छकोह गांव में पहली बार गोभी के बीज उत्पादन की शुरुआत
बिलासपुर 6 जनवरी: छकोह गांव में पहली बार गोभी के बीज का उत्पादन शुरू किया गया है। यह जानकारी बीपीएम जाईका पवन कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि यह पहल भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, कृषि विभाग तथा जाइका के संयुक्त प्रयासों से की गई है। इस परियोजना से क्षेत्र के किसानों के लिए नई संभावनाएं उत्पन्न हुई हैं।
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत लगभग 18 बीघा भूमि में किसानों द्वारा गोभी की बीज फसल लगाई गई है। साथ ही किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से जाइका के कृषि विशेषज्ञ समय-समय पर खेतों का निरीक्षण कर रहे हैं और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा आवश्यकता अनुसार कीटनाशक, पेस्टिसाइड तथा अन्य कृषि सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो सके।
उन्होंने बताया कि किसानों ने इस पहल के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, कृषि विभाग और जाइका का आभार व्यक्त किया है। किसानों का कहना है कि इस प्रयास से आने वाले समय में उनकी आय में वृद्धि होगी और क्षेत्र को बीज उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।

=========================================

यूको आरसेटी बिलासपुर में युको बैंक के 84वें फांउडेशन डे पर हुआ मशरुम उत्पादन प्रशिक्षण का शुभारंभ

बिलासपुर, 6 जनवरी: यूको ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान बिलासपुर द्वारा बिलासपुर में यूको बैंक का 84वां स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर मशरुम उत्पादन का 10 दिवसीय निशुल्क प्रशिक्षण शिविर शुरू किया गया। इस प्रशिक्षण का शुभारम्भ अग्रणी जिला प्रबंधक चन्द्र शेखर यादव ने किया।
इस मौके पर चन्द्र शेखर यादव ने विचार सांझा करते हुए प्रशिक्षुओं को स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि वह स्वरोजगार के तौर पर मशरुम उत्पादन सहित अन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़कर अपनी आजीविका कमा सकते हैं। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा लोगों से यूको आरसेटी द्वारा समय-समय पर आयोजित किये जा रहे इन प्रशिक्षण शिविरों का लाभ उठाने का भी आहवान किया है।
संस्थान के निदेशक अजय कुमार शर्मा ने बताया कि यूको ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा चलाया जा रहा है। इसके माध्यम से जिला के बेरोजगार ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार के लिए कई गतिविधिओं में निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। अब तक जिला में बहुत से युवाओं ने इस सुविधा का लाभ उठाया है। उन्होंने बताया कि संस्थान ग्रामीण क्षेत्र के 18 से 50 वर्ष के युवाओं के लिए विभिन्न गतिविधिओं में प्रशिक्षण प्रदान करता है जिनमें ड्रेस डिजाईनिंग, ब्यूटीपार्लर, रेशम कीटपालन, मशरूम उत्पादन, दुग्ध उत्पादन, बैग बनाना, खिलौना बनाना, कंप्यूटर बेसिक, मोटर ड्राविंग आदि शामिल हैं।
उन्होंने लोगों को बैंक द्वारा चलाई जा रही अटल पैंशन योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, बीमा योजना आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैंकों द्वारा स्वरोजगार के लिए मुद्रा लोन, पीएमईजीपी, पीएमएफएमई, स्टैंड अप-इंडिया और बहुत सी अन्य ऋण सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाती है। इच्छुक प्रशिक्षणार्थी यूको आरसेटी बिलासपुर में कोई भी बताये गए प्रशिक्षणों का निशुल्क लाभ उठाने के लिए पंजीकरण करवा सकते ।

==================================================

बिलासपुर में आवासीय नगर विकसित करने की संभावनाओं को लेकर हिमुडा की संयुक्त टीम ने किया स्थलीय निरीक्षण
बिलासपुर, 06 जनवरी: प्रदेश सरकार के नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी के निर्देशों पर हिमाचल प्रदेश शहरी विकास प्राधिकरण (हिमुडा) की एक संयुक्त टीम ने आज जिला बिलासपुर में आवासीय नगर विकसित करने की संभावनाओं को लेकर भूमि की तलाश के दृष्टिगत क्षेत्र का दौरा किया। इस टीम ने एम्स के समीप स्थित कोठीपुरा, ओयल तथा औहर क्षेत्रों का मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया। इस टीम में हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाछटा, हिमुडा निदेशक मण्डल सदस्य जितेंद्र चंदेल, मुख्य अभियंता सुरेंद्र वशिष्ठ सहित हिमुडा के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मौके पर विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए भूमि की व्यवहारिकता, भविष्य की विस्तार संभावनाओं और नियोजित विकास के दृष्टिगत इन स्थलों का गहनता से अध्ययन किया।
हिमुडा अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य भविष्य में बिलासपुर क्षेत्र में बढ़ती आवासीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऐसी उपयुक्त भूमि का चयन करना रहा, जहां सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सुनियोजित आवासीय नगर विकसित किया जा सके। टीम द्वारा संभावित स्थलों की भौगोलिक संरचना, भूमि की उपलब्धता, क्षेत्र की कनेक्टिविटी, संपर्क मार्गों की स्थिति तथा बिजली, पेयजल, सड़क और अन्य आधारभूत सुविधाओं की संभावनाओं का विस्तृत तकनीकी आकलन भी किया गया।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य आम जनता को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है तथा ऐसे आवासीय नगर विकसित करने की सम्भावनाओं पर कार्य किया जा रहा है, जो आधुनिक शहरी मानकों के अनुरूप हों और भविष्य की आवश्यकताओं को भी पूरा कर सकें। स्थलीय निरीक्षण के दौरान एकत्रित तथ्यों और तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी, ताकि बिलासपुर क्षेत्र में भी नियोजित आवासीय विकास को आगे बढाया जा सके।