उपायुक्त मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित

सड़क सुरक्षा व यातायात नियमों के प्रति जागरूकता ही दुर्घटनाओं में कमी लाने एक मात्र माध्यम

चम्बा, 27 जनवरी-उपायुक्त मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में आज जिला सड़क सुरक्षा समिति बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में उन्होंने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के अंतर्गत जिले में संचालित विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की।

उपायुक्त ने जनहित में जागरूकता गतिविधियों को और अधिक बढ़ाए जाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित कर जिले के सभी उपमंडल मुख्यालयों, बस स्टैंड, टैक्सी स्टैंड इत्यादि प्रमुख स्थानों पर वाहन चालकों की नेत्र जांच के लिए विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने इसके साथ ही संबंधित विभागीय अधिकारियों को शिक्षण संस्थानों में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक अभियान आरंभ करने को भी कहा।

मुकेश रेपसवाल ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वाहन दुर्घटना की स्थिति में घायलों की तत्परता से सहायता करने वाले नागरिकों (राहवीरों) के नाम फर्स्ट रिपोर्ट में अनिवार्य रूप से दर्ज किए जाएँ, ताकि उन्हें उचित सम्मान एवं पहचान मिल सके। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को ओवरलोडिंग के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को अधिक से अधिक जागरूक करने तथा नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

उपायुक्त ने कहा कि हिट एंड रन मामलों में पीड़ितों को कैशलेस उपचार तथा प्रावधानों के अनुसार गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को 50 हजार रुपये एवं मृत्यु की स्थिति में परिजनों को दो लाख रुपये तक की सहायता राशि प्रदान करने के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित बनाई जाए।

उपायुक्त ने जिले में दुर्घटना मृत्यु दर (एक्सीडेंट मॉर्टेलिटी रेट) से संबंधित आंकड़ों पर विस्तृत समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को इनमें कमी लाने के लिए ठोस और बहुस्तरीय उपायों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने सभी नागरिकों से अपनी तथा दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सड़क सुरक्षा नियमों का दृढ़ता एवं जिम्मेदारी के साथ पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन तथा यातायात नियमों के प्रति जागरूकता ही दुर्घटनाओं में कमी लाने और अनमोल जीवन की रक्षा का प्रभावी माध्यम है।

बैठक में पुलिस अधीक्षक विजय कुमार सकलानी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम भारद्वाज, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी राम प्रकाश, अधिशासी अभियंता जोगिंदर शर्मा, अध्यक्ष व्यापार मंडल वीरेंदर महाजन तथा नगर परिषद की कनिष्ठ अभियंता नितिका ठाकुर सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के हित में, भ्रामक सूचनाओं से बचें : परवेश ठाकुर

चम्बा, 27 जनवरी-वरिष्ठ अधिशासी अभियंता, विद्युत मण्डल एचपीएसईबीएल, चम्बा परवेश ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड द्वारा राज्य सरकार के निर्देशानुसार प्रदेश में पुराने विद्युत मीटरों को चरणबद्ध रूप से स्मार्ट मीटरों से प्रतिस्थापित किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत अब तक अनेक घरेलू, सरकारी, औद्योगिक एवं वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के परिसरों में स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि बोर्ड के संज्ञान में आया है कि कुछ स्थानों पर स्मार्ट मीटरों को लेकर भ्रामक जानकारियाँ एवं गलत धारणाएँ फैलाई जा रही हैं, जिसके कारण कुछ उपभोक्ताओं द्वारा स्मार्ट मीटर स्थापना का विरोध किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह से सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप लगाए जा रहे हैं तथा ये पूर्णतः उपभोक्ताओं के हित में हैं।

वरिष्ठ अधिशासी अभियंता ने कहा कि स्मार्ट मीटर विद्युत खपत का सटीक, पारदर्शी एवं वास्तविक मापन सुनिश्चित करते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को केवल अपनी वास्तविक खपत के अनुसार ही बिजली बिल का भुगतान करना पड़ता है। यदि किसी उपभोक्ता को अपनी विद्युत खपत अथवा बिल को लेकर कोई शंका या शिकायत हो, तो वह संबंधित विद्युत कार्यालय से संपर्क कर सकता है। प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से निपटारा किया जाएगा तथा आवश्यकता होने पर नियमानुसार जांच एवं मीटर परीक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर स्थापना के दौरान कार्यरत सभी कर्मचारी एचपीएसईबीएल के अधिकृत प्रतिनिधि हैं। यदि कोई उपभोक्ता मीटर बदलने में अनावश्यक बाधा उत्पन्न करता है या सरकारी कार्य में रुकावट डालता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित उपभोक्ता की होगी।

अंत में उन्होंने सभी विद्युत उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की, ताकि यह जनहितकारी योजना सुचारू रूप से पूर्ण की जा सके और उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर प्रणाली के समस्त लाभ प्राप्त हो सकें।