चंडीगढ़, 27 अप्रैल। शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्र हित में सोमवार को हिसार के क्रांतिमान पार्क में एक बड़ी महापंचायत हुई। देश एवं प्रदेश से उमड़ी भारी भीड़ के बीच खाप प्रतिनिधियों ने छात्रों की मांगों को लेकर 31 सदस्यीय कमेटी का गठन किया और सरकार को पांच दिन का अल्टीमेटम दिया है। इस दौरान प्रतिनिधियों ने हिसार के डिविजनल कमिश्नर और आईजी को ज्ञापन सौंपा और अपनी मांगें उनके समक्ष रखी। छात्र हित महापंचायत के अध्यक्ष अनंतराम तंवर ने कहा कि छात्रों को आ रही दिक्कतों को लेकर अनेक खाप प्रतिनिधियों, सामाजिक लोगों, राजनेताओं व छात्र संगठनों ने मिलकर महामंथन किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द कोई उचित कदम सरकार द्वारा नहीं उठाया गया तो दोबारा बड़ी पंचायत का आयोजन करके कोई बड़ा फैसला लिया जाएगा।
बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने कहा कि वे इस पूरे मामले को देश की संसद में उठाएंगे और आवाज बुलंद करेंगे। उन्होंने कहा कि जननायक चौधरी देवीलाल, चौ. चरण सिंह जैसे महापुरुषों की तरह हम सबको मिलकर अंतिम छोर तक शिक्षा पहुंचाने के लिए लड़ाई लड़नी होगी। यादव ने कहा कि पंचायतों का आयोजन किसी विशेष धर्म मजहब के लिए नहीं होता बल्कि अन्याय के खिलाफ लड़ने के लिए होता है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था को खत्म करने की सोच रखती है इसलिए आज पूंजीवादी एवं अंधभक्त हावी है। वहीं सरकार ने देश में रोजगार की व्यवस्था को बिगाड़ कर रख दिया है। हिसार घटनाक्रम के लिए पुलिस और बीजेपी सरकार की निंदा करते हुए कहा पप्पू यादव ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री से यहां के लोगों को कोई उम्मीद नहीं है इसलिए हमें न्याय के लिए दिल्ली से लड़ाई लड़नी होगी।
पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि उनका मकसद शिक्षण संस्थानों के हो रहे भगवाकरण से बचाना है। उन्होंने कहा कि आज सभी शिक्षण संस्थानों में सेमिनार के जरिए एक विचारधारा का पाठ पढ़ाकर छात्रों की सोच सीमित रखने की साजिश की जा रही है। इतना ही नहीं बीजेपी की बैठकें भी विश्वविद्यालयों में हो रही है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि वे बतौर छात्र महापंचायत में आए सभी खाप प्रतिनिधियों से अपील करते है कि आज एजुकेशन सिस्टम को बचाने की जरूरत है। वहीं विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती में भी सरकार बाधा बन रही है। दुष्यंत ने कहा कि जब कोई सरकार की इन सभी गलत नीतियों के खिलाफ आवाज उठाता है तो सरकारी तंत्र का प्रयोग करके उसकी आवाज को दबाया जाता है। उन्होंने हिसार में पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि छात्रों और कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस ने अत्याचार किया है और उन्हें न्याय मिलना चाहिए।
युवा नेता दिग्विजय चौटाला ने कहा कि अपनी आवाज उठाने और दो गमले टूटने के जुर्म में छात्रों के साथ आतंकवादी जैसा व्यवहार करना कतई जायज नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा से जुड़े संगठन एबीवीपी, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद को विश्वविद्यालयों में कार्यक्रम करने की तुरंत अनुमति दे दी जाती है, जबकि संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर, शहीद भगत सिंह, जननायक चौधरी देवीलाल जैसे महापुरुषों की विचारधारा पर चलने वाले संगठनों को शिक्षण संस्थानों में अपनी बात रखने का अधिकार नहीं दिया जा रहा है। इतना ही नहीं भाजपा से जुड़े संगठन के कार्यक्रमों के लिए स्टाफ से पर्ची के नाम पर लूट मचाई जा रही है। वहीं हरियाणा में बाहरी राज्य के लोगों को उच्च पदों पर बैठाया जा रहा है। महापंचायत में दिग्विजय ने हरियाणा में प्रत्यक्ष रूप से छात्र संघ चुनाव करवाने की मांग भी उठाई।
महापंचायत में शामिल हुए अनेक छात्र संगठनों द्वारा फीस बढ़ोत्तरी, शिक्षा का निजीकरण, छात्रों के साथ प्रताड़ना व आत्महत्या के मामले, अपने हकों की आवाज उठाने पर पुलिस द्वारा मुकदमें दर्ज करना, छात्रावास में खराब खाना और रहने के उचित व्यवस्था न होने जैसे अनेक गंभीर मुद्दे उठाए गए। छात्र नेताओं का साफ कहना था कि आज सरकार शिक्षा का निजीकरण करने पर तुली हुई है और इसकी वजह से शिक्षा व्यवस्था ठप होती जा रही है। आम घरों के बच्चों के लिए शिक्षा बहुत महंगी हो गई है, जिससे युवा अपने सपने साकार नहीं कर पा रहे है। सरकार केवल लोगों को धर्म मजहब के नाम बांट रही है। विश्वविद्यालयों के संचालन में सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है, जिसके कारण शिक्षा व्यवस्था का संचालन पूंजीवादी लोग करने में लगे हुए है और स्कूल-कॉलेज केवल व्यापार का अड्डा बन कर रह गए है। विश्वविद्यालयों में सेल्फ फाइनेंस कोर्स बंद होने चाहिए और सरकार को युवाओं के लिए मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था करनी चाहिए। इस अवसर पर पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ नेता डॉ अजय सिंह चौटाला, पूर्व विधायक राजदीप फौगाट, रमेश खटक, रामकुमार कटवाल, अमरजीत ढांडा, सर्वजातीय जाटू खाप 84 के प्रधान कैप्टन भीम सिंह मिताथल, अखिल भारतीय भट्ट कल्याण सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकुमार भट्ट, झोरड़ खाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद झोरड़, काजला राष्ट्रीय खाप के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मांगेराम काजला, सर्वजातीय कंडेला खाप के प्रधान चौ. ओमप्रकाश कंडेला, खेड़ा खाप प्रधान सतबीर शर्मा, सिंहमार खाप प्रतिनिधि महेंद्र सिंह, दहाड़न खाप के पूर्व प्रधान सूरजभान घसो, सोमदत्त शर्मा थूवा-तपा, भीम आर्मी शेखर रंगा, संतलाल अंबेडकर, राखी 12 खाप के उपप्रधान युद्धवीर ढांडा, भ्याण जागलान खाप के प्रधान राजकुमार प्रिंसीपल, मौन खाप राष्ट्रीय अध्यक्ष दलबीर सिंह, नैन खाप के पूर्व प्रवक्ता मास्टर राजेंद्र सिंह, सतगामा सुनारिया खाप के प्रधान जयकुमार बुधवार, ओमप्रकाश कलकल, नैन खाप के उपप्रधान भगत सिंह नैन, बलवान दनौदा, खाप 84 के प्रधान छेलूराम चेयरमैन, सांगवान खाप के प्रतिनिधि ताराचंद, कुंडू खाप के युवा प्रधान मनदीप कुंडू, छात्र संगठनं
एएसएपी, पीएसएफ, डीएएसएफआई, एएमवीए, एआईडीएसओ, आईएसएफ, डीएसई छात्र नेता प्रदीप देशवाल, दीपक मलिक, दीपक धनखड़, सतीश, सुधीर, सुमेश वापोड़ा, उमेश मोरिया, आदित्य नैन, ऊमांषी लांबा, जोगेंद्र नंदा, गुरमेल सिंह, अज्जू घणघस, हरकेश ढांडा, मंजू जाखड़, उर्वशी अरोड़ा, सपना सिंह, हरेंद्र बैनीवाल, विशेष अहलावत, मनोज सिवाच सहित अनेक खाप प्रतिनिधि, छात्र संगठन, सामाजिक संगठन, किसान नेता, व्यापार मंडल सदस्य, अधिवक्ता, राजनेता, सरपंच, पूर्व सरपंच और भारी संख्या में महिला आदि मौजूद रहे।