एचटेट परीक्षा-2024 की आंसर शीट तुरंत सुरक्षित करें सरकार – दिग्विजय चौटाला

एचटेट परीक्षा परिणाम घोटाले की हर हाल में सीबीआई जांच हो – दिग्विजय चौटाला

चंडीगढ़, 30 अप्रैल। जननायक जनता पार्टी के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने एक बार फिर से वर्ष 2024 के एचटेट परीक्षा परिणाम घोटाले की सीबीआई जांच करवाने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के आज सैकड़ों कर्मचारी काम छोड़कर बोर्ड के खिलाफ धरने पर बैठे है, ऐसे में हरियाणा सरकार को इस मामले की गंभीरता को समझते हुए इसकी सीबीआई जांच करवानी चाहिए। दिग्विजय चौटाला ने कहा कि बोर्ड द्वारा एचटेट-2024 परीक्षा की आंसर शीट नष्ट करने की आशंका के चलते कर्मचारियों द्वारा इसका विरोध करने पर बोर्ड द्वारा उन पर एक्शन लेने की धमकी देकर डराने की कोशिश की जा रही है। दिग्विजय ने कहा कि बोर्ड के कर्मचारियों का साफ-साफ कहना है कि यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है और इस बीच बोर्ड ओएमआर शीट को नष्ट करने में लगा हुआ है ताकि घोटाले से संबंधी कोई रिकॉर्ड बोर्ड के पास न बचे।

दिग्विजय ने कहा कि पिछले चार महीनों से जेजेपी लगातार इस बड़े घोटाले की जांच की मांग उठा रही है। यहां तक कि जेजेपी और इनसो ने प्रदेशभर में प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल के नाम अनेक सबूतों के साथ ज्ञापन भी सौंपे। दिग्विजय ने कहा कि लंबे समय से इस गंभीर मामले पर सरकार की चुप्पी से ये जाहिर होता है कि भाजपा सरकार बिना पर्ची और बिना खर्ची का ढोंग कर रही है और गड़बड़ी करने वाले लोगों को बचाने में लगी हुई है। दिग्विजय ने कहा कि सरेआम एचटेट परीक्षा परिणाम में बड़ा घोटाला किया गया है और यह लाखों युवाओं के साथ बड़ा धोखा है। उन्होंने कहा कि इस घोटाले की सही से जांच न होने और घोटाला करने वाले सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होने तक जेजेपी शांत नहीं बैठेगी। दिग्विजय ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने इस घोटाले पर कोई एक्शन नहीं लिया तो जेजेपी-इनसो बड़ा आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि सरकार तुरंत इस घोटाले से संबंधित ओएमआर शीट व अन्य संबंधित सभी रिकॉर्ड को सुरक्षित करें ताकि इस मामले की सही से जांच हो सके और दोषियों को सजा मिल सके।

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हिसार पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर नए नोटिस जारी, जेजेपी कार्यकर्ताओं के परिवार पहुंचे हाईकोर्ट
छोटे बच्चों को हथियार से डराने और जातिसूचक शब्द कहने पर डीजीपी और हिसार पुलिस को हाईकोर्ट से नोटिस
चंडीगढ़, 30 अप्रैल।16-17 अप्रैल की रात को हिसार में जेजेपी कार्यकर्ताओं के घरों में अवैध रूप से घुसने और दहशत फैलाने के मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने नए नोटिस जारी किए हैं। जेजेपी कार्यकर्ता गौरव सैणी और विजेंद्र धानक के परिवारजनों की ओर से दायर याचिका पर हाइकोर्ट ने तुरंत सुनवाई करते हुए प्रतिवादी पक्ष को नोटिस जारी किया है। याचिका में हरियाणा के डीजीपी, हिसार के पुलिस अधीक्षक, उप अधीक्षक, सीआईए इंचार्ज समेत कई पुलिस कर्मचारियों को प्रतिवादी बनाया गया है। गौरव सैणी की पत्नी की याचिका पर अगली सुनवाई 20 मई को और विजेंद्र धानक की बेटी की याचिका पर अगली सुनवाई 27 मई को होगी।

जेजेपी कार्यकर्ता गौरव सैणी की पत्नी की तरफ से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि रात करीब 4 बजे पुलिस ने जबरदस्ती घर में घुसकर सबको डराया-धमकाया और दहशत फैलाई। उन्होंने कोर्ट में दी अपील में कहा कि सादे कपड़ों में घुसे लोगों ने हथियारों के साथ सबको डराया और महिलाओं के प्रति अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। इस कार्रवाई के दौरान गौरव सैणी के दस वर्षीय बेटे को हथियार से डराया-धमकाया गया जिससे वो आज भी दहशत में है। बच्चे के सामने ही उसके पिता के साथ दुर्व्यवहार किया गया। इसके अलावा घर में घुसे लोग अपने साथ सीसीटीवी की फुटेज की रिकॉर्डिंग वाला डीवीआर भी अपने साथ ले गए जिसमें परिवार की निजी वीडियो और रात के इस घटनाक्रम की वीडियो भी थी। याचिका में कहा गया है कि 24 अप्रैल को विस्तृत शिकायत दिए जाने के बाद भी आज तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।

वहीं जेजेपी कार्यकर्ता विजेंद्र धानक की बेटी की तरफ से दी गई याचिका में भी हिसार पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। विजेंद्र धानक की बेटी ने कहा है कि वे पांच बहनें हैं और 16 अप्रैल की रात को घुसे लोगों ने नाबालिग बच्चियों के सामने उनके पिता को हथियार दिखाकर डराया गया। याचिका में कहा गया है कि सीसीटीवी फुटेज की रिकॉर्डिंग का डिवाइस उतारने के लिए एक शख्स सोते हुए बच्चों के कमरे में घुसा और उनके बैड पर चढ़कर डीवीआर उतारी और उस दौरान उसने एक बच्ची के पैर पर पैर रखा। सुबह करीब 4 बजे हुई इस कार्रवाई में विजेंद्र धानक के लिए उसके बच्चों के सामने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। इन सभी घटनाओं की जानकारी के साथ दी गई शिकायत पर एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई हिसार पुलिस की तरफ से नहीं की गई है।

दोनों याचिकाओं में इन परिवारों द्वारा हिसार पुलिस को दी गई शिकायत पर कार्रवाई करवाने और आरोपी लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई के बाद इस विषय में प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया गया है। इन याचिकाओं पर अगली सुनवाई 20 और 27 मई को होगी।