के बल पर दबाने वाली सरकारें कभी सफल नहीं होतीं।
प्रो. सम्पत सिंह ने कहा कि एक शिक्षक होने के नाते उन्हें सबसे अधिक पीड़ा इस बात की है कि किताबें लेकर चलने वाले छात्रों का स्वागत न्याय से नहीं बल्कि बैरिकेड और लाठियों से किया गया। कोई भी छात्र अपनी पढ़ाई छोडक़र सडक़ पर बैठने के लिए मजबूर नहीं होता, जब तक व्यवस्था उसे निराश न कर दे। उन्होंने कहा कि हर पेपर लीक केवल एक परीक्षा नहीं बिगाड़ता, बल्कि लाखों छात्रों की मेहनत और उनके माता-पिता के वर्षों के त्याग और सपनों को भी तोड़ देता है। छात्र किसी प्रकार की राहत या दान नहीं मांग रहे हैं, बल्कि निष्पक्ष, पारदर्शी और पेपर लीक मुक्त परीक्षा व्यवस्था तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अपना संवैधानिक अधिकार मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री फास्ट ट्रैक अदालत की बात कर रहे हैं। सच्चाई यह है कि पहले भी कई बार फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई गई लेकिन उनका केस निपटाने की दर मात्र 9 प्रतिशत ही रही है।
प्रो. सम्पत सिंह ने कहा कि लगातार तीसरी बार सरकार बनने से प्रधानमंत्री तानाशाह बन गए हैं इसलिए देश की विपक्षी पार्टियों को तोड़ रहे हैं। इनेलो पार्टी संविधान और लोकतंत्र में विश्वास रखती है। लोकतंत्र डर और दमन से नहीं चलता। सरकारें जनता की बात सुनकर विश्वास जीतती हैं, आवाज़ दबाकर नहीं। छात्रों ने देश को निराश नहीं किया है, बल्कि सरकार अपने छात्रों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रही है। प्रो. सम्पत सिंह ने मांग करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री देश के छात्रों और उनके अभिभावकों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत इस्तीफा दें। जंतर-मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई की जांच किसी वर्तमान या सेवानिवृत्त हाईकोर्ट के न्यायाधीश से कराई जाए। जिन छात्रों की मृत्यु हुई है, उनके परिवारों को 1-1 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। छात्र प्रतिनिधियों से तुरंत बातचीत शुरू की जाए।