बिलासपुर 17 जनवरी 2026-घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पलासला ग्राम पंचायत में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान तकनीकी शिक्षा
मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मनरेगा को समाप्त अथवा कमजोर करने का प्रयास देश के गरीबों, मजदूरों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मेहनतकश लोगों की आजीविका पर सीधा हमला है।
उन्होंने कहा कि यह योजना केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि करोड़ों गरीब परिवारों के लिए सम्मानजनक जीवन और काम के अधिकार की गारंटी रही है। मनरेगा के जरिए ग्रामीण मजदूरों को अपने ही गांव में रोजगार मिला और पलायन पर रोक लगी।
राजेश धर्माणी ने कहा कि कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने इस ऐतिहासिक योजना को लागू कर गरीब मजदूरों को स्वाभिमान के साथ जीने का अधिकार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार मनरेगा को समाप्त करने या निष्प्रभावी बनाने पर आमादा है, जिससे ग्रामीण गरीबों का काम का अधिकार छिनने की स्थिति पैदा हो रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस फैसले के खिलाफ मनरेगा बचाओ महासंग्राम अभियान पंचायत स्तर तक चलाएगी। इस अभियान के माध्यम से गरीबों, मजदूरों और भूमिहीन किसानों के हक की आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा और केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों को बेनकाब किया जाएगा।
राजेश धर्माणी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने देश में धर्म के नाम पर लोगों को बांटने का काम किया है, जबकि कांग्रेस हमेशा सामाजिक न्याय, समानता और गरीबों के अधिकारों की पक्षधर रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा को बचाने की इस लड़ाई में जनता की एकजुटता बेहद जरूरी है और उन्होंने सभी वर्गों से अपील की कि वे इस जनआंदोलन में कांग्रेस का साथ दें और गरीबों-मजदूरों के हक की इस लड़ाई को मजबूती प्रदान करें।