डाटा संग्रह प्रणाली सुदृढ़ करने पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन, उपायुक्त राहुल कुमार बोले योजनाओं की सफलता के लिए सटीक डाटा जरूरी

बिलासपुर, — जिला मुख्यालय स्थित लेकव्यू होटल में अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा डाटा संग्रह प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एकदिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का विषय डाटा संग्रह तंत्र में सुधार रहा, जिसमें प्रशासनिक व्यवस्था में डाटा की केंद्रीय भूमिका पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

कार्यशाला में उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए कहा कि डाटा किसी भी शासन व्यवस्था की आधारशिला होता है और प्रदेश सरकार की योजनाओं की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उपलब्ध डाटा कितना सटीक, सत्यापित और विश्वसनीय है। उन्होंने कहा कि प्रमाणिक डाटा ही साक्ष्य आधारित प्रशासन को संभव बनाता है और बिना गुणवत्तापूर्ण डाटा के न तो योजनाओं की सही रूपरेखा बन सकती है और न ही उनके प्रभाव का यथार्थ मूल्यांकन किया जा सकता है।

उपायुक्त ने कहा कि डाटा संग्रह की प्रक्रिया को एकरूप, सुव्यवस्थित और व्यावहारिक बनाना समय की आवश्यकता है, ताकि नीति निर्माण और प्रशासनिक निर्णय अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी और जनोन्मुखी बन सकें। उन्होंने जानकारी दी कि जिले में एक जिला स्तरीय तंत्र लागू किया गया है, जिसके माध्यम से समय पर, सटीक, विश्वसनीय और तुलनात्मक डाटा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि साक्ष्य आधारित योजना निर्माण, नीति निर्धारण तथा विकास कार्यक्रमों के मूल्यांकन को प्रभावी समर्थन मिल सके।

उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन शीघ्र ही एक विशेष वेब पेज तैयार कर रहा है, जिसमें जिले से संबंधित विभिन्न क्षेत्रों का समेकित और प्रमाणिक डाटा उपलब्ध रहेगा। यह वेब प्लेटफॉर्म न केवल प्रशासनिक अधिकारियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा, बल्कि शोधकर्ताओं, योजनाकारों और आम नागरिकों के लिए भी सूचना का एक विश्वसनीय स्रोत बनेगा।

कार्यशाला के दौरान डाटा संग्रह तंत्र से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों, फील्ड स्तर पर आने वाली समस्याओं तथा उनके समाधान पर गहन चर्चा की गई। इस दौरान यह भी रेखांकित किया गया कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग तथा मानव संसाधन का नियमित प्रशिक्षण डाटा की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

इस अवसर पर उपायुक्त राहुल कुमार ने सभी जिला वासियों से भी अपील की कि जब भी कोई भी अधिकृत व्यक्ति डाटा संग्रह के लिए फील्ड में आए, तो उसे हमेशा सही और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि सरकार द्वारा आपके लिए तैयार की जा रही योजनाओं का लाभ आपको सीधे मिल सके। उन्होंने कहा कि गलत या भ्रामक जानकारी देने से न केवल शासन की योजनाएं प्रभावित होती हैं, बल्कि इसका सीधा नुकसान आम लोगों को भी उठाना पड़ता है।

इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर, सभी उपमंडल अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए डाटा संग्रह प्रक्रिया को और अधिक सरल, तेज और भरोसेमंद बनाने के सुझाव दिए।