*पीसी-पीएनडीटी एक्ट पर ज़िला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक आयोजित*
*बालिका सशक्तिकरण व संतुलित लिंगानुपात सुनिश्चित करने को निरंतर प्रयास : मुख्य चिकित्सा अधिकारी*
ऊना, 05 जनवरी. मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. संजीव कुमार वर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को पीसी-पीएनडीटी एक्ट को लेकर गठित ज़िला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें समिति के सरकारी एवं गैर-सरकारी सदस्यों ने सहभागिता की। बैठक में ज़िले में बालिका संरक्षण, महिला सशक्तिकरण तथा संतुलित लिंगानुपात बनाए रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि ज़िले में बाल लिंगानुपात को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरंतर निगरानी, जागरूकता एवं प्रवर्तन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता के साथ निगरानी रखी जा रही है तथा समय-समय पर सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जाता है।
उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में ज़िले में 27 अल्ट्रासाउंड केंद्र एवं एक आईवीएफ केंद्र पंजीकृत हैं, जहां सभी वैधानिक प्रावधानों का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक किसी भी क्षेत्र से कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, जो स्वास्थ्य विभाग की पारदर्शी एवं सख्त निगरानी व्यवस्था को दर्शाता है।
डाॅ. वर्मा ने कहा कि पीसी एवं पीएनडीटी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से कन्या संरक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है तथा कानून के तहत सभी आवश्यक कदम सुनिश्चित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि आगामी समय में खंड स्तर पर बैठकें आयोजित की जाएंगी तथा पंचायत स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य संबंधी सूचना बोर्ड स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही ज़िले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में बाल लिंगानुपात से संबंधित आंकड़ों के संधारण के लिए पृथक रजिस्टर रखना अनिवार्य किया जाएगा, ताकि निगरानी व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके।
बैठक में जिला परिषद सदस्य बसाल उर्मिला शर्मा, पंचायत प्रधान धर्मपुर सुभद्रा देवी, पंचायत प्रधान बाथू सुरेखा राणा, पंचायत प्रधान हरोली रमन कुमारी सहित चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी सुखदीप सिंह, डाॅ. एकता तथा डाॅ. विकास चैहान सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
=================================================
एससी आयोग के अध्यक्ष कुलदीप धीमान से मिले डॉ. भीमराव अंबेडकर जनकल्याण फाउंडेशन के पदाधिकारी, विभिन्न मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
ऊना, 5 जनवरी। हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप धीमान से आज(सोमवार) को रामपुर में उनके कार्यालय में डॉ. भीमराव अंबेडकर जनकल्याण फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने मुलाकात की। इस दौरान फाउंडेशन के राज्य अध्यक्ष दुर्गा दास हीरा ने अनुसूचित जाति समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
इस अवसर पर राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप धीमान ने फाउंडेशन के पदाधिकारियों को आश्वस्त किया कि आयोग दलित समाज के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है और उठाए गए सभी मुद्दों पर गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि धर्मशाला में अनुसूचित जाति की लड़की की मौत के मामले में कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक से विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है तथा मामले की निष्पक्ष जांच करवा कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू इस मामले को लेकर स्वयं चिंतित हैं और उन्होंने टेलीफोन के माध्यम से पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
श्री धीमान ने एक अन्य मुद्दे पर जानकारी देते हुए कहा कि हाल ही में जिन लेक्चरर की प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति हुई है, उनमें अनुसूचित जाति वर्ग का कोई भी लेक्चरर पदोन्नत नहीं हुआ है। इस मामले को भी सरकार एवं संबंधित विभाग के समक्ष जांच हेतु उठाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुसूचित जाति वर्ग के प्रत्येक व्यक्ति को उसका अधिकार मिलना चाहिए, यह उसका संवैधानिक हक है।
उन्होंने अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों से अपील की कि वे आयोग द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं का लाभ उठाएं तथा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति आयोग दलित परिवारों के अधिकारों एवं हितों की रक्षा के लिए पूर्ण रूप से समर्पित है।
इसके अलावा फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष नरेश कुमार ने अनुसूचित जाति समाज के लोगों को बंगाणा में संबंधित स्थानीय श्मशान घाट में शवदाह से रोके जाने की घटना को लेकर भी आयोग के अध्यक्ष को लिखित शिकायत सौंपी।
इस अवसर पर आयोग के सदस्य विजय डोगरा, सदस्य सचिव विनय मोदी सहित फाउंडेशन के राज्य अध्यक्ष दुर्गा दास हीरा, राज्य सचिव गुरमैल सिंह, जिलाध्यक्ष नरेश कुमार, उपाध्यक्ष हरि चन्द संधू, उपाध्यक्ष बिम्बो देवी, मीडिया प्रभारी सुलिन्द्र चोपड़ा सहित अन्य पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
======================================
सड़क सुरक्षा फिल्म महोत्सव को लेकर 15 फरवरी तक जमा करवा सकते हैं प्रविष्टियां
ऊना, 5 जनवरी। हिमाचल प्रदेश परिवहन निदेशालय द्वारा सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के अंतर्गत “सड़क सुरक्षा-फिल्म महोत्सव” का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य लघु फिल्मों एवं वीडियो के माध्यम से आम नागरिकों कीरचनात्मक भागीदारी सुनिश्चित करते हुए सड़क सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता को सुदृढ़ करना है।
यह महोत्सव सभी सड़क उपयोगकर्ताओं-चालकों, पैदल यात्रियों एवं यात्रियों को जिम्मेदार व्यवहार के लिए प्रेरित करेगा तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और अमूल्य जीवन की रक्षा हेतु सामूहिक प्रतिबद्धता को सशक्त बनाएगा। परिवहन विभाग ने सभी नागरिकों से सड़क सुरक्षा विषय पर लघु फिल्म/वीडियो को 15 फरवरी, 2026 तक जमा करवाने का आग्रह किया है।
*18 वर्ष से अधिक आयु के प्रतिभागी ले सकेंगे भागक्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) ऊना, अशोक कुमार ने बताया कि “सड़क सुरक्षा-फिल्म महोत्सव” के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर हिंदी या अंग्रेज़ी भाषा में लघु वीडियो बनाकर भाग ले सकता है। प्रतियोगिता से संबंधित नियम एवं शर्तेंhttps://roadsafety.hp.gov.in/storage/files/tenders/sadak-suraksha-film-mahotsav.pdf लिंक से डाउनलोड की जा सकती हैं।
*पात्रता एवं मानदंड
इस प्रतियोगिता में आम नागरिक, विद्यार्थी तथा पेशेवर फिल्म निर्माता भाग ले सकते हैं। न्यूनतम आयु 18 वर्ष (10 दिसंबर, 2025 को या उससे पूर्व) निर्धारित की गई है। देश के सभी राज्यों से प्रविष्टियाँ आमंत्रित हैं। सड़क सुरक्षा पर आधारित फिल्म हिंदी या अंग्रेज़ी भाषा में अधिकतम 5 मिनट अवधि की होनी चाहिए।
*सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाग्तियों को मिलेंगे पुरस्कार
आरटीओ ने बताया कि महोत्सव में चयनित सर्वश्रेष्ठ फिल्मों को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। 18 से 25 वर्ष, 25 से 32 वर्ष, 32 से 40 वर्ष तथा 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की श्रेणियों में प्रत्येक श्रेणी में 25 हजार रुपये, प्रमाण पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, 20 विशेष पुरस्कार भी दिए जाएंगे, जिनमें प्रत्येक पुरस्कार में 5 हजार रुपये एवं प्रमाण पत्र शामिल होगा। साथ ही, सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।