धर्मशाला, 27 जनवरी। उपमुख्य मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को कांगड़ा जिला में पेयजल तथा सिंचाई की योजनाओं को समयबद्व पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
सोमवार को धर्मशाला के परिधि गृह में कांगड़ा जिला में जल शक्ति विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि कांगड़ा जिला में गत तीन वर्षों में सबसे ज्यादा 354 पेयजल योजनाएं स्वीकृत की गई हैं इस पर करीब 3240 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि सभी पेयजल, सिंचाई तथा सीवरेज योजनाओं की नियमित तौर पर माॅनिटरिंग सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त कदम उठाए जाएं ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने कांगड़ा जिला के विभिन्न शहरों में कार्यान्वित की जा रही सीवरेज योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि सीवरेज योजनाओं के निर्माण में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला के बैजनाथ, पालमपुर, नगरोटा, कांगड़ा, नुरपुर, ज्वाली, देहरा, धर्मशाला तथा ज्वालाजी के लिए सीवरेज योजनाएं स्वीकृत की गई हैं इस के लिए करीब 433 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही एडीबी प्रोजेक्ट के तहत कांगड़ा जिला में 39 पंचायतों में बेहतर पेयजल योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गई है।ृ उ
उन्होंने कहा कि फिन्ना सिंह मध्यम सिंचाई योजना के लिए 300 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। ज्वाली विधानसभा क्षेत्र के लिए 213.40 करोड़ रुपये की सुकाहार मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए स्वीकृत किए गए हैं। पालमपुर के लिए केएफडी वितपोषित पेयजल, सीवरेज के लिए 135 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं इसके साथ ही देहरा विस क्षेत्र में 22 स्कीमों के जल संशोधन तथा युवी फिल्टरेशन के लिए 43 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है देहरा में नाबार्ड के तहत 46 करोड़ पेयजल योजनाओं के लिए स्वीकृत किए गए हैं।
देहरा क्षेत्र में केन्द्रीय विश्वविद्यालय परिसर के लिए ब्यास नदी से 1987.87 लाख रुपये की पेयजल योजना वन्य प्राणी परिसर योजना पर कार्य चल रहा है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने अधिकारियों से बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध करवाने को लेकर सुझाव तथा विस्तार से चर्चा भी की गई। इससे पहले मुख्य अभियंता दीपक गर्ग ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए कांगड़ा जिला में जल शक्ति विभाग की स्कीमों को लेकर विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विधायक आशीष बुटेल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।