डाटा एकत्रीकरण में सटीकता एवं गुणवत्ता का रखें ध्यान : गंधर्वा राठौड़
आर्थिकी एवं सांख्यिकी विभाग की कार्यशाला में डीसी ने अधिकारियों से की अपील
सही डाटा के आधार पर ही बनाई जा सकती हैं प्रभावी योजनाएं

हमीरपुर 09 फरवरी। उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने सभी अधिकारियों से अपील की है कि वे फील्ड में किसी भी तरह का डाटा एकत्रित करते समय इसकी सटीकता एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। क्योंकि, सभी तरह की योजनाएं हमेशा फील्ड के डाटा के आधार पर ही तैयार की जाती हैं और अगर डाटा सटीक होगा तो उससे संबंधित योजना तैयार करने में आसानी होगी तथा उस योजना का क्रियान्वयन भी बेहतर एवं प्रभावी ढंग से संभव होगा। सोमवार को यहां हमीर भवन में आर्थिकी एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के उदघाटन सत्र को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने यह अपील की। विभागीय अधिकारियों के लिए आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिला में डाटा एकत्रीकरण की प्रक्रिया में सुधार लाना है।
उपायुक्त ने कहा कि जनसंख्या, आर्थिक सर्वेक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, रोजगार, उद्यमिता, कृषि, पशुपालन और विकास के अन्य महत्वपूर्ण मानकों से संबंधित डाटा विभिन्न विभागों के माध्यम से नियमित रूप से एकत्रित किया जाता है तथा उसके आधार पर ही सरकार योजनाएं बनाती हैं। इसी डाटा के आधार पर देश, प्रदेश और जिले की परफॉर्मेंस का पता चलता है। जिला सुशासन सूचकांक में भी इसी डाटा के आधार पर रैंकिंग की जाती है। इससे सरकार को विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में महत्वपूर्ण फीडबैक भी मिलता है। उपायुक्त ने सभी विभागों के जिला प्रमुखों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने कार्यालयों में डाटा एकत्रीकरण के लिए एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें और अपने डाटा को हर समय अपडेट रखें।
इस अवसर पर जिला सांख्यिकीय अधिकारी अशोक कुमार ने उपायुक्त और अन्य सभी अधिकारियों का स्वागत किया तथा डाटा एकत्रीकरण की प्रक्रिया एवं डाटा के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी। सांख्यिकीय सहायक जीवन कुमार ने डाटा एकत्रीकरण में आने वाली विभिन्न समस्याओं और इसकी गुणवत्ता के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं तथा जिला सुशासन सूचकांक के मानकों से अवगत करवाया।
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हमीरपुर के 1,10,309 बच्चों एवं नवयुवाओं को दी जाएगी कृमिनाशक दवा
इसी माह के आखिरी सप्ताह में सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों को किया जाएगा कवर

हमीरपुर 09 फरवरी। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत इस माह के आखिरी हफ्ते में जिला हमीरपुर के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों और शिक्षण संस्थानों में एक से 19 साल तक के सभी बच्चों, किशोरों और नवयुवाओं को कृमि नाशक दवाई एल्बेंडाजोल दी जाएगी। इसके साथ ही एक से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक भी दी जाएगी। इस विशेष अभियान की तैयारियों और स्वास्थ्य विभाग के अन्य टीकाकरण एवं प्रतिरक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने यह जानकारी दी।
उपायुक्त ने बताया कि बच्चे के पेट में कृमि होने पर उसका शारीरिक विकास प्रभावित हो सकता है और वह अनीमिया जैसी बीमारी की चपेट में भी आ सकता है। इसलिए, 19 वर्ष तक के हर बच्चे एवं युवा के लिए कृमिनाशक दवाई बहुत ही जरूरी है। जिला में एक से 19 साल तक के 1,10,309 बच्चों एवं नवयुवाओं को यह दवाई दी जाएगी। इनमें से एक से 5 वर्ष तक के 24,748 बच्चों को विटामिन-ए की दवाई भी दी जाएगी। बच्चों में आंखों की समस्याओं के निवारण के लिए यह दवाई बहुत जरूरी है।
उन्होंने कहा कि इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों और आशा वर्करों के साथ-साथ शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास, पंचायतीराज तथा अन्य संबंधित विभागों की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण है। इसलिए, सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए इस अभियान को पूर्णतयः सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रवासी बच्चे और किन्हीं कारणों से स्कूल छोड़ चुके बच्चे भी इस अभियान में विशेष रूप से कवर होने चाहिए।

जिला में स्वास्थ्य विभाग के अन्य प्रतिरक्षण एवं टीकाकरण कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि कई गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए छोटे बच्चों को अलग-अलग समय पर कुल 12 प्रकार की वैक्सीन दी रही हैं और जिला में इसकी कवरेज की प्रतिशतता काफी अच्छी है। जिला में 99.83 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी भी अस्पतालों में ही हो रही है।
उपायुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों की गंभीर बीमारियों का इलाज एवं सर्जरी निशुल्क की जाती है। छोटे बच्चों के कटे होंठ की प्लास्टिक सर्जरी और अन्य बड़े ऑपरेशन भी मुफ्त किए जाते हैं। पिछले लगभग एक वर्ष के दौरान जिला के 16 ऐसे बच्चों के ऑपरेशन पीजीआई चंडीगढ़, आईजीएमसी शिमला और अन्य बड़े अस्पतालों में निशुल्क किए गए हैं।
बैठक में सीएमओ डॉ. प्रवीण चौधरी और जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय अत्री ने विभिन्न कृमि मुक्ति दिवस और अन्य प्रतिरक्षण कार्यक्रमों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर सभी बीएमओ और अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।