*अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव पर आधारित कॉफी टेबल बुक, देवगाथा और मंडी स्टेट गजेटियर आम जनता के लिए उपलब्ध

*जिला प्रशासन मंडी द्वारा उपायुक्त कार्यालय में आम जनता के लिए अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव पर आधारित कॉफी टेबल बुक 1650 रुपये, मंडी स्टेट गजेटियर (पंजाब गज़ेट) 500 रुपये तथा देवगाथा पुस्तक 400 रुपये में उपलब्ध करवाई जा रही है।

मंडी, 5 जनवरी । जिला प्रशासन मंडी द्वारा उपायुक्त कार्यालय में आम जनता के लिए अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव पर आधारित कॉफी टेबल बुक 1650 रुपये, मंडी स्टेट गजेटियर (पंजाब गज़ेट) 500 रुपये तथा देवगाथा पुस्तक 400 रुपये में उपलब्ध करवाई जा रही है। यह जानकारी उपायुक्त एवं अध्यक्ष अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव समिति अपूर्व देवगन ने दी।

उपायुक्त ने बताया कि मेला समिति द्वारा प्रकाशित कॉफी टेबल बुक " A Timeless Journey Through The Ages" अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के इतिहास और आयोजनों का एक महत्वपूर्ण दृश्य दस्तावेज है। इस पुस्तक में मंडी जिला के गठन से पूर्व के काल से लेकर 20वीं शताब्दी तथा उसके बाद 2025 तक आयोजित शिवरात्रि महोत्सवों के चुनिंदा दुर्लभ फोटोग्राफ संकलित किए गए हैं। इनमें शोभायात्राओं, खेल प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक गतिविधियों और जनभागीदारी को दर्शाया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सदियों से शिवरात्रि महोत्सव मंडी की सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का अभिन्न हिस्सा रहा है। इसमें शामिल अनेक चित्र ऐसे हैं जिन्हें आम जनता ने पहले कभी नहीं देखा, जिससे यह पुस्तक एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज के रूप में उभरती है।

उन्होंने बताया कि देवभूमि हिमाचल की छोटी काशी मंडी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव को देवी-देवताओं के महाकुंभ के रूप में दर्शाने वाली देवगाथा पुस्तक भी उपलब्ध है। इस पुस्तक में मंडी जनपद के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व के साथ-साथ लगभग 216 देवी-देवताओं का इतिहास, देव परंपराएं, आस्था से जुड़े तथ्य तथा देवताओं के रथों की विस्तृत जानकारी दी गई है। यह प्रकाशन शोधार्थियों, पर्यटकों और संस्कृति में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए उपयोगी संदर्भ सामग्री है।

उपायुक्त ने बताया कि मंडी स्टेट गजेटियर 1920 मूल रूप से एक प्रामाणिक संदर्भ ग्रंथ है, जिसमें क्षेत्र के भौगोलिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक-आर्थिक पहलुओं का विस्तृत विवरण मिलता है। यह गज़ेटियर ब्रिटिश काल में “Punjab States Gazetteers, Mandi State” के नाम से प्रकाशित हुआ था। इसका पहला संस्करण 1904–1908 के बीच प्रकाशित हुआ, जबकि 1920 में इसका संशोधित अथवा विस्तारित संस्करण आया। इसमें मंडी क्षेत्र का भूगोल, इतिहास, सामाजिक संरचना, आर्थिक गतिविधियां तथा उस काल से जुड़े छायाचित्रों सहित महत्वपूर्ण जानकारी संकलित है।

उपायुक्त ने जिले के नागरिकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों तथा सांस्कृतिक धरोहर में रुचि रखने वाले पाठकों से आग्रह किया कि वे इन पुस्तकों को अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि ये प्रकाशन न केवल मंडी के गौरवशाली इतिहास, परंपराओं और धार्मिक विरासत को समझने का माध्यम हैं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदर्भ सामग्री के रूप में उपयोगी सिद्ध होंगे।

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*31 मार्च 2026 तक पुराने लंबित तकसीम और निशानदेही के मामलों का निपटारा सुनिश्चित करें :अपूर्व देवगन*

मंडी, 05 जनवरी। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने शनिवार सायं एसडीएम कार्यालय बल्ह मे तहसील बल्ह तथा उप-तहसील रिवालसर के तहत राजस्व से सम्बन्धित मामलों की समीक्षा की।

इस अवसर पर अपूर्व देवगन ने कहा कि राजस्व मामलों के शीघ्र निपटारे को प्रदेश सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की पहल पर प्रदेश भर में इसके लिए राजस्व लोक अदालतों का भी आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंडी जिला में भी पिछले दो साल में राजस्व संबंधी विभिन्न मामलों के निपटारे में गति आई है। उन्होंने राजस्व अधिकारियों का आह्वान किया कि वे तकसीम और निशानदेही के लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करें।

उपायुक्त ने कहा कि राजस्व मामलों के निपटारे में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि 31 मार्च 2026 तक पुराने लंबित तकसीम और निशानदेही के मामलों का निपटारा सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी तरह की ढिलाई सामने आने पर संबंधित अधिकारी अथवा कर्मचारी की जबावदेही सुनिश्चित की जाएगी।

तहसील बल्ह में अप्रैल से दिसंबर 2025 तक फील्ड कानूनगो हटगढ़ द्वारा 41 निशानदेही, 14 हुकमी तकसीम तथा खानदानी तकसीम के मामलों का निपटारा किया गया।फील्ड कानूनगो बल्ह द्वारा इस अवधि में 17 निशानदेही एवं एक तकसीम का मामला निपटाया गया। अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे पैड़ी कानूनगो द्वारा इस अवधि के दौरान 221 तकसीम, 36 हुकमी तकसीम तथा 57 खानदानी तकसीम के मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया।

उप तहसील रिवालसर में अक्तूबर से दिसम्बर 2025 के दौरान रिवालसर फील्ड कानूनगो द्वारा 46 तकसीम एवं 21 निशानदेही के मामलों का निपटारा किया गया। कार्यालय कानूनगो रिवालसर द्वारा 40 निशानदेही के मामलों का निपटारा किया गया। वहीं, लेदा फील्ड कानूनगो द्वारा 32 निशानदेही एवं 5 तकसीम के मामलों का निपटारा किया गया।

इस अवसर पर उपायुक्त ने शेष लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सभी पटवारियों को फर्द कब्जा से संबंधित मामलों का दो सप्ताह के भीतर निपटारा सुनिश्चित करने के आदेश भी जारी किए।

इस अवसर पर उपमंडलाधिकारी (ना.) स्मृतिका नेगी,जिला राजस्व अधिकारी हरीश कुमार सहित राजस्व विभाग के सभी अधिकारी, कानूनगो एवं पटवारी सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।

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*नशामुक्त मंडी अभियान में जनसहयोग जरूरी : अपूर्व देवगन*

*• वर्ष 2025 में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 321 मामले दर्ज, 509 अभियुक्त गिरफ्तार*

*मंडी, 5 जनवरी।* उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में आज पुलिस लाइन स्थित कामाक्षा हॉल में जिला स्तरीय एनकॉर्ड (NCORD) समिति की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में नशे की रोकथाम, नशा तस्करी के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई, अवैध नशीली खेती, नशामुक्ति तथा जन-जागरूकता से संबंधित प्रयासों की विस्तार से समीक्षा की गई।

अपूर्व देवगन ने कहा कि नशीले पदार्थों के उपयोग एवं बिक्री पर पूर्ण रूप से रोक लगाने में जन सहयोग एक महत्वपूर्ण कारक है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन विभिन्न कानूनों के तहत दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कर रहा है, लेकिन समाज की सहभागिता के बिना इस अभियान को पूर्ण सफलता नहीं मिल सकती। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि नशे के सेवन, तस्करी अथवा नशा संबंधित गतिविधियों वाले हॉटस्पॉट की जानकारी ई-मेल dcmandi33@gmail.com अथवा व्हाट्सएप नंबर 9317221001 पर साझा करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

उपायुक्त ने बताया कि नशे की रोकथाम, परामर्श एवं उपचार सेवाओं के लिए नागरिक “ड्रग फ्री हिमाचल” ऐप के साथ-साथ 1800-11-0031, 1933 तथा 14446 नशा मुक्ति हेल्पलाइन नंबरों का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुरूप नशामुक्त मंडी अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत चिट्टे सहित अन्य नशीले पदार्थों के खिलाफ जिला में सजग एवं ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर चिट्टे सहित अन्य नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त, सेवन इत्यादि में कोई सरकारी कर्मचारी भी लिप्त पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी व विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। नशीले पदार्थों की बिक्री एवं सेवन पर रोक के लिए मजबूत निगरानी तंत्र की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने ड्रग निरीक्षक को निर्देश दिए कि प्रतिबंधित दवाइयों की अवैध बिक्री रोकने के लिए केमिस्ट शॉप्स का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए।

साथ ही उन्होंने प्रशिक्षित अध्यापकों एवं ‘अपना विद्यालय’ योजना के अंतर्गत विद्यालय गोद लेने वाले अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि वे विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति निरंतर जागरूक करें तथा उन्हें स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करें।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा ने जानकारी दी कि 1 जनवरी, 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत जिले में 321 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 509 अभियुक्त गिरफ्तार हुए। गिरफ्तार अभियुक्तों में 496 पुरुष एवं 13 महिलाएं शामिल हैं। इस अवधि में पुलिस द्वारा 1.323 किलोग्राम अफीम, 1.116.796 किलोग्राम चिट्टा, 66.166.02 किलोग्राम चरस तथा 1686 प्रतिबंधित दवाइयां जब्त की गईं।

उन्होंने बताया कि वन विभाग द्वारा नशे के स्रोत पर प्रहार करते हुए 1,61,238 अफीम (पॉपी) के पौधों को नष्ट किया गया। वहीं नवंबर एवं दिसंबर, 2025 के दौरान ही 42 मामलों में 64.87 ग्राम चिट्टा, 08.934 किलोग्राम चरस तथा 2.658 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।

बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त जिला की विभिन्न पंचायतों में गठित नशा निवारण समितियों की बैठक भी आज आयोजित की गई। इनमें ग्राम पंचायत धमच्याण, सलापड़, चौंतड़ा, धरमेहड़, रंधाड़ा, भडयाल, सदयाणा तथा लटराण सहित अन्य पंचायतों में भी नशा निवारण समितियों की बैठकें आयोजित कर चिट्टा सहित अन्य नशों को जड़ से उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया गया।